हरमिंदर सिंह का पहला उपन्यास - एच आर डायरीज़ प्रकाशित

हरमिंदर सिंह का पहला उपन्यास हाल ही में प्रकाशित हुआ है. यह पहली बार है कि हिंदी में एच.आर. विभाग (Human Resource Deptt.) पर एक कहानी इस तरह बुनी गयी है. पाठक खुद को शुरू से आखिर तक उससे दूर नहीं होने देंगे.  जो युवा नौकरी करने की शुरुआत में हैं या कर रहे हैं, उन्हें यह जरुर पढ़नी चाहिये. यह कहानी हर नौकरीपेशा को अपनी-सी लगेगी.

पात्र युवा हैं, और संवाद छोटे हैं, जो आजकल कम ही देखने को मिलते हैं. युवाओं की यह कहानी आपको अधिकतर गुदगुदाती रहेगी, कई जगह भावनात्मक क्षण भी आयेंगे.

पाठकों को इसके नायक नायिका - विजय और तारा आपको बेहद पसंद आएंगे.


एच.आर. डायरीज़ का सारांश :
कुछ नौजवान जिन्होंने नयी दुनिया में कदम रखा, उलझ गये दौड़-भाग के पाटों में. जिंदगी की पेचीदगियों को उन्होंने अपनी तरह से हल करने की कोशिश की. अनेक रोचक मोड़ आते गये. वे हंसे, रोये, घबराये, लेकिन रुके नहीं. आखिर में उन्होंने पाया कि नौकरी करना कोई बच्चों का खेल नहीं! उनकी जिंदगी का एक हिस्सा उनसे हर बार सवाल करता है कि यह दौड़ यूं ही क्यों चल रही है? हमें क्यों लगता है कि हम एक जगह बंधे हुए हैं? क्या यह हमारी नियति है?



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4. Pustakmandi : http://bit.ly/2dUJfaz

जल्द एच.आर. डायरीज़ हर बुकस्टोर पर उपलब्ध होगी.
यदि आप उपन्यासकार से कुछ कहना चाहते हैं, तो इस नंबर पर उनसे कभी भी संपर्क कर सकते हैं : 7417558927

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