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वेणीशंकर पटैल 'ब्रज' की ग़ज़लें

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1.    
मेरी यादों की वो खिड़कियां खोलिये
कुछ पुरानी पड़ी चिट्ठियां खोलिये


हाथ अपना बढ़ाना हो मेरी तरफ
बंद हाथों की सब मुट्ठियां खोलिये


घूप इतनी कड़ी कैसे चल पाउंगा
पास अपने हैं जो छतरियां खोलिये


पेट की आग ये फिर बुझेगी तभी
बॉधकर जो रखी रोटियां खोलिये


आसमां से भी आगे है जाना जिन्हें
उन पतंगों की सब डोरियां खोलिये


सच पे परदा यदि दिख रहा है कहीं
मन की ऑखों की सब पट्टियां खोलिये


2.    लुटती है रोज प्यार की बारात देखिये


कितने बदल गये यहाँ हालात देखिये
अब दोस्तों को दुश्मनों के साथ देखिये


कैसे बनेंगे रिश्ते यहाँ प्यार के जनाब
लुटती है रोज प्यार की बारात देखिये


इल्जाम आ न जाये कहीं रहनुमाई पर
बिगड़े अगर जो मुल्क के हालात देखिये


वीरान जिंदगी में मेरी कौन आ गया
दिल पर हुई है नूर की बरसात देखिये


एैसा नजर फरेब है महबूब-ए- 'ब्रज'
ख्वाबों में  हो गयी मुलाकात देखिये


 

 


3.     आजकल
महलों के अंदर कैद है कैसे सबेरे आजकल
छाये हुए हैं मुल्क में गम के अंधेरे आजकल


अब सफर आसां नहीं है लूट लेंगे आबरू
राह में मिल जायेंगे ऐसे लुटेरे आजकल


आस्तीनों में जिनकी पल रहे विषधर जहां
डर रहे हैं  रहनुमाओं से संपेरे आजकल


जब उन्हे मालूम हुआ मैं लिख रहा हॅू फैसले
वो लिफाफे भेजते हैं घर पे मेरे आजकल


रोशनी गायब हुई सीना फुलाये है अंधेरा
जुगनुओं के लग रहे गलियों में फेरे आजकल


फाइलों में कैद हैं 'ब्रज' देखिये सब योजनायें
दफतरों में  घूसखोरों  के हैं डेरे आजकल


4. जंग छोड़कर जो भागे थे उन्हें मशालों से मतलब क्या?


सच के रास्ते खार बिछे हैं महज ख्यालों से मतलब क्या
राहे गुल हो तुम्हें मुबारक  हमें गुलाबों से मतलब क्या


अपने दिल का पन्ना पन्ना कोरा है क्या तुम पढ़ लोगे
अंधियारे से रिश्तेदारी  और उजालों से मतलब क्या


मंजिल पाना है  तो यारों  एक तरीका रखना याद
इम्तिहान हैं कदम कदम पर व्यर्थ सवालों से मतलब क्या


फूल , चांदनी, खुशबू , चंदा सबकी बातें बेमानी हैं
पतझड़ जिनके जीवन में हो उन्हें बहारों से मतलब क्या


व्यर्थ हुआ है इंकलाब के गीत सुनाना उनको भी 'ब्रज'
जंग छोड़कर जो भागे थे उन्हें मशालों से मतलब क्या

       
5.कहाँ जा रहे हो ये नजरें छुपाकर

कहाँ जा रहे हो ये नजरें छुपाकर
हमें देख लो रूख से पर्दा उठाकर


वो पहली मुलाकात है याद अब तक
खड़ी थी वो दॉतों में उंगली दबाकर


करूं उनकी शोखी बयां मैं कहाँ तक
सताते हैं वो मेरे ख्वाबों में आकर


तुम्हारे लिये जान दे दूंगा हॅसकर
हमें देख लेना कभी आजमा कर


'ब्रज' इस जमाने की नजरें बुरी हैं
उन्हें रख लिया मैंने दिल में छुपाकर


6. मैं तुम्हें अच्छी तरह पहचानता हूँ


वक्त के साथ चलना जानता हूँ
जिंदगी है एक दरिया मानता हूँ


मुफ्लिशी में हो रहा एैसे गुजारा
मोड़कर पैरो को चादर तानता हूँ


गैरों के घर पे फेंकते हैं जो पत्थर
राज भी उनके घरों के जानता हूँ


किसी मोड़ पर छुड़ा लोगे दामन
मैं तुम्हें अच्छी तरह पहचानता हूँ


चांद तारे तोड़ने की क्यूं बात करते
बाजुओं में दम है कितना जानता हूँ



              

7. भीड़ अब जुटती नहीं चौपाल पर


नीम की वो छांव बरगद की डगर
याद  आती है मुझे बाली उमर


चीखना भी छोड़ देंगे ये शहर
खेत की सौंधी हवा पी लें अगर


जबसे पड़े हैं गांव में सियासी कदम
भीड़ अब जुटती नहीं चौपाल पर


सूखा पड़ा है वो पुराना ताल अब
कट गये हैं गांव के सारे सजर


नेह की डोर भी टूटी यहाँ
संबंधों में घुल गया कैसे जहर


जख्म इतने दे गया विश्वास में
मुस्कुराहट अब नहीं आती नजर


8. जिस्म के कतरे कतरे बिखर जायेंगे


छोड़कर शाख को हम किधर जायेंगे
मुरझाकर  कली सा  बिखर जायेंगे


जंग छेड़ी तुम्ही ने ये बारूद की
जिस्म के कतरे कतरे बिखर जायेंगे


गिद्ध भूखे बहुत उड़ रहे आसमां में
लाश देखी यहाँ कि उतर जायेंगे


है तन पर सफेदी मगर काम काले
आग उगलेंगे ये ही जिधर जायेंगे


हैं दर दर भटकते देश के नवजवां
टांगे डिग्री गले में किधर जायेंगे


      वेणीशंकर पटैल 'ब्रज'
                   साईंखेड़ा  गाडरवारा
  परिचय
नाम   - वेणीशंकर पटैल
जन्म - 18 अप्रेल 1972
शिक्षा - एम एस सी गणित बी एड
वृत्ति -   अध्यापक 1995 से
प्रकाशन-  कविता संग्रह ''खत लिखना तुम'' 2015
         1986 से लगातार समाचार पत्र नव भारत ,दैनिक
         भास्कर,देशबंधु,राज एक्सप्रेस,स्वतंत्र मत,जबलपुर एक्सप्रेस
           एवं कादम्बिनी  पत्रिका में कविताओं का प्रकाशन
          
प्रसारण - आकाशवाणी के जबलपुर केंद्र से 1996 से    
         युववाणी,कलामे शायर एवं काव्य रस में कविताओं एवं
          गजलों का प्रसारण 

सम्मान - जबलपुर की 'वर्तिका', त्रिवेणी परिषद् एवं पाथेय संस्था
         के साथ चेतना संस्था द्वारा सम्मान
सम्प्रति - वरिष्ठ अध्यापक शासकीय हाई स्कूल बांसखेड़ा
         विकासखंड -साईंखेड़ा

संपर्क - राजपूत कालोनी वार्ड नं 10
        विद्युत मंडल के समीप साईंखेड़ा
        जिला-नरसिंहपुर   पिन -487661

फोन - 07791250086  मोबाइल 9424302205 

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