बुधवार, 9 नवंबर 2016

मधु त्रिवेदी की कविता - नया दौर

मधु त्रिवेदी

नया दौर
********

फैशन की दोड मे सब आगे है
शायद यहीं नया दौर है
मम्मी पापा है परम्परावादी
मूल्यों की वे आधारशिला
वक्त ने बदला हैं उनको बेजोड़
पर मानस में है पुरानी सोच
शायद यहीं नया दौड़ है

भारतीय सभ्यता की है बेकद्री
पाश्चात्य सभ्यता को है ताली
पारलर सैलून खूब सजते
हजारों चेहरे यहाँ पूतते है
मेहनत के धन का दुरूपयोग है
बेबसियों का कैसा दौर है
शायद यहीं नया दौर है

बाला सुंदर सुंदर सजती है
मियाँ जी की कमाई बराबर करती है
टेन्शन खूब बढाती है
अपने को चाँद बना दिखलाती है
प्रिय प्राणेश्वर की दीवाणी है
हरदम न्यौछावर रहने वाली है
शायद यही नया दौर है

हिन्दी पर अंग्रेजी हावी है
भाषा बोलने में खराबी है
अंग्रेजी अपनी दासी है
हिन्दी कंजूसी सिखाती है
ना हम हिंदूस्तानी हैल

बाजार जब मैं जाती हूँ
मम्माओं को स्कर्ट शर्ट,जीन्स टॉप
पहना हुआ पाती हूँ
मम्मा बेटी में नहीं लगता अन्तर
बेटी से माँ का चेहरा
सुहाना है लगता
शायद यहीं नया दौर है

अंग्रेजी पढना शान है
हिन्दी से हानि है
नयी पीढ़ी यहीं समझती है
इसलिये हिन्दी अंग्रेजी गड़बड़ाती
नौनिहालों का बुरा हाल है
माँ को मॉम कहक
पिता को डैड कहकर
हिन्दुस्तान का सत्यानाश है
शायद यहीं नया दौर है

बुजुर्ग वृद्धाश्रम की आन है
घर में नवविवाहिता का राज है
मर्द भी भूल गया पावन चरणों को
जिनकी छाया में में बना विशाल वट है
संस्कृति , मूल्यों का ह्रास हो रहा
पाश्चात्य रंग सभी पर निखर रहा
शायद यही नया दौर है

डॉ मधु त्रिवेदी

संक्षिप्त परिचय
---------------------------

. पूरा नाम : डॉ मधु त्रिवेदी
शान्ति निकेतन कालेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एण्ड कम्प्यूटर साइंस आगरा
      प्राचार्या,पोस्ट ग्रेडुएट कालेज
                    आगरा
स्वर्गविभा आन लाइन पत्रिका
अटूट बन्धन आफ लाइन पत्रिका
झकास डॉट काम
जय विजय
साहित्य पीडिया
होप्स आन लाइन पत्रिका
हिलव्यू (जयपुर )सान्ध्य दैनिक (भोपाल )
अच का हौसला अखबार
लोकजंग एवं ट्र टाइम्स दिल्ली आदि अखबारों
में रचनायें
विभिन्न साइट्स पर परमानेन्ट लेखिका
                                    इसके अतिरिक्त विभिन्न शोध पत्रिकाओं में लेख एवं शोध पत्र
आगरा मंच से जुड़ी

                                                           email -madhuparashar2551974@gmail.com
रूचि --लेखन
           कवितायें ,गजल , हाइकू लेख
           50 से अधिक प्रकाशित
Postal Address

Dr  Madhu  Parashar
123 P P Nagar Sikandra
Agra
Pincode 282007

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------