शनिवार, 31 दिसंबर 2016

मुबारक साल नया / राम कृष्ण खुराना

image

मुबारक साल नया ! भगवान करे इस नये साल में आपका सारा ‘कालाधन’ “गुलाबी” हो जाय ! खुदा करे आपके गुप्त ठिकानो को ई डी वाले खोज न पायें ! आपके बाथरूम में छिपी तिजोरी को कोई भी थपकी देकर खोल न सके ! ईश्वर करे नये साल में आप पर इनकम टैक्स की रेड ना पडे ! अल्लाह करे आपके बैंक का ऐ टी एम कैशलेस न हो और वोह अपना पूरा जबडा खोल कर आपकी जेब भर दे ! इस सर्दी के मौसम में आपकी सारी जेबें गर्म रहें जिससे आपको वार्मर पहनते की जहमत न उठानी पडे !

तैंतीस करोड देवी देवताओं से प्रार्थना है कि जिन गृहणियों ने पत्नी धर्म को निबाहते हुए अपने पतियों की जेब का भार हल्का करके चुराये हुए गुलाबी नोटों को जिस जिस सुरक्षित स्थान पर छुपाया है उस पर किसी मुए की बुरी नज़र न पडे ! देवी माता कृपा करें ऐ टी एम लक्श्मी का रूप बन कर आए और आपको लम्बी-लम्बी लाईनो में खडे रहकर अपनी सास-ननद या पडोसन की चुगली ना करनी पडे ! गुरु जी की कृपा से आपको दो हज़ार के नोट की चेंज़ जल्दी मिल जाय !

[ads-post]

सभी पीर पैगम्बरों को साष्टांग प्रणाम करते हुए अरदास है कि जिस पाजामे के नाडे में आपने अपने काले धन को छिपाया है उस पाजामे को उतरवाने की कोई हिम्मत न कर सके ! हमेशा की तरह इस साल भी आप खूब (काला) धन कमाएँ और नये नये गुप्त ठिकानों की खोज करके उसमे सोने, चान्दी और नोटो का भम्डारण करने में सफल हों !

भगवान से, ईश्वर से, अल्लाह से, खुदा से बिनती है कि आपने जिस जिस गरीब रिश्तेदार या दोस्त के खाते में अपना कालाधन जमा करवाया है वो आपको सही सलामत पूरा का पूरा गुलाबी होकर वापिस मिल जाय !

भगवान करे, ईश्वर करे, अल्लाह करे, खुदा करे कि दो हज़ार के गुलाबी गुलाबी नोट अभी बन्द न हों और आपके लाकर पहले की तरह ही आबाद रहें ! नया वर्ष आपके लिए खुशियां लेकर आए !

नव वर्ष की आप सब को लाख लाख बधाई !

राम कृष्ण खुराना

-------------------------------------------

अपने मनपसंद विषय की और भी ढेरों रचनाएँ पढ़ें -
आलेख / ई-बुक / उपन्यास / कला जगत / कविता  / कहानी / ग़ज़लें / चुटकुले-हास-परिहास / जीवंत प्रसारण / तकनीक / नाटक / पाक कला / पाठकीय / बाल कथा / बाल कलम / लघुकथा  / ललित निबंध / व्यंग्य / संस्मरण / समीक्षा  / साहित्यिक गतिविधियाँ

--

हिंदी में ऑनलाइन वर्ग पहेली यहाँ (लिंक) हल करें. हिंदी में ताज़ा समाचारों के लिए यहाँ (लिंक) जाएँ. हिंदी में तकनीकी जानकारी के लिए यह कड़ी (लिंक) देखें.

-------------------------------------------

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------