रविवार, 18 दिसंबर 2016

"दांत किटकिटाते दोहे" / अखिलेश सोनी

अखिलेश सोनी


निकल आये संदूक से स्वेटर, मफलर, टोप।

ठंड भी ज़िद पे अड़ी, रोक  सके  तो  रोक।।


सुबह  सुनहरी धूप  में, अदरक की  हो चाय।

भजिया  मैथी भाजी के, शाम  ढले हो जाय।।


सर्द  हवाएं  चल   रहीं, बिस्तर  बड़ा  सुहाय।

ऑफिस ना जाना पड़े, ऐसा  कुछ हो  जाय।।


ठंड  कंपाये  हड्डियां, बदन  अकड़ सा  जाय।

रगड़  हथेली  जोर से, कुछ  गरमी आ जाय।।


अलसाया  सूरज  उगा, सुस्त  सुस्त  सा आज।

बादल उसको छेड़ते, अगल  बगल से आज।।


काँप  गया  एक  बारगी मौसम  भी  प्रतिकूल।

छोटे  बच्चे   चल   पड़े, ठिठुरन   में   स्कूल।।


घर   में   दुबके   हैं   सभी, सूनी   हैं  चौपाल।

गरीब  के  भी  तन  ढंकें, दया  करो गोपाल।।


मैथी   के  लड्डू   बने, तिल   के  बने गणेश।

गुड़पट्टी    ऐसी    लुटी, बचे   नहीं   अवशेष।।


कोहरा  दमाशी  करे, धुंध  को  लेकर  साथ।

दिनभर  सबके  बीच  में, हाथ न  सूझे  हाथ।।


- अखिलेश सोनी, इंदौर

+91 94 79 517 064

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परिचय: अखिलेश सोनी

जन्म तारीख :   17 अप्रैल 1973

जन्मस्थान :     पिपरिया, ज़िला-होशंगाबाद (मध्यप्रदेश)

विधा :         ग़ज़ल / गीत / कविता /

सम्प्रति :       सॉफ्टवेर कंपनी में यूजर इंटरफ़ेस डिज़ाइनर


पारिवारिक परिचय:

माता :         श्रीमती लक्ष्मी सोनी

पिता :         श्री ओमप्रकाश सोनी (व्यंग्यकार / साहित्यकार / वरिष्ठ पत्रकार)

पत्नी :         श्रीमती सपना सोनी

पुत्र :           ओजस एवं तेजस

शिक्षा :         उर्दू साहित्य से एम.ए (बरकतउल्लाह यूनिवर्सिटी, भोपाल)

भाषाज्ञान :      हिंदी / अंग्रेजी / उर्दू

वर्तमान पता :   77 जगजीवनराम नगर, पाटनीपुरा चौराहे के पास, इंदौर-452001                (मध्यप्रदेश)

स्थायी पता :    ओम प्रिंटिंग प्रेस, जैन मंदिर के पास, मंगलवार बाजार,                        पिपरिया-461775 ज़िला-होशंगाबाद (मध्यप्रदेश)

 

ई-मेल :        akhileshgd@gmail.com

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