गुरुवार, 15 दिसंबर 2016

शब्द संधान / सूप / डॉ. सुरेन्द्र वर्मा

सुरेन्द्र वर्मा

हम सब केवल सब्जी ही नहीं खाते, सब्जियों का शोरबा भी स्वाद से पीते हैं | इसे झोल या रसा भी कहा जाता है | इसी झोल के लिए अंग्रेज़ी शब्द ‘सूप’ है | आजकल सूप लेना भोजन शिष्टाचार का एक अंग बन गया है | सूप एक प्रकार का खाद्य पदार्थ है जो मीट और सब्जियों जैसी खाद्य सामग्री से बनाया जाता है | किसी भी प्रकार का शोरबा या किसी खाद्य पदार्थ का रसा ही ‘सूप’ होता है | सूप स्वाद और सेहत से भरपूर होते हैं | सर्दी के मौसम में गरम सूप के जायके का कहना ही क्या है !

कई लोगों को यह गलतफहमी है कि हिन्दुस्तानी ज़बान में यह शब्द,’सूप’ अंग्रेज़ी भाषा से आया है | बात संभवत: ठीक इसके विपरीत है | अंग्रेज़ी शब्द भण्डार में तो सूप (soup) बहुत बाद में आया होगा | इसकी उपस्थिति हमें संस्कृत / प्राकृत भाषाओं में बहुत पहले से मिलती है | इसी सूप से रसोइये के लिए प्रयुक्त होने वाले शब्द, ‘सूपकर्ता’,’सूपक’ , ‘सूपकार’, आदि, निर्मित हैं | पूरा का पूरा एक सूपशात्र है | जो भोजन सूप और घृत से समन्वित है वही श्रेष्ठ भोजन है – ‘भोजनं देहि राजेन्द्र घृत-सूप-समन्वितम” | भारतीय संस्कृति में पकी हुई दाल या सब्जी के रसे को सूप कहते हैं |

यूरोप और अमेरिका में सूप या शोरबा के अस्तित्व का प्रमाण काल, ६००० ई.पू. से मिलता है | फ्रांसीसी भाषा में यह शब्द ‘सूपे’ (soupe) है जो अंग्रेज़ी में आते आते सूप हो गया | सूप का प्रयोग मूलत: रोगियों के लिए साग-सब्जी, मांस-मछली आदि से तैयार किए गए शोरबे के रूप में हुआ करता था | लेकिन आजकल सूप सामान्य भोजन का भी एक आवश्यक अंग बन गया है – फिर वह चाहे भारतीय पद्धति का भोजन हो या किसी अन्य क्षेत्र का | इसे प्राय: एपीटाईज़र (क्षुधावर्धक) के रूप में मुख्य भोजन से पहले इस्तेमाल किया जाता है |

सूप के अनेक प्रकार, प्रयोग, तथा लाभ बताए जाते हैं | आज तो बाज़ार में डिब्बा-बंद सूप (कैंड) भी मिलता है | यह तैयार सूप है | बस, डिब्बा खोलिए और उसमें बंद तरल पदार्थ में थोड़ा और पानी मिला कर गर्म कर लीजिए | सूप तैयार है | इसी तरह आज बाज़ार में सूखे पाउडर के रूप में भी सूप मिलता है | पानी में घोलिए और गरम कर लीजिए |

सामग्री के हिसाब से सूप को दो प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है – साग सब्जी से बना सूप शाकाहारी सूप है जब कि मांस मछली को उबाल कर बनाया गया सूप मांसाहारी कहा जा सकता है | शाकाहारी सूप के खाद्य पदार्थ के अनुसार अनेक रूप हो सकते हैं | टमाटर का सूप, पालक का सूप,सहजन का सूप, मशरूम का सूप, मिश्रिय सब्जियों का सूप, इत्यादि | हर ज़ब्ज़ी का उपयोग हम सूप के लिए नहीं कर सकते | सूप में उपयोग आने वाली सब्जियां ‘सूप्य’ कहलाती हैं | वैसे तो सूप पतला ही लिया जाता है लेकिन उसे थोड़ा गाडा करने के लिए उसमें ब्रेड के तुकडे डाल दिए जाते हैं | इसी तरह सामान्यत: सूप गरम- गरम ही लिया जाता है किन्तु कुछ शौकीन लोग इसे फ्रिजर में रखकर ठंडा भी पीते हैं |

अंग्रेज़ी में सूप को लेकर कई मुहावरे भी प्रचलित हो गए हैं | जब बहुत सघन कोहरा गिरता है तो इसे ‘पी-सूप’ कहा जाता है | जब आदमी बहुत थक जाता है और खासतौर पर दौड़ाकों के पैरों में जब दर्द होने लगता है, तो इन पैरों को ‘सूप-लेग्स’ कहते हैं | इसी तरह जब वर्त्तमान चलन में कोई चीज़ आ जाती है तो उसे ‘सूप आफ़ द डे’ कहते हैं |

सूप बहुत जल्दी हज़म होने वाला पेय है इसीलिए इसे आरम्भ में केवल बीमारों को ही दिया जाता था | शायद सूप के इसी गुण को ध्यान में रखकर दयालु व्यक्ति को सूपचर कहते हैं |

सूप को लेकर मुहावरे तो हिन्दी में भी हैं लेकिन इनमें जिस ‘सूप’ शब्द को लेकर मुहावरे रचे गए हैं , उसका अर्थ झोल या रसे से न होकर उस सूप या छाज नामक सींकों से बनीं अनाज आदि को पछोरने/ फटकने हेतु एक साधारण सी वस्तु से है जो भारतीय घरों में घर घर इस्तेमाल होती है | “सूप तो सूप चलनीं भी बोले” , “सूपड़ा साफ कर देना’ ,आदि ऐसे ही मुहावरे हैं |

रावण की बहन का नाम शूर्पणखा था जो राम पर आसक्त हो गई थी | लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी थी | भारत में अक्सर सूप के समान नख वाली स्त्री को सूपनखा कह दिया जाता है |

डा. सुरेन्द्र वर्मा (मो.) ९६२१२२२७७८ १०, एच आई जी / १, सर्कुलर रोड / इलाहाबाद -२११००१

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