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शब्द संधान / खाट - खटिया / डॉ. सुरेन्द्र वर्मा

हिन्दी में खाट, खटिया, खटोला, खटोली –ये सब एक ही परिवार के शब्द हैं। खाट पुल्लिंग है तो खटिया स्त्रीलिंग। खटोला पुल्लिंग होते हुए भी छोटी खटिया है , खटोली छोटा खटोला है, पर स्त्रीलिंग है। है न पूरा परिवार !

खाट चारपाई को कहते हैं। पलंग के मुकाबिले खाट या चारपाई वज़न में हल्की होती है। उसे यहाँ से वहां आसानी से उठाया, ले जाया जा सकता है। उसे बान से बुना जाता है। निबाड़ से भी बुनते हैं। खाट बुनने वाले को खटबुना कहते हैं। खटबुने खाट में तरह तरह डिजाइन की बुनाइयां डालने में निपुण होते हैं।

खाट संस्कृत में टिकटी या अर्थी के लिए इस्तेमाल होता है। टिकटी को हिन्दी में खाटी या खट भी कहा जाता है। लेकिन हिन्दी में खाट अपने आप में टिकटी नहीं होती। रिवाज के अनुसार आदमी की जिस खाट पर मृत्यु होती है, मृत्योपरान्त उस खाट या खटिया को सिरहाने की तरफ से खड़ा कर दिया जाता है। शायद इसीलिए खटिया या खाट खड़ी कर देना मार डालने के लिए एक मुहावरा बन गया है।

हर खाट में चार पाए होते हैं। इसीलिए वह चारपाई कहलाती है। उसके चार पटिये (पाटी)भी होते हैं, ये पटिये ‘खटपटिए’ कह- लाते हैं। जब कोई गुस्से से, ख़ास तौर पर स्त्रियाँ.खाट पर लेट जाती हैं और उठती नहीं तो इसे खाटपाटी पकड़ लेना कहा गया है। लेकिन मजेदार बात यह है कि ‘खटपटिया’ उपद्रवी या झगडालू व्यक्ति को भी कहते हैं। ऐसे व्यक्ति को भी “खटपाटी” कहा गया है। क्या इसी ‘खटपाटी’ से ‘खुराफ़ाती’ शब्द आया है ? ठीक ठीक कहा नहीं जा सकता क्योंकि खुराफ़त अरबी भाषा में बकवास, अनर्गल प्रलाप या बेहूदगी को कहते हैं, और इसी का बहुवचन खुराफ़ात है। संभव यह भी है कि खुराफ़ात से ‘खुराफ़ाती’ बना हो, न कि ‘खटपाटी’ से। बहरहाल खटपाटी और खुराफ़ाती दोनों के उच्चारण काफी नज़दीक हैं।

कहा जाता है की नाम में क्या रखा है, लेकिन बताते हैं कि बुंदेलखंड के अंतर्गत एक क्षेत्र का नाम ही ‘खटोली’ है। ऐसे में ‘खटिया’ भी क्यों पीछे रह जाती। जी हाँ, उत्तर प्रदेश के जिला अलीगढ़ में एक गाँव है जिसका नाम ‘खटिया’ ही है। पता नहीं इन जगहों का नाम ‘खटोली’ या ‘खटिया’ क्यों पडा? हो सकता है यहाँ कभी बैठने, सोने या गपशप करने के लिए खाट के अलावा कोई अन्य फर्नीचर रहा ही न हो। या फिर यहाँ मुख्यत: खाट बनाने का ही धंधा रहा हो !

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खाट को संस्कृत में खट्वा भी कहते हैं। शिव जी को खट्वांग-धर कहा गया है क्योंकि उनका एक अस्त्र पाया लगा खाट की पाटी भी है। खट्वा सुश्रुत में वर्णित घाव में बांधने वाली एक तरह की पट्टी भी बताई गई है।

अंग्रेज़ी में खाट के लिए एक शब्द ‘कॉट’ (सी ओ टी) भी है। cot का उच्चारण आश्चर्यजनक रूप से खाट से बहुत मिलता-जुलता है। क्या अंग्रेज़ी में हिन्दी/संस्कृत का खाट ही तो ‘कॉट’ नहीं बन गया। संभावना तो काफी लगती है।

खाट से अनेक शब्द बने हैं। उनमें से एक खटमल भी है। हाल ही में ‘खाट-पोलिटिक्स’ भारत की राजनीति में एक नया मुहावरा आविष्कृत हुआ है जिसका श्रेय कांग्रेस और राहुल गांधी को जाता है। अभी तक गाँवों में पंचायतें गाँव के किसी सार्वजनिक स्थान पर हुआ करती थीं। पर राहुल गांधी ने अपनी पार्टी-प्रचार के लिए अनेक ‘खाट सभाएं’ कीं। ‘खाट-प्रोग्राम’ बने ‘खाट चर्चाएँ’ और ‘खाट-पंचायतें’ हुईं। पंचायतों में लोग अपनी अपनी खाटें और खटियाएं लेकर आए। ‘खाट सभाओं’ के विसर्जन के बाद खूब ‘खाट-लूट’ मची। खाट को लेकर नए मुहावरे भाषा को मिले।

हिन्दी सिनेमा भला कहाँ पीछे रहने वाला था। सिनेमा के अनेक गानों में खटिया शब्दों का सांकेतिक प्रयोग हुआ जो अभी कभी अश्लीलता की रेखा तक को स्पर्श करने लगा, जैसे ‘खटिया सरकाय लेउ’। आदि।

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-डा. सुरेन्द्र वर्मा ( मो. ९६२१२२२७७८)

१०, एच आई जी / १,सर्कुलर रोड इलाहाबाद-२११००१

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