रचनाकार में खोजें -
 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें.

प्राची- दिसंबर 2016 - जीवनभर आग उगलते रहे ‘उग्र’ / शिवप्रसाद ‘कमल’

SHARE:

जीवनभर आग उगलते रहे ‘उग्र’ शिवप्रसाद ‘कमल’ ‘‘मैं नै क्या-क्या नहीं किया? किस-किस दर की ठोकरें नहीं खायी? किस-किस के आगे मस्तक नहीं झुक...

जीवनभर आग उगलते रहे ‘उग्र’

शिवप्रसाद ‘कमल’

‘‘मैंनै क्या-क्या नहीं किया? किस-किस दर की ठोकरें नहीं खायी? किस-किस के आगे मस्तक नहीं झुकाया? मेरे राम आपको न पहचानने के सबब ‘जब जननी जननि जग दुःख दसहू दिसि पाएं.’ आशा के जब में फंसे चोर मोस्ट ओबीडिएंट सर्वेंट बनकर, नीचों को मैंने परम प्रसन्न होकर प्रेमपूर्वक प्रभु! प्रभु! पुकारा. मैंने बार-बार मुंह फैलाया दीनता सुनाने, लेकिन किसी ने उसमें एक मुट्ठी धूल तक नहीं डाली. भोजन और कपड़ों के लिए पागल बन यत्र-तत्र-सर्वत्र, वक्त बेवक्त मारा फिरा. प्राणों को से भी प्रिय आत्मसम्ममान त्यागकर खलों के सामने मैंने खाली पेट खोल-खोल कर दिखाया. सच कहता हूं नाथ. कौन-सा ऐसा नीच नाच होगा- जो लघु लोभ ने मुक्त बेशरम को नचाया न होगा. किंतु आह! आह! लालच से ललचाने के सिवाय नाथ! हाथ कुछ नहीं लग्यो.’’

जनाब. ये संवाद किसी नाटक-कहानी या सिनेमा के किसी पात्र के नहीं हैं. वरन् इसे तो अपने समय के दिग्गज और दबंग साहित्यकार पांडेय बेचन वर्मा ‘उग्र’ ने अपनी आत्मकथा ‘‘अपनी खबर’’ में बड़े बेवाक तरीके से लिखा है. जी हां, चुनार में जन्म लेने वाले, अत्यंत गरीब ब्राह्मण परिवार में ‘उग्र जी का जीवन तमाम-तमान विसंगितयों से भरा हुआ था. घर का विषाक्त तथा रामलीला मंडलियों के व्यभिचार पूर्ण वातावरण ने उन्हें एकदम ‘बिगाड़’ कर रख दिया था. ऐसा वह स्वयं मानते थे.

हालांकि प्रारंभिक शिक्षा चुनार में हुई थी और कक्षा छह तथा सात की बनारस के हिंदू स्कूल में, जहां कमलापति त्रिपाठी उनके बाल सखा बने. स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण जेल भी गए तो जेल के अस्वास्थ्यपूर्ण माहौल ने भी उनके कच्चे दिमाग को ऐसा प्रभावित किया कि आजन्म वे इससे मुक्त नहीं हो सके. उनकी रचनाओं में इसीलिए उनका भोगा हुआ यथार्थ, खूब और खूब प्रतिबिंबित हुआ है. अत्यल्प शिक्षा के बावजूद ‘उग्र’ का भाषा ज्ञान अति उत्तम था. उर्दू, हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी के अलावा भी कई भाषाएं वे जानते-समझते थे. अपनी अजब-गजब भाषा, शैली और भाव के कारण, इन एक सौ पंद्रह वर्षों में हिंदी का कोई महारथी उनका मुकाबला करने में असमर्थ रहा है. उनकी रचनाओं की मौलिकता अकाट्य है.

[ads-post]

लेखन के क्षेत्र में ‘उग्र’ जी ने अपने पांच गुरु बतलाए हैं, उमाचरण पाण्डेय ‘त्रिदंडी’, लाला भगवान ‘दीन’, पं. बाबूराव विष्णु पकड़कर, कृष्णदत्त पालीवाल और काशीपति त्रिपाइी. ‘उग्र’ जी ने लिखा है- ‘‘त्रिदंडी से मुझे लिखने का शौक मिला, काशीपति जी से सहृदयता, दीन जी से दृष्टि, पराड़कर जी से राह और पालीवाल जी से उत्साह. इन गुरुओं में काशीपति जी तो कमलापति जी एक अग्रज थे और स्वयं ‘त्रिदंडी’ जी ‘उग्र’ जी के अग्रज थे. वह भी बीस वर्ष बड़े. यानी ‘उग्र’ जी विक्रमीय संवत के 1957वें वर्ष के पौष शुक्ल अष्टमी को जन्म थे (कुछ लोग अंग्रेजी तारीख के अनुसार 24 या 29 दिसम्बर सन् 1900 ई. मानते हैं. इसमें अंतर 24 और 29 तारीख का है. चाहे तारीख जो भी रही हो.) और उमाचरण जी का जन्म सन् 1880 के आसपास का था. इस बीस वर्ष की अवधि में पं. बैजनाथ पांडेय को अनेक पुत्र-पुत्रियां हुई थीं. किंतु उमाचरण और श्यामाचरण को छोड़कर सभी दिवंगत हो चुके थे. इसीलिए उग्र जी के जन्म लेने पर उन्हें बेच दिया गया था- सिर्फ एक टके पर और उसका गुड़ मंगाकर माता रामकली ने खा लिया था.

‘अपनी खबर’ में उन्होंने जितनी अपनीाख्बर ली है, उतनी ही दूसरों की भी खबर ली. मिर्जापुर जिले में जन्म और प्रारंभिक शिक्षा तथा बनारस में रहकर भी पढ़ाई करने के कारण, उन पर दोनों स्थानों का प्रभाव-पानी चढ़ा हुआ था- जिससे वह दो धारी तलवार बन गए थे. बनारस में रहकर, दैनिक ‘आज’ में पराड़कर जी द्वारा उनका लेखकीय द्विजत्व संस्कार, सुधार-परिष्कार होता रहा तो बनारस से 1924 ई. में कलकत्ता जाकर ‘मतवाला’ मंडल से जुड़कर उन्होंने अपने ‘लेखक’ को परिपुष्ट किया. बनारस में क्रांतिकारियों और साहित्यकारों का साथ तो कलकत्ता में ‘मतवाला’ मंडल के महादेव प्रसाद सेठ, (मतवाला के संस्थापक- प्रकाशक) आचार्य शिवपूजन सहाय, महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ और मुंशी नवजाविक लाल का संग-साथ हुआ.

‘आज’ में ‘उग्र’ जी व्यंग्य तो ‘अष्टावक्र’ के उपनाम से, कहानियां शशि मोहन शर्मा के नाम और कविताएं ‘उग्र’ उपनाम से लिखते रहे, लेकिन ‘मतवाला, ने पहुंचते ही उनके अंतस का लेखक जैसे विस्फोट कर गया और वह हास्य व्यंग्य, उपन्यास, कहानी, लेख सभी कुछ लिखने लगे.’ ‘चंद हसीनों के खतूत’ और ‘चॉकलेट’ आदि का प्रकाशन ‘मतवाला’ में ही प्रारंभ में हुआ. उनकी पुस्तकें भी छपीं. ‘चॉकलेट’ के कारण ‘उग्र’ जी को बहुतों का विरोध सहना पड़ा, क्योंकि किशोरों के साथ होने वाले अप्राकृतिक कार्यों को जो समाज में वर्ज्य विषय था- उसे उन्होंने उजागर किया. ‘उग्र’ के विरोध में ‘विशाल भारत’ के संपादक बनारसीदास चतुर्वेदी ने ‘घासलेटी साहित्य’ का आंदोलन चलाया था. बाद में गांधी जी द्वारा यह कहने पर- ‘‘लेखक ने अप्राकृतिक कार्यों के प्रति घृणा ही उत्पन्न की है- इसका ऐसा ही असर मुझ पर पड़ा.’’ तब कही जाकर ‘घासलेटी आंदोलन’ शांत हुआ.

इसी बीच ‘उग्र’ जीने 1924 ई. में ही गोरखपुर से निकलने वाल स्वदेश का उसके संपादक दशरथ प्रसाद द्विवेदी के आग्रह पर रीझ कर, ‘दशहरा अंक’ का ऐसा भयानक संपादन किया कि प्रेस जब्त हुआ, दशरथ प्रसाद द्विवेदी जेल गए और वारंट ‘उग्र’ के खिलाफ भी निकल गया. फलतः ‘उग्र’ कलकत्ता से भागकर बम्बई चले गए. वहां वह मूक फिल्मों ने पटकथा- संवाद लिखते रहे. तभी वह वारंट घूमता हुआ बंबई पहुंचा. ‘उग्र’ जी गिरफ्तार हो गए और उनकी कमसिनी का ध्यान रखकर जज ने उन्हें नौ महीने की सजा सुनायी, जबकि दशरथ प्रसाद जी को 27 महीने की सजा हुई थी.

इसके पश्चात् उग्र जी 1930 ई. ने पुनः बम्बई गए, लेकिन कुछ वर्षों बाद ही लौट कर इंदौर पहुंच गए. पांव में शनिश्चर था तभी उज्जैन, मालवा, जयपुर से दिल्ली तक भटकते रहे. इस बीच उनके उपन्यास शराबी, बुधुआ की बेटी, ‘कढ़ी में कोयला’, ‘फागुन के दिन चार आदि तथा सैकड़ों कहानियां पाठकों में पहुंच चुकी थीं. इसके साथ ही उन्होंने ‘विक्रम’, ‘वीणा’, ‘उग्र’, ‘मतवाला’, ‘भूत’ इत्यादि का संपादन किया. ‘व्यक्तिगत’ उनकी संस्मरणात्मक पुस्तक है तो अपनी खबर उनकी आत्मकथा वह भी जन्म से 20 वर्षां तक की. ऐसी आत्मकथा, ऐसा बेबाक वर्णन कि उसे ‘उग्र’ ही कर सकते थे.

‘उग्र’ ने बहुत पैसा कमाया और बहुत गवांया, बड़ा नाम कमाया, तमाम बदनामियां भी उनके नाम हैं. यह सब हुआ हवाया, लेकिन उनकी पटी किसी से भी नहीं. यहां तक कि उनके बड़े भाई उमाचरण से भी नहीं, जो चुनार में रहते हुए 1959 ई. में स्वर्गवासी हो गए थे. ‘उग्र’ ने अपने पतन, परिवार के पतन का सारा ठीकरा उमाचरण पाण्डेय ‘त्रिदंडी’ के सिर पर फोड़ा है और ‘अपनी खबर’ ने उन्हें ‘कसाई’ कहा है. ‘उग्र’ जी ने अपने निधन 23 मार्च 1967 ई. तक, कृष्णानगर दिल्ली के कमरे में एकाकी रहकर जो नरक भोगा या मालपुए खाए, भंग छानी या बोतलें गटकीं उसे तो वे ही जानें, लेकिन यहां चुनार में, उनके बड़े भाई ने एकाकी रहते हुए जो नरक भोगा उसका साक्षी तो इन पंक्तियों का लेखक रहा है.

‘उग्र’ पर तमाम लोगों ने तमाम कुछ लिखा है- पढ़ा है, लेकिन उनके प्रथम गुरु और उन्हें लेखन में प्रवृत्त करने वाले ‘त्रिदंडी’ जी पर कभी किसी ने कुछ नहीं लिखा क्यों? ‘त्रिदंडी’ जी विवाहित थे और उनके दो पुत्र थे. विवाह के पश्चात् पुत्र अपनी पत्नियों के साथ बनारस रहने लगे और बनारस से ‘त्रिदंडी’ जी प्रूफरीडिंग के कार्य से मुक्त हो गए तो चुनार आकर रहने लगे. एकाकी और स्वपाकी. मैं जब 1954 ई. में लिखने पढ़ने में प्रवृत्त हुआ और जब कुछ पत्रों का संवाददाता बना तो उनके यहां अक्सर जाता था. जाता इसलिए था कि कुछ सीखूं और उनकी सहायता भी करूं. सहायता इस मामले में कि वह चुनार में दैनिक ‘आज’ के संवाददाता के जबकि वह हाथ कांपने के कारण समाचार न लिख पाते थे. अतः वह बोलते तो कभी प्यारे लाल तिवारी ‘मस्त’ और कभी मैं समाचार लिखकर पोस्ट कर दिया करते. त्रिदंडीजी भी अच्छे लेखक थे और हिन्दी, संस्कृत तथा बंगला भाषा पर अच्छा अधिकार था.

इसी दिनचर्या में दिवस बीत रहे थे कि इसी बीच 1954 ई. उग्र जी ने अपने संस्मरण ‘व्यक्तिगत’ नाम से प्रकाशित की. अपने अग्रज के पास उसकी एक प्रति भी भेजी. ‘त्रिदंडी’ जी ने ‘उग्र’ को हजारों गालियां दीं. हम समझ नहीं पाए. पूछने का साहस न था. उमाचरण जी और उग्र जी में तकरार कई बातों को लेकर थी. इनमें से एक था ‘त्रिदंडी’ जी का अकेले खेत बेचकर खा जाना. यह कैसी विडंबना थी कि 1920 ई. के बाद उग्र चुनार केवल दो बार आए एक बार तब, जब खेतों को बेचने की सलाह देने और दूसरी बार तब जब देश आजाद हुआ और ‘उग्र’ ने मिर्जापुर से ‘मतवाला’ निकालना शुरू किया. काशी और मिर्जापुर दोनों ही चुनार से बीस मील की दूरी पर हैं. इतने नजदीक रहकर भी अपने भाई से चिढ़े होने पर ही, वह चुनार कभी झांकने न आए. हां, तो जब उग्र दुबारा आए तब तक ‘त्रिदंडी’ जी खेत बेच चुके थे. यह खबर पाकर ही उग्र अपना हिस्सा लेने आए थे- बस कुछ घंटों के लिए, किंतु जब भाई से उन्हें छदाम भी न मिली तो गाली गलौज कर वह पुनः मिर्जापुर लौट गए.

1920 ई. से मृत्यु पर्यन्त अर्थात् सैंतालिस वर्षों तक जो उग्र का चुनार आना या रूकना संभव न हुआ उसके मूल में केवल ‘त्रिदंडी’ जी ही थे. ये बात ‘त्रिदंडी’ जी मुझसे स्वयं कभी भावावेश में आकर कहा करते थे. अपने रक्त से इतना दुराव केवल और केवल, उग्र के ही वश की बात थी. एक बात और, ‘अपनी खबर’ ने जैसी बुरी ‘खबर’ उमाचरण जी की उग्र ने ली है, वह भी उग्र के ही वश की बात थी. और तो और उग्र सारे जीवन चुनारवासियों से भी कभी संबंधित न हुए. मेरे भी किसी पत्र का उत्तर उन्होंने न दिया, जबकि मेरी और उनकी रचना दैनिक ‘आज’ में साथ-साथ छपी थी. इसके साथ ‘साप्ताहिक हिंदुस्तान’ में थी. यद्यपि मैं उग्र जी से कुल जमा सैंतीस साल छोटा हूं. उन्होंने जीवन में किसी को भाव न दिया और अभाव में पड़े रहे. उनकी दृष्टि ने केवल दो ही महाकवि थे. एक तुलसी, दूसरे गालिब. गालिब के दीवान की उन्होंने दिव्य व्याख्या हिंदी में की है- ‘गालिब-उग्र’ नाम से. यह सारा वृतांत पहली बार लिख रहा हूं. जबकि उनके निधन से आजतक 20-25 लेाख् देश के प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में छप चुके हैं मेरे.

पहली बार लिखने का मतलब ‘त्रिदंडी’ प्रकरण से है और 47 वर्षों में ‘उग्र’ के मात्र दो बार कुछ घंटों के लिए चुनार आने से संबंधित है. वैसे इधर कुछेक वर्षों में ‘उग्र’ के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालने वाली कई पुस्तकें आयी हैं, इनमें सबसे ताजा भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रकाशित है ‘‘उग्र संचयन’’, इसके संपादक हैं राजशेखर व्यास. ‘‘उग्र संचयन’’ ने उनकी कुछ कहानियां, निबंध, रिपोर्ताज, लघुकथाएं, भूमिकाएं, पत्र-व्यवहार, अपनी खबर आदि-आदि का समावेश है. मतलब ‘उग्र’ के व्यापक फलक का दिग्दर्शन इसमें है और राजशेखर जी ने यह भी वादा किया है कि शीघ्र ही ‘उग्र समग्र’ पाठकों के समक्ष आयेगा. चूंकि राजशेखर जी के पिताजी पं. सूर्यनारायण व्यास के साथ उज्जैन ने उनके भारती भवन में ‘उग्र’ जी दो वर्षों तक साथ-साथ रहे, अतः काफी सामग्री राजशेखर जी के पास है- ऐसा उनका दावा है. और चुनार? चुनार में उनका नाम है, ‘काम’ कहीं ढूंढ़े न मिलेगा. हां, उनकी अधिकांश पुस्तकें, उन पर लिखी समीक्षाएं आदि, पैसा खर्च कर पढ़ने और संग्रह करने वाले गणेश पाण्डेय के पास अवश्य है. बेहद सुरक्षित, लोगों से अलक्षित.

बहुत कुछ ‘त्रिदण्डी’ जी के पास भी था लेकिन उनके निधन के बाद उनके पुत्र ‘उग्र’ की थाती तो ले ही गए, साथ ही ‘उग्र’ के प्राकट्य स्थल को भी भैरों के हाथ बेच गये. सिवाय इसके कि उनके मकान के सामने वाले कुएं पर एक शिलापट्ट ‘उग्र’ के नाम का लगा हुआ है. वह तो भला हो ‘मौजी जियरा एसोसिएशन’ का जिसके द्वारा उनकी जयंती पर विचार गोष्ठी, कवि-सम्मेलन-मुशायरा आयोजित कर याद दिला देते हैं कि लो देखो, ‘उग्र’ भी इसी नाटी की देन थे. इस कार्यक्रम को कराने में योगदान मेरा भी है, जबकि दिल्ली जाकर उनसे मिलने पर उन्होंने जरा भी स्नेह मेरे प्रति नहीं दिखाया. इतनी नफरत थी. चुनार से उन्हें.

COMMENTS

BLOGGER

विज्ञापन

----
.... विज्ञापन ....

-----****-----

|नई रचनाएँ_$type=complex$count=6$page=1$va=0$au=0

|कथा-कहानी_$type=complex$au=0$count=6$page=1$src=random-posts$s=200

|हास्य-व्यंग्य_$type=blogging$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

-- विज्ञापन --

---

|लोककथाएँ_$type=complex$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

|लघुकथाएँ_$type=list$au=0$count=5$com=0$page=1$src=random-posts

|काव्य जगत_$type=complex$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

-- विज्ञापन --

---

|बच्चों के लिए रचनाएँ_$type=complex$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

|विविधा_$type=complex$au=0$va=0$count=6$page=1$src=random-posts

 आलेख कविता कहानी व्यंग्य 14 सितम्बर 14 september 15 अगस्त 2 अक्टूबर अक्तूबर अंजनी श्रीवास्तव अंजली काजल अंजली देशपांडे अंबिकादत्त व्यास अखिलेश कुमार भारती अखिलेश सोनी अग्रसेन अजय अरूण अजय वर्मा अजित वडनेरकर अजीत प्रियदर्शी अजीत भारती अनंत वडघणे अनन्त आलोक अनमोल विचार अनामिका अनामी शरण बबल अनिमेष कुमार गुप्ता अनिल कुमार पारा अनिल जनविजय अनुज कुमार आचार्य अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ अनुज खरे अनुपम मिश्र अनूप शुक्ल अपर्णा शर्मा अभिमन्यु अभिषेक ओझा अभिषेक कुमार अम्बर अभिषेक मिश्र अमरपाल सिंह आयुष्कर अमरलाल हिंगोराणी अमित शर्मा अमित शुक्ल अमिय बिन्दु अमृता प्रीतम अरविन्द कुमार खेड़े अरूण देव अरूण माहेश्वरी अर्चना चतुर्वेदी अर्चना वर्मा अर्जुन सिंह नेगी अविनाश त्रिपाठी अशोक गौतम अशोक जैन पोरवाल अशोक शुक्ल अश्विनी कुमार आलोक आई बी अरोड़ा आकांक्षा यादव आचार्य बलवन्त आचार्य शिवपूजन सहाय आजादी आदित्य प्रचंडिया आनंद टहलरामाणी आनन्द किरण आर. के. नारायण आरकॉम आरती आरिफा एविस आलेख आलोक कुमार आलोक कुमार सातपुते आशीष कुमार त्रिवेदी आशीष श्रीवास्तव आशुतोष आशुतोष शुक्ल इंदु संचेतना इन्दिरा वासवाणी इन्द्रमणि उपाध्याय इन्द्रेश कुमार इलाहाबाद ई-बुक ईबुक ईश्वरचन्द्र उपन्यास उपासना उपासना बेहार उमाशंकर सिंह परमार उमेश चन्द्र सिरसवारी उमेशचन्द्र सिरसवारी उषा छाबड़ा उषा रानी ऋतुराज सिंह कौल ऋषभचरण जैन एम. एम. चन्द्रा एस. एम. चन्द्रा कथासरित्सागर कर्ण कला जगत कलावंती सिंह कल्पना कुलश्रेष्ठ कवि कविता कहानी कहानी संग्रह काजल कुमार कान्हा कामिनी कामायनी कार्टून काशीनाथ सिंह किताबी कोना किरन सिंह किशोरी लाल गोस्वामी कुंवर प्रेमिल कुबेर कुमार करन मस्ताना कुसुमलता सिंह कृश्न चन्दर कृष्ण कृष्ण कुमार यादव कृष्ण खटवाणी कृष्ण जन्माष्टमी के. पी. सक्सेना केदारनाथ सिंह कैलाश मंडलोई कैलाश वानखेड़े कैशलेस कैस जौनपुरी क़ैस जौनपुरी कौशल किशोर श्रीवास्तव खिमन मूलाणी गंगा प्रसाद श्रीवास्तव गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर ग़ज़लें गजानंद प्रसाद देवांगन गजेन्द्र नामदेव गणि राजेन्द्र विजय गणेश चतुर्थी गणेश सिंह गांधी जयंती गिरधारी राम गीत गीता दुबे गीता सिंह गुंजन शर्मा गुडविन मसीह गुनो सामताणी गुरदयाल सिंह गोरख प्रभाकर काकडे गोवर्धन यादव गोविन्द वल्लभ पंत गोविन्द सेन चंद्रकला त्रिपाठी चंद्रलेखा चतुष्पदी चन्द्रकिशोर जायसवाल चन्द्रकुमार जैन चाँद पत्रिका चिकित्सा शिविर चुटकुला ज़कीया ज़ुबैरी जगदीप सिंह दाँगी जयचन्द प्रजापति कक्कूजी जयश्री जाजू जयश्री राय जया जादवानी जवाहरलाल कौल जसबीर चावला जावेद अनीस जीवंत प्रसारण जीवनी जीशान हैदर जैदी जुगलबंदी जुनैद अंसारी जैक लंडन ज्ञान चतुर्वेदी ज्योति अग्रवाल टेकचंद ठाकुर प्रसाद सिंह तकनीक तक्षक तनूजा चौधरी तरुण भटनागर तरूण कु सोनी तन्वीर ताराशंकर बंद्योपाध्याय तीर्थ चांदवाणी तुलसीराम तेजेन्द्र शर्मा तेवर तेवरी त्रिलोचन दामोदर दत्त दीक्षित दिनेश बैस दिलबाग सिंह विर्क दिलीप भाटिया दिविक रमेश दीपक आचार्य दुर्गाष्टमी देवी नागरानी देवेन्द्र कुमार मिश्रा देवेन्द्र पाठक महरूम दोहे धर्मेन्द्र निर्मल धर्मेन्द्र राजमंगल नइमत गुलची नजीर नज़ीर अकबराबादी नन्दलाल भारती नरेंद्र शुक्ल नरेन्द्र कुमार आर्य नरेन्द्र कोहली नरेन्‍द्रकुमार मेहता नलिनी मिश्र नवदुर्गा नवरात्रि नागार्जुन नाटक नामवर सिंह निबंध नियम निर्मल गुप्ता नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ नीरज खरे नीलम महेंद्र नीला प्रसाद पंकज प्रखर पंकज मित्र पंकज शुक्ला पंकज सुबीर परसाई परसाईं परिहास पल्लव पल्लवी त्रिवेदी पवन तिवारी पाक कला पाठकीय पालगुम्मि पद्मराजू पुनर्वसु जोशी पूजा उपाध्याय पोपटी हीरानंदाणी पौराणिक प्रज्ञा प्रताप सहगल प्रतिभा प्रतिभा सक्सेना प्रदीप कुमार प्रदीप कुमार दाश दीपक प्रदीप कुमार साह प्रदोष मिश्र प्रभात दुबे प्रभु चौधरी प्रमिला भारती प्रमोद कुमार तिवारी प्रमोद भार्गव प्रमोद यादव प्रवीण कुमार झा प्रांजल धर प्राची प्रियंवद प्रियदर्शन प्रेम कहानी प्रेम दिवस प्रेम मंगल फिक्र तौंसवी फ्लेनरी ऑक्नर बंग महिला बंसी खूबचंदाणी बकर पुराण बजरंग बिहारी तिवारी बरसाने लाल चतुर्वेदी बलबीर दत्त बलराज सिंह सिद्धू बलूची बसंत त्रिपाठी बातचीत बाल कथा बाल कलम बाल दिवस बालकथा बालकृष्ण भट्ट बालगीत बृज मोहन बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष बेढब बनारसी बैचलर्स किचन बॉब डिलेन भरत त्रिवेदी भागवत रावत भारत कालरा भारत भूषण अग्रवाल भारत यायावर भावना राय भावना शुक्ल भीष्म साहनी भूतनाथ भूपेन्द्र कुमार दवे मंजरी शुक्ला मंजीत ठाकुर मंजूर एहतेशाम मंतव्य मथुरा प्रसाद नवीन मदन सोनी मधु त्रिवेदी मधु संधु मधुर नज्मी मधुरा प्रसाद नवीन मधुरिमा प्रसाद मधुरेश मनीष कुमार सिंह मनोज कुमार मनोज कुमार झा मनोज कुमार पांडेय मनोज कुमार श्रीवास्तव मनोज दास ममता सिंह मयंक चतुर्वेदी महापर्व छठ महाभारत महावीर प्रसाद द्विवेदी महाशिवरात्रि महेंद्र भटनागर महेन्द्र देवांगन माटी महेश कटारे महेश कुमार गोंड हीवेट महेश सिंह महेश हीवेट मानसून मार्कण्डेय मिलन चौरसिया मिलन मिलान कुन्देरा मिशेल फूको मिश्रीमल जैन तरंगित मीनू पामर मुकेश वर्मा मुक्तिबोध मुर्दहिया मृदुला गर्ग मेराज फैज़ाबादी मैक्सिम गोर्की मैथिली शरण गुप्त मोतीलाल जोतवाणी मोहन कल्पना मोहन वर्मा यशवंत कोठारी यशोधरा विरोदय यात्रा संस्मरण योग योग दिवस योगासन योगेन्द्र प्रताप मौर्य योगेश अग्रवाल रक्षा बंधन रच रचना समय रजनीश कांत रत्ना राय रमेश उपाध्याय रमेश राज रमेशराज रवि रतलामी रवींद्र नाथ ठाकुर रवीन्द्र अग्निहोत्री रवीन्द्र नाथ त्यागी रवीन्द्र संगीत रवीन्द्र सहाय वर्मा रसोई रांगेय राघव राकेश अचल राकेश दुबे राकेश बिहारी राकेश भ्रमर राकेश मिश्र राजकुमार कुम्भज राजन कुमार राजशेखर चौबे राजीव रंजन उपाध्याय राजेन्द्र कुमार राजेन्द्र विजय राजेश कुमार राजेश गोसाईं राजेश जोशी राधा कृष्ण राधाकृष्ण राधेश्याम द्विवेदी राम कृष्ण खुराना राम शिव मूर्ति यादव रामचंद्र शुक्ल रामचन्द्र शुक्ल रामचरन गुप्त रामवृक्ष सिंह रावण राहुल कुमार राहुल सिंह रिंकी मिश्रा रिचर्ड फाइनमेन रिलायंस इन्फोकाम रीटा शहाणी रेंसमवेयर रेणु कुमारी रेवती रमण शर्मा रोहित रुसिया लक्ष्मी यादव लक्ष्मीकांत मुकुल लक्ष्मीकांत वैष्णव लखमी खिलाणी लघु कथा लघुकथा लतीफ घोंघी ललित ग ललित गर्ग ललित निबंध ललित साहू जख्मी ललिता भाटिया लाल पुष्प लावण्या दीपक शाह लीलाधर मंडलोई लू सुन लूट लोक लोककथा लोकतंत्र का दर्द लोकमित्र लोकेन्द्र सिंह विकास कुमार विजय केसरी विजय शिंदे विज्ञान कथा विद्यानंद कुमार विनय भारत विनीत कुमार विनीता शुक्ला विनोद कुमार दवे विनोद तिवारी विनोद मल्ल विभा खरे विमल चन्द्राकर विमल सिंह विरल पटेल विविध विविधा विवेक प्रियदर्शी विवेक रंजन श्रीवास्तव विवेक सक्सेना विवेकानंद विवेकानन्द विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक विश्वनाथ प्रसाद तिवारी विष्णु नागर विष्णु प्रभाकर वीणा भाटिया वीरेन्द्र सरल वेणीशंकर पटेल ब्रज वेलेंटाइन वेलेंटाइन डे वैभव सिंह व्यंग्य व्यंग्य के बहाने व्यंग्य जुगलबंदी व्यथित हृदय शंकर पाटील शगुन अग्रवाल शबनम शर्मा शब्द संधान शम्भूनाथ शरद कोकास शशांक मिश्र भारती शशिकांत सिंह शहीद भगतसिंह शामिख़ फ़राज़ शारदा नरेन्द्र मेहता शालिनी तिवारी शालिनी मुखरैया शिक्षक दिवस शिवकुमार कश्यप शिवप्रसाद कमल शिवरात्रि शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी शीला नरेन्द्र त्रिवेदी शुभम श्री शुभ्रता मिश्रा शेखर मलिक शेषनाथ प्रसाद शैलेन्द्र सरस्वती शैलेश त्रिपाठी शौचालय श्याम गुप्त श्याम सखा श्याम श्याम सुशील श्रीनाथ सिंह श्रीमती तारा सिंह श्रीमद्भगवद्गीता श्रृंगी श्वेता अरोड़ा संजय दुबे संजय सक्सेना संजीव संजीव ठाकुर संद मदर टेरेसा संदीप तोमर संपादकीय संस्मरण संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन सतीश कुमार त्रिपाठी सपना महेश सपना मांगलिक समीक्षा सरिता पन्थी सविता मिश्रा साइबर अपराध साइबर क्राइम साक्षात्कार सागर यादव जख्मी सार्थक देवांगन सालिम मियाँ साहित्य समाचार साहित्यिक गतिविधियाँ साहित्यिक बगिया सिंहासन बत्तीसी सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध सीताराम गुप्ता सीताराम साहू सीमा असीम सक्सेना सीमा शाहजी सुगन आहूजा सुचिंता कुमारी सुधा गुप्ता अमृता सुधा गोयल नवीन सुधेंदु पटेल सुनीता काम्बोज सुनील जाधव सुभाष चंदर सुभाष चन्द्र कुशवाहा सुभाष नीरव सुभाष लखोटिया सुमन सुमन गौड़ सुरभि बेहेरा सुरेन्द्र चौधरी सुरेन्द्र वर्मा सुरेश चन्द्र सुरेश चन्द्र दास सुविचार सुशांत सुप्रिय सुशील कुमार शर्मा सुशील यादव सुशील शर्मा सुषमा गुप्ता सुषमा श्रीवास्तव सूरज प्रकाश सूर्य बाला सूर्यकांत मिश्रा सूर्यकुमार पांडेय सेल्फी सौमित्र सौरभ मालवीय स्नेहमयी चौधरी स्वच्छ भारत स्वतंत्रता दिवस स्वराज सेनानी हबीब तनवीर हरि भटनागर हरि हिमथाणी हरिकांत जेठवाणी हरिवंश राय बच्चन हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन हरिशंकर परसाई हरीश कुमार हरीश गोयल हरीश नवल हरीश भादानी हरीश सम्यक हरे प्रकाश उपाध्याय हाइकु हाइगा हास-परिहास हास्य हास्य-व्यंग्य हिंदी दिवस विशेष हुस्न तबस्सुम 'निहाँ' biography dohe hindi divas hindi sahitya indian art kavita review satire shatak tevari undefined
नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3789,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,326,ईबुक,182,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,257,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,105,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2744,कहानी,2067,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,484,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,129,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,30,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,86,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,22,पाठकीय,61,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,309,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,326,बाल कलम,23,बाल दिवस,3,बालकथा,48,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,8,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,16,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,224,लघुकथा,806,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,305,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,57,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1879,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,637,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,675,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,14,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,51,साहित्यिक गतिविधियाँ,180,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,51,हास्य-व्यंग्य,51,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: प्राची- दिसंबर 2016 - जीवनभर आग उगलते रहे ‘उग्र’ / शिवप्रसाद ‘कमल’
प्राची- दिसंबर 2016 - जीवनभर आग उगलते रहे ‘उग्र’ / शिवप्रसाद ‘कमल’
https://lh3.googleusercontent.com/-STpFKZGODH0/WHnFggxhvLI/AAAAAAAAyKM/_QBuTwCDJkY/image_thumb%25255B2%25255D.png?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-STpFKZGODH0/WHnFggxhvLI/AAAAAAAAyKM/_QBuTwCDJkY/s72-c/image_thumb%25255B2%25255D.png?imgmax=800
रचनाकार
http://www.rachanakar.org/2017/01/2016_64.html
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2017/01/2016_64.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय खोजें सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है चरण 1: साझा करें. चरण 2: ताला खोलने के लिए साझा किए लिंक पर क्लिक करें सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ