बुधवार, 22 फ़रवरी 2017

आपका पैसा आप संभालें - निवेश की दुनिया को समझें - रजनीश कांत

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आप अपनी गाढ़ी कमाई से और अधिक कमाई करना चाहते हैं, लेकिन आपके पास समय की कमी है। आप इस बात को लेकर उलझन में हैं कि शुरुआत कहां से, कैसे और कितने पैसों से करें या फिर आपको लगता है कि पैसों से पैसे बनाने की कला में आप एक्सपर्ट नहीं हैं या निवेश के लिए बचत करना मुश्किल लग रहा है...तो पढ़िये हिन्दी में निवेश और फाइनेंशियल प्लानिंग पर किताब 'आपका पैसा, आप संभालें'। इस किताब में निवेश, फाइनेंशियल प्लानिंग, बचत से जुड़ी कई लेख पढ़ने को मिलेंगे। इसे पढ़कर आप एकबारगी कह उठेंगे...अरे, निवेश, बचत, फाइनेंशियल प्लानिंग को समझना इतना आसान और संभव है।  शेयर बाजार, म्युचुअल फंड, इंश्योरेंस को लेकर जो उलझन है, उसे हिन्दी में यह किताब आसानी से सुलझाने में मदद करेगी ।"  .इस किताब को आप ऑनलाइन pothi.com से खरीद सकते हैं। 

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आपकी सुविधा के लिए किताब के अध्याय और पहले अध्याय की सामग्री नीचे दी जा रही है -

 

विषय-वस्तु:

अध्याय1- 'आर्थिक स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है'

अध्याय 2-आसान है फाइनेंशियल प्लानिंग की दुनिया

अध्याय 3- 'मनी मित्र' बनाएगा फाइनेंशियल सफर को सुहाना

अध्याय 4-निवेश के दौरान 5 गलतियों से बचें

अध्याय 5- फाइनेंशियल कॉन्फिडेंस लाने के नुस्खे

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अध्याय 6-सोना, जमीन, बैंक FD के आगे निवेश के आसमां और भी हैं

अध्याय 7-बैंक FD, सेविंग्स डिपॉजिट से बेहतर क्यों है लिक्विड फंड

अध्याय 8-क्या है निवेश का '100-उम्र' फॉर्मूला?

अध्याय 9-फर्जी निवेश स्कीम से बचने की तरकीब

अध्याय 10-60 साल की उम्र में करोड़पति बनने के नुस्खे

 

अध्याय 11-ऐसे E-mails/SMSs/Calls से बचेंगे, तो नहीं पछताएंगे

अध्याय 12-कहीं आपका भी पैसा PF, LIC में तो बेकार नहीं पड़ा है

अध्याय 13-बड़े फायदे हैं छोटी बचत के

अध्याय 14-छोटी बचत योजनाओं के नियमों में बदलाव

अध्याय 15-शेयर बाजार; चुका ज्ञान, हुआ नुकसान

 

अध्याय 16-कैसे करें शेयर बाजार में एंट्री

अध्याय 17-जानें वो आंकड़े-सूचना-सरकारी फैसले और

खबर, जो शेयर मार्केट पर डालते हैं असर

अध्याय 18-शेयर बाय-सेल-होल्ड-स्टॉप लॉस से पहले....

अध्याय 19-बाय/सेल/होल्ड/टार्गेट/स्टॉप लॉस क्या बला है...

अध्याय 20-डिविडेंड/सस्पेंडेंड/डीलिस्ट कंपनी के बारे में जानकारी कहां मिलेगी

 

अध्याय 21- निवेशकों के लिए कंपनियों के नतीजे के मायने -भाग-1

अध्याय 22-निवेशकों के लिए कंपनियों के नतीजे के मायने -भाग-2

अध्याय 23-SMS, ब्लॉग, वेबसाइट्स की शेयर टिप्स पर भरोसा ना करें: सेबी

अध्याय 24-गोल्ड बान्ड, जूलरी, सोने में बेहतर कौन? 

अध्याय 25- काम बंद, लेकिन आराम वही, कैसे होगा संभव?

 

अध्याय 26-बच्चों के लिए कब से करें फाइनेंशियल प्लानिंग? 

अध्याय 27-'Money मित्र' बनकर दें बच्चों को लाड़-प्यार

अध्याय 28-बच्चों से है प्यार, तो उनके लिए रखें फाइनेंशियल प्लान तैयार

अध्याय 29-18 ने दी दस्तक, शुरू कर दें बचत, कैसे

अध्याय 30-‘अमीरी पहले दीमाग में आती है फिर जेब में’

 

अध्याय 31-निवेश की दुनिया में महिलाओं का स्वागत

अध्याय 32-आप 'Emotional' इन्वेस्टर हैं या ‘Rational’!

अध्याय 33-पोंजी स्कीम्स की मायावी दुनिया में कैसे फंसते हैं लोग?   

अध्याय 34-म्युचुअल फंड के जरिए फाइनेंशियल प्लानिंग पूरी करें

अध्याय 35-म्युचुअल फंड: क्यों है निवेश का सबसे बेहतर जरिया: भाग-1

 

अध्याय 36-म्युचुअल फंड: क्यों है निवेश का सबसे बेहतर जरिया: भाग-2

अध्याय 37-...इसलिए इंश्योरेंस जरूर करवाना

अध्याय 38-ऑफर डॉक्यूमेंट पढ़े बिना, इंश्योरेंस पॉलिसी कभी ना लेना

अध्याय 39-मास्टर जी, आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग कहां है?

अध्याय 40-डॉक्टर भी ठीक रखें फाइनेंशियल सेहत

 

अध्याय 41-आपातकालीन फंड बनाना आपके लिए अच्छा रहेगा

अध्याय 42-आपका 'Money Time' क्या है?

अध्याय 43-क्यों और कैसे बनें beyourmoneymanager?

अध्याय 44-फाइनेंशियल प्लानिंग क्या है

अध्याय 45-आमदनी (इनकम), खर्च, बचत और निवेश क्या है

अध्याय 46-खुद के पैसे, खर्च करें कैसे?

 

अध्याय-1

       'आर्थिक स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है'

'आर्थिक स्वतंत्रता के बिना आत्मनिर्भरता का सपना अधूरा है':

आप अच्छी-खासी नौकरी करते हैं, हर तरह से आत्मनिर्भर हैं, बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहे हैं, शानदार जिंदगी जी रहे हैं, लेकिन क्या दावे के साथ कह सकते हैं कि आप आर्थिक तौर पर स्वतंत्र या आजाद और सुरक्षित हैं, क्या आप राजनीतिक आजादी के साथ-साथ आर्थिक स्वतंत्रता का भी आनंद उठा रहे हैं।

15 अगस्त 1947 को हम राजनीतिक तौर पर आजाद हुए थे। महान देशभक्त, स्वतंत्रता सेनानी बालगंगाधर तिलक ने आजादी की जंग के दौरान नारा दिया था," स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा।"

लेकिन अब जबकि हम राजनीतिक तौर पर आजाद हैं तो हमें एक दूसरी तरह की आजादी चाहिए, वो है आर्थिक आजादी, वित्तीय आजादी। इसलिए अब हमारा नारा होना चाहिए, हमारा सपना होना चाहिए," आर्थिक स्वतंत्रता, आर्थिक सुरक्षा हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम इसे हासिल करके रहेंगे।"  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिया गया नारा "Start-Up India, Stand-Up India" लोगों को आर्थिक आजादी के लिए प्रेरित करने का ही एक हथियार है।

इसके अलावा मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई याजनाओं मसलन, प्रधानमंत्री जनधन योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना का लक्ष्य भी लोगों को आर्थिक स्वतंत्रता दिलाना और आर्थिक सुरक्षा देना है।

आर्थिकस्वतंत्रता या आजादी के मायने:

फाइनेंशियल एक्सपर्ट के नजरिये से आर्थिक आजादी के मायने इस प्रकार हैं-

-आर्थिक तौर पर आप इतने मजबूत हों कि अपनी शर्तों पर जिंदगी जी सकें, अपने तरीके से जीवन का आनंद ले सकें

-आपके पास इतने पैसे हों या आपने इतना निवेश कर रखाहो कि आपके सारे खर्च बिना किसी तनाव के पूरे हो सकें

-आपने इतना फंड जमा कर लिया हो जिससे कि बिना किसीकी दखलअंदाजी या सहारे के सुकून से आप जीवनयापन करसकें

-रिटायरमेंट के बाद आपआर्थिक तौर परआप इस लायक बन जाएं कि किसी के सहारे की जरूरत आपको ना पड़े

कैसे मिलेगी आर्थिक आजादी?

-सबसे पहले साफ-साफ आप अपना वित्तीय या आर्थिक लक्ष्य (फाइनेंशियल गोल) तय करें

-अपने लक्ष्य को कैश, इमर्जेंसी फंड,छोटी अवधि (शॉर्ट टर्म), मध्यम अवधि (मीडियम टर्म) और लंबी अवधि (लांगटर्म) में बांट लें

-आपको खुद की मौजूदा आर्थिक स्थिति के बारे में साफ-साफ आइडिया होना चाहिए

-हर तरह के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अलग-अलग निवेश की रणनीति अपनाएं

-निवेश की रणनीति बनाने के दौरान किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट की मदद लेने से आपका काम आसान हो जाएगा

-निवेश के दौरान 'जरूरत' (Needs) और 'चाहत' (Wants) में फर्क करना जरूरी है

-हमेशा 'जरूरत' की चीज को प्राथमिकता दें

वित्तीय लक्ष्य हासिल करने के लिए कहां लगाएं पैसे:

म्युचुअल फंड स्कीम में निवेश आपका काम काफी हद तक आसान बना सकता है।

-लांग टर्म के लक्ष्य मसलन, रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए सिस्टैमिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में पैसे लगा सकते हैं। लेकिन, काफी जांच-परख कर प्लान चुनें।

-शॉर्ट टर्म का लक्ष्य हासिल करने में बेहतर लिक्विड फंड आपकी मदद कर सकता है

-मीडियम टर्म के लिए SIP और लिक्विड फंड में संतुलन बनाकर चलें।

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