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मोबाईल पुराण : सबकी प्यारी मोबाईल डार्लिंग / अनामी शरण बबल

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  मोबाइल पुराण 1 सबकी प्यारी मोबाईल डार्लिंग 1       हम सब तेरे प्यार में पागल ओए मोबाईल डार्लिंग । तुम बिन रहा न जाए / विरह सहा न...

 

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मोबाइल पुराण 1

सबकी प्यारी मोबाईल डार्लिंग

1

 

 

 

हम सब तेरे प्यार में पागल

ओए मोबाईल डार्लिंग ।

तुम बिन रहा न जाए / विरह सहा न जए / मन की बात कहा न जाए

तेरे बिन मन उदास / जीवन सूना सूना

पल पल / हरपल तेरी याद सताये।।.

 

लगे न तेरे बिन मन कहीं

मन मचले मृगनयनी सी / व्याकुल तन, मन आतुर,  चंचल नयनजग

सूना बेकार लगे जग बिन तेरे

तू जादूगर या जादूगरनी / मोहित सारा जग दीवाना

तू बेवफा डार्लिंग ।।

 

 

पर कैसे कहूं तुम्हें / तू है बेवफा डार्लिंग

तू पास आते ही / तुम्हें करीब पाते ही

अपना लगे/ मन खिलखिल जाए

रेगिस्तानी मन में बहार आ जाए

आते ही हाथ में भर जाए मन

विभोर सा हो जाए तन मन पूरा सुकून से

शांत तृप्त हो चंचल मन नयन.।

 

तेरे करीब होने से लगे सारा जहां हमारा

मुठ्ठी में हो मानो सबकुछ

सब मेरे भीतर अपने दायरे में

खुद भी लगे सबके साथ सबके बीच करीब  सबसे निकट

 

 

2

 

तू अकेली

मोबाईल डार्लिंग

 

सारी भीड़ पर है भारी

मैं तेरा साथी,संगी

केवल तेरा होता हूं कहीं भी कभी भी

होकर तन्हा बाजार में घर बार में

मित्रों के दरबार में/ सड़क चौराहों  पार्क बाजार में या पूरे संसार में

 

हाथ फेरता हूं /  टटोलता हूं तुम्हें कभी दिल से लगा लेता हूं

पत्ता नहीं चलता

तू मेरी साया या मैं तेरी काया ?

खोकर तेरे संग

कुछ भेजकर कुछ पाकर संदेश /  देता हूं कुछ उपदेश कमेंट्स

तरोताजा हो जाता हूं

खोकर तेरी दुनियां में / होकर मैं मदहोश 

घंटो खिला खिला रहता हूं।

पाकर दोस्तों की खबरें

मन ही मन में / मन से गुनगुनाता हूं

तिलिस्मी गलैमर में सब भाता है, सुहाता है।।

 

 

3

 

तू मेरी मोबाईल डार्लिंग

भीड में भीड से बाहर आते ही

तुममे खो जाता हूं / तू ही एक सहारा अपना और हमारा

 

जब भी जहां भी मिले दो चार हो या दस बीस मोबाईलची

तब केवल तू मोबाईल और तेरी आशिकी

एप्पस डाउनलोड,फोटो,रिचार्ज बैलेंस

लाईट कैंमरा न्यू मॉडल जीबी स्पीड सिं

नेटवर्क कनेक्टिविटी साउण्ड वेट प्राईस

इसी पर होती है केवल गूफ्तगू

कोडवर्ड या इसी शब्दावली में होती है जी भर ढेर सारी बातें

भूलकर अपना गम अपनी पीडा अपने घर की चिंता

 

4

 

तू है पास मेरी प्यारी मोबाईल डार्लिंग / तो केवल तू और तेरी चिंता

तेरे बाद ही सबकुछ

तेरे साथ ही सबकुछ होता है जीवन में शुरू

सारे गम भूलकर

हम सारे मोबाईलची / खो जाते हैं अपने अपने मोबाईल में

तू डार्लिंग कर देती है इतनी बेकरार बेकल चंचल

हर आहट पर मन जाए मचल मचल

लगता है / कोई धड़कन है, रिंगटोन है

हर पल लगे मन में एक खटका / कोई मैसेज या मिसकॉल है

कहीं भी कभी भी / आधी आधी रात में भी

टंगा रहे मन

लगे न मन कहीं ध्यान

केवल तुम पर लगा रहता है मन

हर पल

तुम में ही खोया रहता है मन

शायद कुछ है

हर पल / पल पल मेरे लिए मेरे वास्ते

 

5

 

 

 

गौर नहीं करता कभी

कब तक या कितना है बैलंस

संग तेरे संग संग तेरे / मैं भी तो होता हूं रोज रिचार्ज

लो बैटरी है बैड न्यूज

सिरहाने करता हूं / रात रात भर अपने ले चार्ज

यकायक  उठकर / पहले तुम्हें निहारता हूं

देखता हूं कुछ है क्या / मेरे लिए मेरा कोई संदेश

उन फ्रेण्डस की यादों में खोया उनको भी नहीं भूलता / भूलती

जो पास होकर भी करीब से नहीं लगते दिखते या होते है।

अपना एक सुदंर कोमल संसार है / प्यारा सा परिवार है मन में उसका ही खुमार है ।।

 

 

6

 

तू भी अजीब है मेरी मोबाईल डार्लिंग

जितना चाहताहूं तुमसे दूर बहुत दूर भागना

भाग कहां पाता हूं / और ज्यादा करीब पाता हूं

तेरे में ही मन खोया

तेरे कैमरे का मैं दीवाना / लेलेले सेल्फी से सेल्फ को देखने की ललक चाहत

सेल्फी ने तो मुझे सेलफीस बना डाला

देखने की भूख कभी ना हो कम / अपना ही तन हर पल

हर एंगल से लगे नया नया कुछ अनजाना / चाहत नहीं दीवानगी कोह

अपना ही तन अपनी ही काया स मोहित / अनगिन फोटू पर भी मन में प्यास रहे

देखन की चाह लगे/ अपने को ही अपनी निगाह लगे

अपना ही तन अपनी ही सूरत / अपनी आंखों में / अपनी आंखे ही

कुछ नयी नयी कुछ परायी अनजानी मनभावन लगे

यही दीवानापन तेरी / हर पल मोहित करे सुहावन लागे

अपनी ही काया की माया से मुग्ध मैं

बार बार लेता हूं अपनी ही छवि छाया

देखता हूं तेरे कैमरे में खुद को बार बार

सच मेरी मोबाईल डार्लिंग

रोज रोज पाता हूं / हर बार अपने भीतर बढ़ता प्यार

 

 

7

 

मेरी प्यारी प्यारी सी मोबाईल डार्लिंग

 

तेरे भीतर खोया / मेरा भी क्या हाल है

फेसबुक वाट्सएप्प टिवटर मैसेंजर याहू गूगल

सबके संग संग / मेरी आकांश्राओं की यह उड़ान है  / मन का तूफान है

मैं भी रखता हूं हजारों फ्रेण्डस

देता हूं कमेंट्स करता हूं चैट कुछ पोस्ट शेयर

फिर रखता हूं हिसाब / लेकर कॉपी कलम कैलकुलेटर

क्या है कैसा है / रिएक्शन, लाईक लव कमेंट्स शेयर का

मोबाईली टीआरपी में

मन अपना भी हीरो सा लगे

नंबर देखकर मोहित खुद

तिलिस्मी लोक में मैं / खुद को भी एक तिलिस्म सा पाता हूं

 

कोई सेलेब्रेटी सा मैं / अपनी ही नजरों मे एक ब्रांड सा पाता हूं

मैं सपनों का सौदागर

मोबाईलची सपनों में जीता हूं / यही भाता है।

इसीलिए मोबाईल के संग

मैं भी मोबाईल बना रहता हूं।

 

8

 

 

मेरी मोबाईल डार्लिंग

तेरे संग / कभी नहीं होता अकेला

यह केवल तेरा ही कमाल है 

तेरे संग कभी भी हो जाता हूं तन्हा

मेरे मन में बसा है एक ड्रीमलैंड/ जिसकी तू रानी

इर्द गिर्द हरे भरे हैं सपने मंसूबे

तू ग्लैमरस ड्रीमगर्ल

पल भर भी नहीं सुहाता / जुदा होना

मन के महकते खुशहाल संसार से

तू मेरे गमों का सहारा दिलासा / बेकाबू मन की तरंगों की उड़ान है

तू मेरे सपनों की दुकान है आशाओं इच्छाओं का मैदान है

अतृप्त सपनों की क्रबिस्तान है

हम सपनीले मोबाईलची

सोसाईटी के सबसे डैंजर यंगिस्तान है।।

जिसके हर गम को इसने हर लिया

भीड़ नहीं तन्हाई ने बेकार किया

हम जिंदा लाशे

सोसाईटी में मोबाईलची क्रबिस्तान है।

 

9

 

मोबाईल डार्लिंग के प्यार में

यूथ रेगिस्तान बन गए

बोल चाल बोली हाव भाव /रंगोली होली बसंत सब मार डाला

हर आदमी को बीमार बना डाला

नहीं सुहाता जिसे मोबाईल के अलावा / सब डिस्टर्वेंस लगे / प्राईवेसी पर हमला कहे

बेवफा बना तूने/ सबको झूठ की मशीन बना दी

हर आदमी को दुश्मन आस्तीन बना दी।

 

सच महबूबा

मेरी मोबाईल महबूबा

तू क्या कर गयी।

जो मैकाले नहीं कर पाया / तू काल बनकर सब कर गयी

कुछ दिन महीनों साल में ही

सारा नजारा बदल जाएगा

तेरे आगोश में खोकर

पूर यूथ पावरलेस हो जाएगा।

 

 

10

 

हाय मोबाईल डार्लिंग

तू तो मेरी  हो गयी / मैं खुद को ही भूल गया.

मैं बन तेरी कठपुतला-कठपुतली

तेरे इशारों पर नाचता हूं

खोकर आगोश में  भूल गया

रिश्तों का तापमान / हंसना खेलना कूदना

प्यार आदर सम्मान को

मैं तेरा मरीज बीमार

भूल गया सबको /जिंदगी की सच्चाई को

तन्हाई को

तेरे संग जीता मरता

मैं इंसान नहीं /मोबाईलची से मोबलाईट हो गया हूं

चलता फिरता डायनामाईट हो गया हूं।

खोकर धीरज सुपर फास्ट हूं।

सबसे डैंजर / हर घर में छिपा बैठा एक बम ब्लास्टहूं।

 

11

 

मोबाईल की कसम

सनलाईट की तरह / ब्रेकिंग न्यूज हाईलाईट हो गया

हम सारे मोबाईलची 

चाय कॉफी की तरह उबलते

या यों कहो

 

जंतर मंतरिया उबाईलचियों सा / मोबलाईट्स हो गया

दिल्ली वालों की तरह डेलहाईट हो गया ।।

सारे मोबाईलचियों की मैं प्यारी / सब पर भारी

सबकी डार्लिंग मैं मोबाईल

पर मेरी डार्लिंग कोई नहीं ।

जो भूल जाए किसी के संग खुद को

वो ईमानदार नहीं मैं सबकी प्यारी

मगर मेरा कोई प्यार नहीं। ।।.

 

अनामी शऱण बबल / asb.deo@gmail.com

 

 

 

मोबाईल पुराण -2

 

 

मोबाईल डार्लिंग नहीं मैं कोबरा हूं

 

 

 

12

 

 

मैं मोबाईल डार्लिंग नहीं

सबके मन का महाभारत हूं।

कोबरा हूं।।

सब हो मेरे बहुत करीब

इस महाभारत के सारे बदनसीब

कोई नहीं है खुशनसीब / जो बच जाएगा

सब मारे जाएंगे.।।

 

मार तो मैं भी यों रहीं हूं धीरे धीरे

हर पल मेरे लवली रेडिएशन के कुच्रक में घिरे तुम लोग

मर रहे हो मेरी आगोश में मेरे स्पर्श से

मैं मोबाईल डार्लिंग नहीं कोबरा हूं।

डसती हूं तुमको हर पल  / पल पल

मेरे भीतर जहर ही जहर है

मलमल सी मुलायम नाजुक मैं / मगर,

मल से भी गंदी / हर मोबाईल हो जाती है

तेरे बार बार के स्पर्श से

मल से भी ज्यादा मैली / मगर तुम्हें वही पसंद है।

मैं तेरी मोबाईल डार्लिंग

फेक दो मुझे कूडेदान में

मैं किसी की नहीं अपनी सगी.।

 

 

13

 

हे मेरे नादान आशिको

मै नमकीन हसीन तेरी

रखते हो तुम दिल में जेब में अपनी पैंट में

पता है तुम्हें ?

मैं मोबाईल कोबरा

मेरे भीतर से हरदम फूटरी रहती है

अदृश्य किरणें

चाट जाती हूं तेरा दिल फेफड़े की ताकत

दिमाग की उर्जा

चट कर देती हूं सबकी मर्दानगी

कुंद कर देती हूं मातृवत / बना देती हूं बंजर जमीन सी बांझ 

मेरे भीतर पलते हैं सैकड़ों रोग

मेरी आशिकी में  / भला तुम कैसे रहोगे निरोग

कोई नहीं मुझसे जुदां

लोग मेरे ही दीवाने आशिक पागल बेकल बेकरार

 

 

13

 

 

मेरे ही चलते

पूरी दुनिया है बर्बादी के कगार पर

मन के संहार पर

पूरी दुनियां ही है एक रणस्थली / युद्ध का मैदान

बेडरूम हो या वॉशरूम

सबके साथ  / सबके पास

सबके दिलो दिमाग में  / हाथ में जेब में पर्श में

सब जगह मेरा ही राज है।

मेरी ताकत का नहीं तुमको अंदाज है ?

मेरे बगैर दुनिया के सारा काम बेकार व्यर्थ

रोज रोज हर रोज

मेरी ताकत और ज्यादा पनप रही है

और तुम इंसान

एलर्ट होने की बजाय

और अधिक अट्रैक्ट हो रहे है

मेरा काम आसान हो रहा है / आदमी रेगिस्तान हो रहा है।

 

 

15

 

 

 

तेरी नहीं यह सबकी

मोबाईल डार्लिंग का यह ग्लोबल वार है

जिसमें ना होगा कोई रॉकेट एटॉम बमया या हथगोले

फिर भी चारो तरफ देखो

आग के ही गोले घूम रहे हैं  / अंगारे बरस रहे हैं

मेरे बिन लोग तरस रहे है।

अपनी बर्बादी के वास्ते बेकरार है

यही मौत का श्रृंगार है

यही मोबाईल रानी का ग्लोबल वार है।

मीठा मीठा नरसंहार है

रात रात भर जाग जागकर /  मूरख वैज्ञानिक करेंगे मेरी निंदा आलोचना

तुमको एलर्ट करेंगे / तेरी मूर्खता पर रिएक्ट करेंगे

 

 

16

 

वाह रे मेरे मूरख नादान आशिकों

मेरी आगोश में ही रहना, सब सहना और कहना / सब बकवास है

सब मेरी आशिकी में मारे जाएंगे

कितने लोगों का भला / डॉक्टर पोस्टमॉर्टम करवाएंगे ?

मेरी वजह से लोग मरेंगे तड़पेंगे

तन मन धन पूरा बदन आराम चैन गंवाएंगे

मेरी किरणों से होंगे सभी बीमार

या मेरी आशिकी में होकर बंदी,

गिरफ्त में मेरी शिकस्त से

भूल जाएंगे बोलना कहना सोचना विचारना

या / हाथ उठाकर रिएक्ट करना

सब खामोश ही रह जाएंगे / सब सह जाएंगे

मैं मोबार्ल डार्लिंग

गूंगे बहरों अपंगों की फौज बना रही हूं

तेरे भीतर की

तमाम संभावनाओं की हत्यारिन

अपने मरीज आशिकों के स्लो डेथ का उत्सव मना रही हूं।।

 

17

 

 

मैं तेरी मोबाईल डार्लिंग

मैं किलर मैं ड्रैकूला

फिर भी तेरा प्यार हूं।

मैं विषकन्या / भांप नहीं पाओगे मुझे

मेरे जहर के कई नाम जो तुम्हें पसंद है

याहूं गूगल रेडिफ वॉट्सएप्प फेसबुक टिव्टर

और न जाने किन किन / नाम वाले हैं मेरे अंगारे हथगोले एटॉमबम

जिसका ताप रोमांच / तुम्हें भाता है

मूरख तुम्हें कुछ नहीं आता है

बिना टेल (पूंछ) का तू एनीमल

मैं तेरी रिंग मास्टरनी / जादूगरनी

 

तुम सब मेरे डेथ सर्कस के हो पपेट

गिनो देखो और करो वेट

अपनी मौत का

सावधान होने की सारी हदें /अब तुम भूल गए हो ।.।

 

18

 

मैं तेरी मोबाईल

डार्लिंग नहीं /कोबरा हूं

तुम सबको डसती हूं रोज रोज

सिम चाहे कोई बदल लो जीने नहीं दूंगी

सबको काट काटकर / खुद से तुम्हें लाचार बनाती हूं

मैं म्यूजिक की मीठी मीठी धुन नहीं / मीठी जहर हूं

घुस कर तेरे भीतर बहरा बहरी / मूक वधिर बनाती हूं

दिमाग की गूंज को हॉरर कर चाट जाती हूं

तेरी धडकन लील / मैं तेरी धड़कन बन जाती हूं

मैं कोहराम नहीं मचाती

कोहराम खत्म करती हूं

मोबाईल एंटीना विकास का नही डेथ का तार है

हाय दीवाने लोग/ इसे डेवलपमेंट का तार मानते हैं

बेस्ट कनेक्टविटी का अवतार मानते हैं

 

 

19

 

तुम सबकी मैं ड्रीमगर्ल मोहक मल्लिका

सबको केवल अपनी बोली अपना टोन सुहाये

बिन मेरे नींद चैन नहीं आए

मेरे सारे महबूब / सोने तक मुझमें ही उलझे रहते हैं

खुद भूलकर अपनी नींद

मेरे रेस्ट के लिए सोते हैं

यह मेरे मैजिक का कमाल है

मेरे प्यार के  पागल दीवानों को / मेरी सोहबत से तुम्हें / दूसरों की हर बात बुरी लगती है

मोबाईलची बना मै / उबालची बना गय हूं

ड्रीमलैंड की मैं मोबाईल रानी

सुसाईट के लिए उकसाती हूं। 

हर मोबीलची को / मैं धीरे धीरे खा जाती हूं।

 

20

 

 

और अंत में

लो देखो मेरा मैजिक

सिम कोई भी हो या मोबाईल

कितनी डैंजर हूं / सब बता गयी

अपना सारा डेथ प्लान समझा गयी

फिर भी तुम पागल लोग हंस रहे हैं

मेरे मोहपाश में फंस रहे हैं .

यह सिलसिला रहेगा जारी

मैं बनी रहूंगी मोबाईल रानी

मगर मेरे आशिको

एक सलाह देती हूं

सेफ रहना है मुझसे तो

करो कम से कम मेरा इस्तेमाल

लंबी लंबी बातें करो कभी तो/ ईयर फोन लगाकर 

पर मैं जानती हूं

मैं तेरे मन की मल्लिका हूं।

तू लत्ती मेरी, नहीं मानेगा मेरी बात

और रोज रोज / रात रात भर

मुझमें ही उलझा रहेगा / करेगा खुद को बीमार

तेरा है यही प्यार

और

मैं फिर कहती हूं

मैं किसी की नहीं मल्लिका

मोबाईल डार्लिंग नहीं

कोबरा रानी हूं।

मेरी संगत की बीमारियों को लो करो स्वीकार /यही है मेरा उपहार ।।

 

मैं कातिल मोबाईल रानी

यही है मेरी कहानी।। .

 

 

अनामी शरण बबल

09312223412

 

asb.deo@gmail.com

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नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,90,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,22,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,348,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी 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कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,238,लघुकथा,862,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,24,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,326,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,62,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1932,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,659,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,703,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,15,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,61,साहित्यम्,2,साहित्यिक गतिविधियाँ,186,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,58,हास्य-व्यंग्य,69,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
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रचनाकार: मोबाईल पुराण : सबकी प्यारी मोबाईल डार्लिंग / अनामी शरण बबल
मोबाईल पुराण : सबकी प्यारी मोबाईल डार्लिंग / अनामी शरण बबल
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