रचनाकार

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका

प्रेरणात्मक सुविचार - संकलन - अखिलेश कुमार भारती

image

v अक्सर हम अपनी सोच का आंशिक भाग व्यर्थ करते है, कि हम यह अथवा वह जो चाहते थे, नहीं बन पाए, बल्कि हमें तो खुश होना चाहिए कि हमारे जिस रूप अथवा स्वरूप से मानवता का कल्याण होता है, दूसरों के मुस्कान से स्वयं भाव -समृद्ध होते है, यही तो जीवन का काल-खंड है, जो प्रेरणा दायक होता है।

v हम अक्सर प्रेरणा स्रोत,  आदर्श पुरुषों,  महापुरुषों की जीवनी सुनते एवं पढ़ते है,  परन्तु गंभीर तथ्य यह है की हम उस तथ्यों,  सारगर्भिता को कितना सकारात्मक मूल्यांकन कर जीवन धरातल पर अवलोकन करते हैं।

v स्वयं से हँसना जीवन-रूपी आनंद नहीं है,  अपितु दूसरों की हँसी,  खुशियां आपको खुश करे,  आनंदमय रूप यही कहलाता है।

v बड़ा आदमी बनना आसान होता है,  लेकिन बड़प्पन एवं अपनत्व लाना उतना ही कठिन होता है।

v शालीनता, चारित्रिक रूपेण दर्पण है।

v विनम्रता,  अपनत्व से सत्यता की राह आसान होती है।

v नकारात्मक सीढ़ियों के सहारे हम सकारात्मक विचार की नींव बना सकते हैं।

v एकजुटता,  धर्मनिरपेक्षता,  समानता,  संप्रभुता आदि हर राष्ट्र प्रेमी में समायोजित होता है ।

v जिस किसी मानव ने प्रामाणिकता की कसौटी से खरे उतरे है, वही अपनी अंतर -चेतना की अनुभूति में स्वयं को महसूस कर सकते है ।

v आध्यात्मिक शक्तियों के लहरों को आंतरिक भाव चेतना से जीवन साधना का नया संस्कार रूपांतरित होता है ।

v हमारे समाज में आने वाले नस्ल में आंतरिक शुद्धि करण, सामाजिक,  सांस्कृतिक चेतना जागृत करने एवं नयी बीज बोना विश्व के राष्ट्र गुरु देश संपन्नता में अहम् भागीदारी होगी ।

v इंसान बनकर इंसानियत की भाषा केवल श्रेष्ठ मनुष्य ही दे सकता है ।

 

v सफलता उन्हें मिलती है, जो सपने देखना पसंद करते है, जिनके सपनों में जान होती है। हौसलों से जीत जाता है,  केवल वादों -इरादों से नहीं, बुलंदियों को छूने के लिए, सपनों को हकीकत में बदलना पड़ता है।

v जीवन को उत्कृष्ट करने के लिए तन -मन से मेहनत कर नया वातावरण बनाना पड़ता है । नए चेतना उन्मुक्त होने के लिए अपनी कुशल योग्यता पहचानने पड़ते है ।

v कांटों पर चल कर उम्मीदों की लकीर खींचना पड़ता है । तकदीर लिखती नहीं, बनायीं जाती है । दुनिया में जीने के लिए एक नयी पहचान बनायीं जाती है।

v आध्यात्मिक शक्तियों के लहरों से आंतरिक भावचेतना के जीवन साधना में नया संस्कार पैदा होता है |) जिस किसी मानव /जीव ने प्रामाणिकता की कसौटी से खरे, उतरे है, वही अंतरात्मा की अनुभूति को छू सकता है |

v हमारे समाज में आने वाले नस्ल/वंशज का प्रेरणास्रोत, सामाजिक, सांस्कृतिक जनचेतना एवम आंतरिक शुद्धिकरण का बीज बोना है |

v समाज में विराजमान निःस्पृह, निस्वार्थ, निश्छल, समाज- सेवियों चिंतको से हमेशा हमें नयी चेतना एवम प्रेरणा मिलती है |

v सदैव सकारात्मक पहलू विद्वता का परिचायक है |

v बड़ा आदमी बनना आसान हो सकता है, अपितु बड़प्पन एवम अपनत्व अपने अंदर लाना उतना ही कठिन है|

v इंसान की खोज में समय व्यर्थ न करो, अपितु इंसानियत की महत्त्व को अपने अंदर खोजे, स्वयं सच्चा इंसान आपको मिल जायेगा |

v  हम अक्सर बहरी सुंदरता देखकर अचंभित एवम आशंकित हो जाते है,बगैर जाने -समझे की असली सुंदरता, आत्मकोमलता एवम पवित्र हृदय से होता है |

v किसी की बुराई से न डरो, अपितु अपने अच्छाई से उसकी बुराई को ख़त्म करे, बड़प्पन एवं मर्यादा यही है |

v अच्छे बनने की होड़ में अपने अच्छाई को कतई पीछे न छोड़ना, नहीं तो बुराई आगे आकर आपकी अच्छाई को नष्ट कर देगी, जो आपके जीवन मूल्यों को ख़त्म कर देती है |

v दुनिया में जीने का एक मुकाम होता है,  हर किसी के जिंदगी का इस दुनिया में हिसाब होता है जीना जानते है सही से कुछ लोग, पर जिंदगी जीने का अंदाज कुछ को ही होता है |  तकदीर लिखती नहीं बनाई जाती है |

v मंजिल उसी को मिलती है‚  जिसे रास्तों से प्यार होता हैं | जीवन उतार-चढ़ाव का पर्याय है, अपने आत्मबल को कमजोर न होने देना |

v मन से इंसान को नहीं हारना चाहिए, क्योंकि मन से हारा हुआ इंसान कभी जीत नहीं पाता ।

v जीवन प्यार और ज्ञान का पर्याय है ।

v विनम्रता ही सफलता की सीढ़ी है ।

v आत्मबल, आत्मसम्मान नैतिकता का परिचायक है ।

v सत्यता आत्मबल को प्रबल करती है।

v हारा हुआ इंसान कमजोर नहीं होता, अपितु मन से हारा हुआ इंसान कमजोर होता है ।

v समय की उपयोगिता सफलता की राह दिखाती है, और सौम्यता, विनम्रता चारित्रिक दर्पण होता है ।

v उठना भी जरूरी है, उठाना भी जरूरी है, जीवन संघर्ष में मनोबल को बनाये रखना भी जरूरी भी है ।

v अनाथ, असहाय की मदद करने से जितनी पुण्य मिलती है, उतना ही पुण्य निर्मल पवित्र आत्मा को रखने से मिलती है ।

v महानता गिरने से कम नहीं होती अपितु गिर कर उठने  से महानता प्रबल होता है।

 

v गतिशीलता ही सफलता की राह आसान करती है, अपितु निरंतर प्रयास सही दिशा देती है ।

--

AKHILESH KUMAR BHARTI (ASSISTANT MANAGER-DCC-EZ) MPPKVVCL, JABALPUR

09826767096(akhilesh.bharti59@gmail.com)

विषय:

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

रचनाकार में ढूंढें...

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

randompost

कहानियाँ

[कहानी][column1]

हास्य-व्यंग्य

[व्यंग्य][column1]

लघुकथाएँ

[लघुकथा][column1]

कविताएँ

[कविता][column1]

बाल कथाएँ

[बाल कथा][column1]

उपन्यास

[उपन्यास][column1]

तकनीकी

[तकनीकी][column1][http://raviratlami.blogspot.com]

वर्ग पहेलियाँ

[आसान][column1][http://vargapaheli.blogspot.com]
[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget