शुक्रवार, 31 मार्च 2017

रागिनी गर्ग की कविताएँ

1.नारी शक्ति है.... पुराणों में पढ़ते आये हैं .. नारी शक्ति है.... बुजुर्गों से सुनते आये हैं... नारी शक्ति है.... शक्ति है तभी देती है जन...

गुरुवार, 30 मार्च 2017

नवरात्र में नारी शक्ति की पूजा / रमेशराज

  क्वार सुदी प्रतिपदा से नवमी तक पवित्र मन के साथ अत्यंत संयम से नवरात्र में रखे जाने वाले व्रत में माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है। ...

रोटियों से भी लड़ी गयी आज़ादी की जंग / रमेशराज

कुछ कांग्रेस के पिट्टू इतिहासकार आज भी जोर-शोर से यह प्रचार करते हैं कि बिना खड्ग और बिना तलवार के स्वतंत्रता संग्राम में कूदने वाले कथित अ...

बालकथा / बन्दर और शीशा / शशांक मिश्र भारती

सरयू रामगंगा के संगम के ऊपर एक बहुत बड़ा और घना जंगल था। जहां अनेक प्रकार के जानवर रहते थे। आस-पास छोटी -मोटी बस्तियां थीं। कभी-कभी गीदड़, खर...

मंगलवार, 28 मार्च 2017

हनुमान मुक्त की हास्य-व्यंग्य कथाएँ

अनैतिक काम आज कल शहरों में मैं देखता हूँ कि लोग फ्लेटों में रहते हैं। कोई पांचवी मंजिल पर तो कोई दसवीं पर। सिर्फ फ्लेट आपका है, छत आपकी नह...

राम नरेश 'उज्ज्वल' की 45 बाल कविताएँ

1-माँ के आँचल जैसी धूप सूरज की किरणें हैं फैली, बिखर गई फूलों की थैली, गरम-नरम यों हाथ फेरती, माँ के आँचल जैसी है धूप। . सबको अपने पास बुल...