मंगलवार, 14 मार्च 2017

ओमप्रकाश दीपक के नाम शरद जोशी, राजकमल चौधरी और उपेन्द्रनाथ अश्क के पत्र

ईमेल और एसएमएस, वाट्सएप्प के जमाने में पत्रों का इंतकाल तो होना ही था. हाथ से लिखे, पोस्ट से भेजे गए पत्रों में कितना क्या कुछ होता था, नीचे विंडो में स्क्रॉल कर देखें-पढ़ें.

इन पत्रों को सुनील दीपक ने स्कैन कर उपलब्ध करवाया है. कुछ पत्रों की सामग्री आप यहाँ यूनिकोड टैक्स्ट में पढ़/साझा कर सकते हैं.

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