शनिवार, 1 अप्रैल 2017

रचनाकारों के लिए खास : सही हिंदी कैसे लिखें?

रचनाकार पर नित्य ढेरों रचनाएँ प्रकाशनार्थ आती हैं. मोबाइल कंप्यूटिंग उपकरणों ने रचना सृजन व प्रकाशनार्थ प्रेषण को और भी आसान और सर्वत्र सुलभ बनाया है.  परंतु अधिकांश रचनाओं में टाइपिंग की, वर्तनी की तथा व्याकरण आदि की ढेरों अशुद्धियाँ होती हैं. उन रचनाओं में जिनमें अशुद्धियाँ कम होती हैं, मामूली संपादन से ठीक हो सकती हैं, उन्हें तो प्रकाशित किया जाता है, परंतु अधिक त्रुटियों वाली रचानओं को प्रकाशित करना संभव नहीं हो पाता.

ऐसे में सवाल यह है कि सही हिंदी कैसे लिखें.

पहला उत्तर है - अधिकाधिक पढ़ें, परंतु ऐसी साइटों में अथवा किताब जिसमें आमतौर पर शुद्ध हिंदी हो. जिससे सही हिंदी की समझ बढ़ेगी. सोशल मीडिया की हिंदी रोमन मिश्रित होती है, उससे भाषा ज्ञान का और कचरा होना निश्चित है. अतः ऐसी साइटों से दूरी बनाना उचित है जहाँ भाषा शुद्धता का खयाल नहीं रखा जाता.

दूसरा उत्तर है - शुद्ध हिंदी लिखने के लिए किसी नियमावली / सिखाने वाली / गाइड का अध्ययन.

ऐसी दो किताबें हाल ही में प्रकाशित हुई हैं -

1 - डॉ. विजय अग्रवाल की पुस्तक - सही हिंदी सुन्दर हिंदी. 175 रुपए की इस किताब में आपको हिंदी प्रयोग में आमतौर पर होने वाली सामान्य त्रुटियों के बारे में बताया गया है और विस्तार से उदाहरण देकर समझाया गया है कि सही हिंदी किस तरह लिख सकते हैं. चंद्र बिंदु से संबंधित गलतियाँ, उपसर्ग प्रत्यय, लिंग, सर्वनाम, विशेषण संबंधी त्रुटियाँ आदि आदि के लिए एक-एक अध्याय में चर्चा की गई है.

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इस पुस्तक को यहाँ से मंगवाया जा सकता है -

आखर पब्लिशिंग हाउस,

11, सुरुचि नगर, भोपाल, भारत 462001

फ़ोन - 0755-4245626

वेब साइट - www.bentenbooks.com

आईएसबीएन नं. 978-93-84055-01-1

 

2 - चन्द्रभान राही की पुस्तक - हिन्दी व्याकरण और विराम चिह्नों का प्रयोग - पुस्तक में भाषा और व्याकरण के बारे में चर्चा से शुरुआत करते हुए मानक हिंदी के बारे में बताते हुए तमाम व्याकरण संबंधी आम त्रुटियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई है. 225 पृष्ठों की यह जरूरी किताब 180 रुपए में उपलब्ध है.

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इस पुस्तक को यहाँ से मंगवाया जा सकता है-

इंद्र पब्लिशिंग हाउस

ई-5/21 अरेरा कॉलोनी

हबीबगंज पुसिस स्टेशन रोड

भोपाल 462016

फ़ोन - 07554059620

वेबसाइट - www.indrapublishing.com

 manish@indrapublishing.com

1 blogger-facebook:

  1. दोनों रचनाओं के लेखकों को साधुवाद

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