रचनाकार

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका

लघुकथा / बड़ी बहू / कुमार गौरव

image

मदना का हाथ आ गया थ्रेसर में ,देखते ही ट्रैक्टर का ड्राईवर और मजदूर सब फरार हो गया । 

बगल केे खेत में फसल काटते मजदूर ने जमींदार साहब के घर पर खबर किया "अपने थ्रेसर में हाथ घुस गया मदना का । "

"मालिक तो शहर गये हैं मालकिन गांव में कीर्तन में है अच्छा चलो मैं देखती हूं ",कहकर बड़ी बहू ने  बटुआ लिया और पीछे चल पड़ी । 

खेत पर देखा तो मदना बेहोश पड़ा था और चार पांच जनानियां घेरे खड़ी थी ।

जैसे तैसे ट्रैक्टर पर उसको बैठाकर बड़ी बहू ने ड्राईविंग सीट संभाली तो जनानियों की हिम्मत बढ़ी । एक लपक कर चढ़ी और मदना को पकड़ कर बैठ गई । 

ट्रैक्टर अस्पताल की तरफ दौड़ पड़ा । गांव की तरफ से कुछ लोग आए तो जनानियों ने बताया एकदम शांत हो गया था क्या पता जिंदा भी था या नहीं हम तो डर से छुए भी नहीं । 

लोग ट्रैक्टर के मालिक जमींदार के घर की तरफ चल दिए । रास्ते में जो भी मिलता मदना को न्याय दिलाने साथ चलने लगता । 

गांव में कुछ हो और मुखिया न जाने ऐसा कैसे हो सकता है । मुखिया की आंखें चमक उठी अब आया ऊँट पहाड़ के नीचे । एक जमींदार ही तो है जिसके कारण मुखिया होने के बावजूद  उसे गांव में इज्जत नहीं मिलती । 

भीड़ में मुखिया के शामिल होते ही भीड़ का मकसद मदना को न्याय दिलाने से बदलकर जमींदार को सबक सिखाना हो गया । 

कुछ ही देर में जमींदार का घर धू धू कर जलने लगा । 

घंटे भर बाद बड़ी बहू ट्रैक्टर चलाती गांव में घुसी। सब हैरत से उसे ही देख रहे थे । मदना के हाथ पर पट्टी बँधी थी और गमछा गर्दन में लटकाकर हाथ को टांग दिया गया था । दुसरे हाथ में दवाईयों की पॉलिथीन लटक रही थी । 

अजीब सी खामोश भीड़ टैक्टर के पीछे चलने लगी थी । घर पर पहुंचते ही बड़ी बहू का सामना आग के पहाड़ से हुआ । 

मदना की माई मदना को टटोलने लगी तो उसने बताया "डागदर ने कहा है दो तीन महीने में सब ठीक हो जाएगा चिंता की कौनो बात नहीं है । "

पीछे मदना बहू जो घर की महरी भी थी दौड़ते दौड़ते आई और बड़ी बहू के पैर पकड़ कर सर पटकने लगी । बड़ी बहू ने उसे उठाकर उलझन भरी नजरों से देखा तो उसने रो रोकर बताया "बौआ घर में ही सुतल रह गये । " 

बड़ी बहू पछाड़ खाकर गिर पड़ी । मदना माई बेटे को छोड़कर अनर्थ हो गया कहकर छाती पीटते हुए आग में घुस गई । बड़ी मुश्किल से काबू में किया उसको लोगों ने ।

मदनाबहू की गोद में लेटी बड़ी बहू थोड़ी थोड़ी देर में होश में आती है और फिर बेहोश हो जाती है । 

मदना लगा भोक्कार पार के रोने " ई जिनगी के बोझ अब हमसे न सहाई । " 

मदना रोते हुए आग की तरफ दौड़ा तो बड़ी बहू ने दुनु गोर छान लिया "हमरा किये पर पानी मत फेर मदन । इतना होने पर भी तू न जिया तो हमरे बेटा की जान अकारथ हो जाएगा । "  

भीड़ चीड़ते हुए पड़ोसी रामवरन सामने आए " शुभ शुभ बोलिए बड़की दुल्हिन बौआ त हमरा घरे खेल रहा है । सोते से उठ गया था शायद ,रो रहा था तो हमरी मलिकाईन उठा के ले आई थी दुध पिलाने । " 

लोग सब डोल बाल्टी लेकर कुंआँ खाली कर रहे हैं आग भी लगभग बुत गई है । ये घर की आग की बात हो रही है मुखिया के दिल में जो ईष्या की आग लगी है उसका तो भगवान ही जाने ।

 

--

कुमार गौरव 

ग्राम+पोस्ट - शाहपुर उण्डी ( पटोरी)

जिला-समस्तीपुर ( बिहार )पिन -848504

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

रचनाकार में ढूंढें...

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

randompost

कहानियाँ

[कहानी][column1]

हास्य-व्यंग्य

[व्यंग्य][column1]

लघुकथाएँ

[लघुकथा][column1]

कविताएँ

[कविता][column1]

बाल कथाएँ

[बाल कथा][column1]

उपन्यास

[उपन्यास][column1]

तकनीकी

[तकनीकी][column1][http://raviratlami.blogspot.com]

वर्ग पहेलियाँ

[आसान][column1][http://vargapaheli.blogspot.com]
[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget