मंगलवार, 23 मई 2017

अट्टहास हास्य व्यंग्य पत्रिका के हास्य-व्यंग्य विशेषांक हेतु हास्य-व्यंग्य रचनाएं और विमर्श आलेख आमंत्रित है

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हास्य- व्यंग्य की महत्वपूर्ण पत्रिका अट्टाहस  इस बार आपने 18 वर्ष  पूरे कर चुका है. इसीलिए  जुलाई अगस्त और सितम्बर  अंक को  विशेषांक के रूप में प्रकाशित किये  जाने का फैसला लिया गया है. जिसका संपादन  युवा आलोचक व्यंग्यकार  एम.एम. चन्द्रा को सौंपा गया है. आप अपनी तीन व्यंग्य रचनायें और व्यंग्य विमर्श से संबंधित तीन आलेख क्रमशः  भेज सकते हैं. तीनों अंकों  के  स्तरीय विमर्श आलेखों की  एक पुस्तक रूप भी प्रकशित किया जायेगा . यदि आप समकालीन  व्यंग्य को लेकर किसी भी  पक्ष को हमारे सामने रखना चाहते है तो उसका भी स्वागत  है . आप सभी सुधी व्यंग्य पाठकों , लेखकों , और चिंतकों की  व्यंग्य सम्बन्धी  रचनाओं का इन्तजार है . आप अपनी रचनायें इस ईमेल –mmchandra08@gmail.com पर भेज सकते हैं.

साथियों, समय समय पर हास्य-व्यंग्य में कुछ बुनियादी अन्तर्विरोध उभर कर सामने आते रहते है. नई-पुरानी पीढ़ी का अन्तर्विरोध, नयी तकनीकी और पुरानी तकनीकी का अंतर्विरोध, छद्म और बुनियादी, महिला और पुरुष , समसामयिक और क्लासिकल, सत्ता और व्यवस्था, विषय-वस्तु और शिल्प, विचार और शिल्प, व्यवहार और सिद्धांत, आधार और अधिरचना जैसे हास्य-व्यंग्य सम्बन्धी अन्तर्विरोध देखने को मिलते है. हास्य -व्यंग्य संबंधी इन्हीं विषयों पर केन्द्रित अट्टहास का जुलाई अंक हेतु आपके आलेख आमंत्रित करता है.

 

हास्य- व्यंग्य में अन्तर्विरोध विशेषांक (जुलाई अंक ) अंतिम तारीख - 4 जून 20117

व्यंग्य लेखन में नयी पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में नयी तकनीकी- पुरानी तकनीकी के प्रयोग का अंतर्विरोध

हास्य-व्यंग्य लेखन में महिला व्यंग्यकार और पुरुष व्यंग्यकार का अंतर्विरोध

समकालीन पद्य हास्य-व्यंग्य की दशा और दिशा

व्यंग्य लेखन में समसामयिक और क्लासिकल रचना का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में छद्म और बुनियादी मुद्दों की पहचान कैसे करें ?

व्यंग्य लेखन में विचार और शिल्प का अन्तर्विरोध

व्यंग्य लेखन में गाली-गलौज और गैर-गालीगलौज का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में छपास और गैर-छपास का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन काव्य और गद्य लेखन का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में हास्य और व्यंग्य का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में शिल्प और विषय वस्तु का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में अखबारी और पत्रिका लेखन का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में पुस्तकीय और गैर-पुस्तकीय लेखन का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में स्वर्णिम काल , अँधेरा काल या संक्रमण काल जैसे विचारों का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में अच्छा और खराब लेखन का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में सपाट बयानी और गैर सपाट बयानी का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में व्यक्तिगत प्रवृत्ति या सामाजिक प्रवृत्ति का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में वन लाइनर और बड़े व्यंग्य लेख का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में लेखकों की बाढ़ या सूखा की स्थिति का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में व्यंग्य का संकुचन या विस्तार का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में व्यंग्य सरोकारी या गैर -सरोकारी का

व्यंग्य लेखन में सोशल मीडिया की भूमिका नकारात्मक या सकारात्मक ?

व्यंग्य लेखन में पक्षधरता या गैर पक्षधरता का अंतर्विरोध

व्यंग्य लेखन में दीर्घजीवी या अल्प जीवी लेखन का अंतर्विरोध

 

हास्य- व्यंग्य में आलोचना: कल आज और कल विशेषांक (जुलाई अंक) अंतिम तारीख -4 जुलाई 20117

व्यंग्य आलोचना की पक्षधरता क्या ?

मुख्य धारा की आलोचना का रुख व्यंग्य लेखन के प्रति नकारात्मक या सकारात्मक ?

व्यंग्य आलोचना में गद्य व्यंग्य की बहुलता काव्यात्मक व्यंग्य की अनदेखी ?

व्यंग्य आलोचना पद्धति का स्वरूप

व्यंग्य विधा या शैली

व्यंग्य आलोचना का बदलता स्वरूप

व्यंग्य का शिल्प विधान

व्यंग्य आलोचना का सौंदर्यशास्त्र

व्यंग्य आलोचना के प्रतिमान

व्यंग्य आलोचना की दिशा और दशा

व्यंग्य समीक्षा का स्वरूप

व्यंग्य आलोचना की सीमाएं

व्यंग्य आलोचना का अभाव ?

व्यंग्य आलोचना के बुनियादी कार्यभार

व्यंग्य आलोचना की समस्याएं

 

हास्य-व्यंग्य समकालीन व्यंग्य दिशा और दशा विशेषांक (जुलाई अंक) अंतिम तारीख -4 अगस्त  20117

समकालीन व्यंग्य दिशा और दशा

समकालीन व्यंग्य की चुनौतियां

समकालीन व्यंग्य के कार्यभार

समकालीन व्यंग्य की बदलती भूमिका

समकालीन व्यंग्य की संभावनाएं और आशंकाएं

समकालीन व्यंग्य की उपयोगिता कब और कैसे

व्यंग्य की पक्षधरता क्या है

 

नोट - मुझे आपसे आप से साहित्यिक सहयोग की पूर्ण आशा है और विश्वास है कि अट्टहास के तीनों अंक व्यंग्य संरचना  में एक सार्थक प्रयास साबित होगा ।

आपका अपना

एम.एम. चन्द्रा

mmchandra08@gmail.com

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