रविवार, 23 जुलाई 2017

अंगदान का नन्हा हीरो - टेडी होल्स्टोन // डॉ शिल्पा जैन सुराणा

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टेडी होल्स्टोन जिसे जन्म लिए हुए अभी मात्र दो घंटे ही हुए थे, एक हीरो की तरह उसने दम तोड़ दिया। वो एक नन्हा हीरो था, जिसका नाम इतिहास में सबसे छोटे अंगदाता के रुप में दर्ज हुआ, उसके नन्हे से शरीर के अंगों ने कई लोगों को नयी ज़िन्दगी प्रदान की। इसके लिए उसके माता पिता को प्राइड ऑफ़ ब्रिटेन के सम्मान से भी नवाजा गया।

कई बार इन्टरनेट पर व अख़बार में खबर पढ़ने को मिलती है कि एक व्यक्ति के अंगदान करने से न जाने कितने लोगों को नयी ज़िन्दगी मिल गयी।। भारत जैसे देश में जहाँ की जनसंख्या विश्व में दूसरे स्थान पर है, उसे देखते हुए अंगदान के प्रति लोगों की जागरूकता न के बराबर है, उसमें भी लोगों का अन्धविश्वास इस समस्या को और बढ़ावा देता है। जीवित व्यक्ति और ब्रेन डेड व्यक्ति दोनों के द्वारा अंगदान किया जा सकता है। भारत में जहाँ दुर्घटनाओं का आंकड़ा भयावह स्तर पर है, हज़ारों लोग प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गवाते हैं, ऐसे लोगों की भी अगर पारिवारिक रजामंदी हो तो उनके अंग भी किसी जरूरतमंद व्यक्ति को लगाये जा सकते हैं।

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भारत में ये स्थिति चिंताजनक इसलिए है कि लोगों को ये पता ही नहीं कि अगर अंगदान करना है तो वो किस व्यक्ति से संपर्क करें या कहाँ जाये? वजह ये है कि कुछ चुनिंदा अस्पताल ही इसके लिए अधिकृत हैं, ये सुविधा हर अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। दूसरी समस्या ये है कि जिन अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण की सुविधा  हैं, वे इसके लिए मरीजों से लंबी चौड़ी फीस लेते हैं, ऐसा कोई विरला उदाहरण मिलेगा जहाँ किसी गरीब मरीज के लिए ये सुविधा मुफ्त में दी गयी हो।

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ये एक बहुत बड़ी समस्या है इसके लिए जरुरी है सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय एक अभियान चलाए और लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करें और साथ में सभी अस्पतालों को इससे जोड़ें। साथ ही लोगों से संकल्प पत्र भी भरवाए, उन्हें ये बतायें कि वे इसके लिए किससे संपर्क कर सकते हैं। इस बारे में जो भ्रांतियां हैं उन्हें भी दूर करने की जरुरत है, ताकि लोग आगे आयें। हज़ारों लोग जो असमय ही काल कवलित हो जाते हैं, शायद अंग प्रत्यारोपण के माध्यम से उनको एक नयी ज़िन्दगी प्राप्त हो जाये। जरुरत है लोगों को जागरूक करने की और इस दिशा में एक कारगर कदम बढ़ाने की।

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डॉ शिल्पा जैन सुराणा

PhD M.Phil, NET, M.B.A

Former Assistant professor

Article writing for various newspapers and magzines

वरंगल

तेलंगाना

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