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अमरत्व कौन नहीं चाहता भला // जलज कुमार अनुपम की कविताएँ

तीर्थराज झाला की कलाकृति

१. अमरत्व कौन नहीं चाहता भला


किसको इसकी जरूरत नहीं
हर रुह चाहता अमिट होना
अपनी पहचान बनाना
जो स्थापित हो
स्थाई हो
सबकी स्मृति में रहे
दो धारा हैं अमरत्व में
राम बनना है या रावण
दोनों अमर हैं
उदाहरण योग्य हैं
कर्म योगी भी दोनों है
अच्छे बुरे कर्मों का फर्क है
त्याग और स्वहित का अंतर है
त्याग अमरत्व दिलाता हैं
पर इस युग में यह परे हैं
आसान नहीं हैं त्याग
स्व से अलग होना
आपको योगी बनाता हैं
कर्म योगी,सिद्ध योग
त्याग से अमरत्व
एक सफल सफर हैं
त्याग को इस सफर हेतु
मुसाफिर चाहिए
आइए कदम उठाते
थोड़ा त्याग दिखाते हैं
कर भला हो भला का
राग गुनगुनाते हैं।

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२. कुछ बोझ सा


अटक गया है
सावन खफा है
कल सपने में
गाँव आया था
कुछ चेहरे
उसमें उदासीनता
जो मेरे है
और
जिनका सिर्फ मैं हूँ
साथ में बाँसवारी
ब्रह्म बाबा और माटी की खुशबू
पूजा और झंडा मेला की यादें
साथ लाया था
पलायन की भट्ठी में
झुलस रहा हूँ
खुद गुम और खुद से दुर
होता जा रहा हूँ
जिसने सींचा बचपन
बनाया जवान
वह कराह रहा है
मेरी यादों को संजोए
टकटकी लगाए
बाट जोह रहा है
उसे उम्मीद है
मुझे विश्वास है
कुछ करना है उसके लिए
इसका एहसास है
बुलबुले से ख्वाब
मेरे पास और साथ है

३.कल रात


कुछ ख्वाब
चल कर आए थे
पापा के पास
जो उनके थे
वे ख्वाबों के पीठ पर
प्यार भरी
थपथपाहट देकर
विदा कर दिए
बोले
मेरे ख्वाबों की
उम्र निकल चुकी है
कुछ नौजवान सपने है
बढ़ रहे है
उनको बस बढ़ाना है
अपने मिट कर भी
उनको बचाना है

४.घर की ओरीयानी पर


अब बिजली की रोशनाई है
अपने सब दूर हुए
कह रहे विकास आई है
पूर्वजों की विरासत
हमने हँसी मे लुटाई है
गाँव अब पुराना हुआ
शहर में एक कबूतरखाना
हमने कमा कर बसाई है
कुछ खो चुके
कुछ खोते जा रहे है
बस यही हमारी
विकास वाली कमाई है

५.बाहर सावन चल रहा है


एक सावन अंदर भी है
बिस्तर पर तकिए को
भिगो रहा है
काकी के बेटा को परदेश गए
पाँच साल हो गए
कमाने के नाम पर गया था
घर से
और घर ही भूल गया
हर दिन काकी देवता पीतर को गोहराती
कौवे की काँव काँव मन को भिगो जाती
इस सावन में
घर की पूजा में आने का वादा था
इंतजार में पथराई आँखें
दिल बस पत्थर का नहीं है
सोचती
कैसे खून मेरा हुआ बेईमान
क्या यही है परवरिश का सम्मान
आस बाकी है
साँस बाकी है
सावन का उल्लास बाकी है ।

--

जलज कुमार अनुपम
बेतिया , बिहार

संपर्क सूत्र : +९१९९७१०७२०३२

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