September 2017

मैं रावण बोल रहा हूँ // सुशील शर्मा

राम और मैं रामायण के सबसे ऊर्जावान चरित्र हैं। भले ही मेरा चरित्र सबको नकारात्मक ऊर्जा से भरा लगता है और राम का चरित्र सकारात्मक ऊर्जा का पु...

व्यंग्यं शरणं गच्छामि // अमित शर्मा (CA)

कुछ समय पूर्व कुछ शुभचिंतक मित्रों द्वारा मेरी तरफ चेतावनी फ़ेंक कर मुझे सूचित किया गया कि मैं व्यंग्य लिखता हूँ। मतलब लिखने के नाम पर  जो भी...

इटली की लोक कथाएँ–1 : 15 कैनेरी राजकुमार // सुषमा गुप्ता

यह लोक कथा इटली में कुछ ऐसे कही जाती है कि एक राजा था जिसके एक बेटी थी। बेटी की माँ मर गयी थी और राजा ने दूसरी शादी कर ली थी। लड़की की सौतेल...

इटली की लोक कथाएँ–1 : 14 एक पागल और एक चालाक // सुषमा गुप्ता

एक बार एक दूर के शहर में एक बहुत ही मशहूर पागल रहता था जिसको अब तक कोई भी पकड़ने में कामयाब नहीं हो सका था। और इसी शहर में एक चालाक भी रहता ...

इटली की लोक कथाएँ–1 : 13 बारह बैल // सुषमा गुप्ता

एक बार 12 भाई थे जिनकी एक बार अपने माता पिता से लड़ाई हो गयी और वे घर छोड़ कर चले गये। उन्होंने जंगल में जा कर अपना एक घर बना लिया और वहाँ र...

इटली की लोक कथाएँ–1 : 12 तोता // सुषमा गुप्ता

एक बार की बात है कि एक शहर में एक व्यापारी रहता था। उसके एक बेटी थी। एक बार उस व्यापारी को अपने व्यापार के काम से कहीं बाहर जाना था पर वह अप...

इटली की लोक कथाएँ–1 : 11 एक राजकुमार जिसने मेंढकी से शादी की // सुषमा गुप्ता

एक बार एक राजा था जिसके तीन बेटे थे और उसके तीनों बेटे शादी के लायक थे। जिससे कि उनकी पत्नियाँ चुनने में किसी तरह की झगड़ा न हो इसलिये राजा ...

इटली की लोक कथाएँ–1 : 10 तीन किले // सुषमा गुप्ता

एक बार एक लड़के के दिमाग में आया कि वह कहीं बाहर जा कर चोरी करे। यह बात उसने अपनी माँ से कही तो उसने उसको बहुत डाँटा। वह बोली — “तुमको शरम न...

इटली की लोक कथाएँ–1 : 9 साँप // सुषमा गुप्ता

एक बार एक किसान था जो घास काटने के लिये रोज बाहर जाया करता था। उसके तीन बेटियाँ थीं। उनमें से उसकी एक बेटी उसके लिये रोज खाना ले कर जाया क...