गुरुवार, 19 अक्तूबर 2017

दिवाली विशेष कविताएँ–दिए जलाने की है वेला

कुमार रवीन्द्र दिये जलाने की है बेला रात अमावस   घना अँधेरा दिये जलाने की है बेला ड्योढ़ी पर गणपति का दीया आँगन में पुरखों की बाती क...

व्यंग्य // आह ताज वाह ताज // डॉ. सुरेन्द्र वर्मा

ज़ाहिर है, यहाँ मैं जिस “ताज” की बात कर रहा हूँ वह बादशाहों द्वारा अपने सर पर लगाने वाला ताज, यानी मुकुट, नहीं है, यह तो शाब्दिक रूप से ताज-म...

बुधवार, 18 अक्तूबर 2017

हास्य-व्यंग्य // देवी लक्ष्मी का आगमन और स्वप्न का टूटना // प्रदीप उपाध्याय

इस बार भी सपत्नीक दीपोत्सव पर्व की तैयारी कर रहे थे। बाल गोपाल भी हाथ बंटा रहे थे। अचानक हम लोगों के सामने महालक्ष्मी जी प्रकट हुईं। हम सभी ...

हास्य-व्यंग्य // फ्रेण्ड रिक्वेस्ट चालू आहे….// प्रदीप उपाध्याय

मुझे लगता है कि सोशल मीडिया बड़े ही काम की चीज़ है। जो पूरे जीवन काल में नहीं हुआ,वह आश्चर्यजनक रूप से जीवन के ढ़लान के समय हो रहा है!जहाँ स्कू...

छठवाँ आलोक स्मृति साहित्यकार सम्मान समारोह सम्पन्न

छठवाँ आलोक स्मृति साहित्यकार सम्मान समारोह -2017 बड़े गरिमामयी वातावरण में आलोक पब्लिक स्कूल के सभागार में सम्पन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि...

मंगलवार, 17 अक्तूबर 2017

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में युवा काव्य प्रतियोगिता

दिल्ली : रविवार, 15 अक्टूबर 2017, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव- 'Rendezvous 2017' के अन्तर्गत ...

विज्ञान-कथा // मक्खी // डॉ. रवीन्द्र अन्धारिया

‘अ जी, सुनते हो?' सेठानी लीलावती ने कहा। परन्तु सेठ नरोत्तम शाह करवट बदल कर सोते ही रहे। वे गहरी नींद में थे। सेठानीजी ने उसके कंधे झकझो...

विज्ञान-कथा // जीवाणु बम // हरीश गोयल

मैं सोच भी नहीं सकता था... ऐसा सोचा भी कैसे जा सकता था। मेरे प्रयोग का नतीजा इतना भयावह निकलेगा... पूरा का पूरा राष्ट्र तबाह हो जायेगा... मे...

विज्ञान-कथा // लखनऊ // डॉ. राजीव रंजन उपाध्याय

सम्पादकीय नींद क्यों रात भर नहीं आती यह माना जाता है कि मनुष्य सारे कार्य-काम धन्धों को इस कारण करता है कि वे सुविधा दे सकें और वह रात्रि मे...

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