मंगलवार, 31 अक्तूबर 2017

पं.हरप्रसाद पाठक-स्मृति बाल साहित्य पुरस्कार समारोह-2016-17 का आयोजन सम्पन्न

IMG_5969


प्रख्यात साहित्यकार डॉ.विमला भण्डारी, डॉ.कामना सिंह,श्रीमती रेखा लोढ़ा,डॉ.अशोक बंसल, आचार्य नीरज शास्त्री एवं श्री प्रमोद लवानिया'बादल' व लक्ष्मी अग्रवाल मुन्नी को किया गया पुरस्कृत तथा आठ वरिष्ठ साहित्यकारों को किया गया सम्मानित साथ ही दो पुस्तकों-''भ्रष्टाचार का सुख''व्यंग्य-संग्रह एवं ''फूलो''ब्रजभाषा कहानी-संग्रह का लोकार्पण

मथुरा(30.10.17) पं.हरप्रसाद पाठक-स्मृति बाल साहित्य पुरस्कार समिति,मथुरा के तत्वावधान में बाल साहित्य पुरस्कार समारोह-2016-17 का आयोजन श्री जमुना प्रसाद सरस्वती शिशु मंदिर, माधवपुरी, महोली रोड, मथुरा में सम्पन्न हुआ।

प्रथम सत्र का प्रारम्भ कार्यक्रम के अध्यक्ष सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्रीशैलेन्द्र कुलश्रेष्ठ द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं कार्यक्रम की मुख्य अतिथि,ं प्रख्यात साहित्यकार डॉ. उषा यादव आगरा, तथा विशिष्ठ अतिथि श्री सतीश अग्रवाल, एवं आचार्य गिर्राज किशोर तिवारी द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से प्रारम्भ हुआ।

पं.हरप्रसाद पाठक के चित्र पर माल्यार्पण समिति के अध्यक्ष मेजर शिवदयाल पाठक ने किया।

मॉ.सरस्वती की सस्वर वन्दना बल्देव से पधारे सुकवि राधा गोविन्द पाठक ने प्रस्तुत की। संस्था सचिव डॉ0दिनेश पाठक'शशि' ने संस्था का परिचय प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में पं.हरप्रसाद पाठक-स्मृति बाल साहित्य पुरस्कार समिति, मथुरा की ओर से दिल्ली से पधारीं प्रख्यात साहित्यकार डॉ.कामनासिंह को उनके बाल उपन्यास-''ब्राउऩी'' के लिए तथा सलूम्बर राजस्थान से पधारीं प्रसिध्द साहित्यकार डॉ. विमला भण्डारी को उनके बाल-उपन्यास-''कारगिल की घाटीं'' के लिए, कु.लक्ष्मी अग्रवाल मुन्नी को दिल्ली को,श्रीमती रेखा लोढ़ा स्मिति' भीलवाड़ा, डॉ.अशोक बंसल, आचार्य नीरज शास्त्री व श्री प्रमोद लवानिया 'बादल' मथुरा को प्रशस्ति-पत्र,स्मृति चिन्ह व राशि प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।

इसके बाद आठ वरिष्ठ साहित्यकार -डॉ.अनिल गहलौत,डॉ.इन्द्र कुमारशर्मा ,डॉ.प्रेमदत्त मिश्र मैथिल, डॉ.सुरेश पाण्डेय, श्री महेन्द्र हुमा सक्सेना,श्री राधा गोविन्द पाठक, श्री बी.डी.मित्तल'शूल' को शाल उड़ाकर व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में डॉ0 दिनेश पाठक 'शशि' की दो पुस्तकों-''भ्रष्टाचार का सुख'' व्यंग्य संग्रह तथा ''फूलो'' ब्रजभाषा कहानी संग्रहं'' का लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ.उषा यादव एवं अध्यक्ष श्रीशैलेन्द्र कुलश्रेष्ठ ने भी समिति को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान की। कार्यक्रम के प्रथम व द्वितीय सत्र का कुशल संचालन प्रख्यात साहित्यकार डॉ.रमाशंकर पांडेय जी ने किया।

कार्यक्रम के तीसरे सत्र में सरस कवि सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें सुकवि श्री मोहन लाल मोही, डॉ.रमाशंकर पाण्डेय,डॉ.विमला भण्डारी, श्रीमती रेखा लोढ़ा स्मित, श्रीमती सुधा अरोड़ा,संतोष कुमार सिंह, आचार्य नीरज शास्त्री, आचार्य निर्मल, हरिदत्त चतुर्वेदी'हरीश', डॉ.के.उमराव विवेकनिधि, ,अनुज,,प्रमोद लवानिया 'बादल',,मुनीस मदिऱ, महेन्द्र हुमा, राधा गोविन्द पाठक,सुरेश पाण्डेय,मदन मोहन अरविन्द, निशेश जार आदि ने अपनी कविताओं से कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। सानिका पाठक,डॉ.इन्दू चतुर्वेदी,गोपाल चतुर्वेदी, ऋषभ,शशिपाठक,डॉ. मीनाक्षी पंड्या,अनुपमा पाठक,सागर एवं आकाश पाठक,सक्षम, एवं श्रीमती पूनम चतुर्वेदी सहित अनेक साहित्यकार, पत्रकार एवं विद्वानों की उपस्थिति कार्यक्रम को गरिमा प्रदान करती रही।

कार्यक्रम के तृतीय सत्र का सफल संचालन आचार्य नीरज शास्त्री ने किया। कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दिनेश पाठक'शशि' ने किया।

प्रस्तुति

डॉ. दिनेश पाठक'शशि ,28,सारंग विहार,मथुरा-6,मोबा0-9870631805

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------