शुक्रवार, 27 अक्तूबर 2017

देश विदेश की लोक कथाएँ — यूरोप–इटली–5 : 13 मिस उत्तरी हवा और मिस्टर ज़ैफिर // सुषमा गुप्ता

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13 मिस उत्तरी हवा और मिस्टर ज़ैफिर[1]

एक बार ऐसा हुआ कि मिस उत्तरी हवा[2] को लगा कि उसको शादी कर लेनी चाहिये सो वह मिस्टर ज़ैफिर[3] के पास गयी और बोली — “ज़ैफिर जनाब, क्या आप मेरे पति बनना पसन्द करेंगे?”

मिस्टर ज़ैफिर को पैसों से बहुत लगाव था और वह स्त्रियों के बारे में ज़्यादा नहीं सोचता था. सो बिना कुछ इधर उधर किये वह बोला — “नहीं मैम उत्तरी हवा, मैं तुमसे शादी नहीं कर सकता क्योंकि तुम्हारे पास तो दहेज में देने के लिये एक पैसा भी नहीं है।”

सो उत्तरी हवा ने लगातार बहुत तेज़ी से बहना शुरू किया। उसने यह भी परवाह नहीं की कि इतनी तेज़ बहने से उसके फेंफड़े भी फट सकते थे।

वह तीन दिन तीन रात लगातार बहती रही और बहती रही। इससे बरफ और तूफान आ गया। सारे खेत, पहाड़ियाँ और गाँव बरफ से ढक गये।

जब मिस उत्तरी हवा अपनी चाँदी सब तरफ फैला चुकी तब उसने ज़ैफिर से कहा — “यह लो मेरा दहेज जो आप कह रहे थे कि मेरे पास दहेज नहीं था। क्या इससे काम चलेगा?”

इसके बाद वह फिर तीन दिन के लिये आराम करने चली गयी।

मिस्टर जै.फिर ने उसके दहेज की तरफ आँख उठा कर भी नहीं देखा। बस उसने अपने कन्धे उचकाये और बहने लगा। वह भी तीन दिन और तीन रात तक बहता रहा और बहता रहा और इस बीच सारे खेतों मैदानों और पहाड़ियों की सारी बरफ गरमी के मारे पिघल गयी।

जब मिस उत्तरी हवा ने कुछ देर आराम कर लिया तो वह उठी। उसने देखा कि उसका तो सारा दहेज चला गया है। उसकी फैलायी हुई सारी बरफ पिघल गयी थी।

वह मिस्टर ज़ैफिर के पास दौड़ी गयी तो उसने हँस कर मिस उत्तरी हवा से पूछा — “मिस उत्तरी हवा, तुम्हारा दहेज कहाँ है? क्या तुम अभी भी यही चाहती हो कि मैं तुम्हारा पति बन जाऊँ?”


मिस उत्तरी हवा मुँह लटका कर वहाँ से चली आयी — “नहीं मिस्टर ज़ैफिर मैं कभी आपकी पत्नी बनना पसन्द नहीं करूँगी क्योंकि आपने तो मेरा इतना सारा दहेज एक ही दिन में खत्म कर दिया।



[1] Miss North Wind and Mr Zephir (Story No 119) – a folktale from Italy from its Abruzzo area.

Adapted from the book : “Italian Folktales” by Italo Calvino. Translated by George Martin in 1980.

[2] Translated for the ord “North Wind” – it is very cold arctic air.

[3] In Italian very light warm breeze is called Zephyr

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सुषमा गुप्ता ने देश विदेश की 1200 से अधिक लोक-कथाओं का संकलन कर उनका हिंदी में अनुवाद प्रस्तुत किया है. कुछ देशों की कथाओं के संकलन का  विवरण यहाँ पर दर्ज है. सुषमा गुप्ता की लोक कथाओं के संकलन में से क्रमशः  - रैवन की लोक कथाएँ,  इथियोपिया इटली की  ढेरों लोककथाओं को आप यहाँ लोककथा खंड में जाकर पढ़ सकते हैं.

(क्रमशः अगले अंकों में जारी….)

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