लघुकथाएँ : डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद // प्राची - दिसंबर 2017 : लघुकथा विशेषांक

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डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद

बन्द

रैली और सभा के बाद नेताजी के मैनेजर ने लौटते समय ठेकेदार का रुपये देने से मना कर दिया. उसने कहा-

"बन्द के समय मार-पीट, तोड़-फोड़ कर दहशत फैलाने का काम तुम्हारे आदमियों ने किया ही नहीं तो रुपये किस लिये? कुछ कारें और टू-थ्री व्हीलर्स तोड़े जाते, बसों में आग लगाई जाती, खुले ऑफिसों की खिड़कियों के कांच तोड़े जाते, तभी तो हमारी पार्टी की ताकत का पता लोगों को लगता. तुम्हारे लोग तो रैली के साथ चुपचाप घूमते रहे. अगली बार पूरा काम करवाना, समझे?"

आगे भी काम मिलते रहने के लालच से ठेकेदार चुपचाप चला गया, पर गाली देकर अपने गुस्से को निकालने लगा.

महानगरों के लोग

एक अधेड़ उम्र का आदमी मेन रोड के फुटपाथ पर गिरकर बेहोश हो गया, पर आने जाने वाले लोगों में से कोई उसे उठाने या गौर से देखने के लिए रुका नहीं. कुछ लोग मुंह फेर कर आगे बढ़ गये. एक ने चलते-चलते कहा, ‘साला पीकर पड़ा होगा.’

एक बुजुर्ग शाम को वाकिंग के लिए जा रहे थे. वहां रुक कर उस बेहोश व्यक्ति के नाक के सामने हाथ रखकर देखा. जब उन्हें पता चला कि उस आदमी की सांसें चल रही हैं तो उन्होंने अपनी लाठी जमीन पर रख उस आदमी को उठा कर बैठाया और सामने की दुकान वाले से पानी लाने को कहा. उसके मुंह पर पानी छिड़कते ही वह होश में आ गया और कहा कि वह कचहरी से आ रहा था. दिन भर की दौड-भाग और मुकदमेबाजी की परेशानी से यहां पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया

बुजुर्ग ने उस आदमी को एक बोतल कोल्ड ड्रिंक पिलाकर ऑटो रिक्शा से उसके घर पहुंचा दिया. घर लौटने पर जब उनकी पत्नी ने देर से आने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा- ‘महानगरों के लोगों में संवेदनशीलता की भावना मर गई है. दूसरों के बारे में सोचने की फुर्सत नहीं है.’

हराम की कमाई

साउथ इण्डिया टूर पर जाने से पहले सुना था कि टूरिस्ट बस के ड्राइवर उन्हीं दुकानों-रेस्टोरेंटो के सामने बस खड़ी करते हैं, जहां से उन्हें कमीशन मिलता है. चाहे वह जगह टूरिस्टों के लिए ठीक न हो.

टूर में गये तो आश्चर्य हुआ, क्योंकि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. एक रेस्टोरेंट में हमारे टेबल पर ही ड्राइवर भी खा रहा था और खाना खत्म होते ही उसने बिल मांग कर पैसे दे दिये.

जब मैंने ड्राइवर से पूछा कि उसे मुफ्त में खाना मिलना चाहिये तो उसका उत्तर सुनकर हम अवाक् रह गये. उसने कहा- ‘मैं हराम की कमाई नहीं खाता.’

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