February 2018

होली विशेष रंगीन हुड़दंग : इको-फ्रेंडली होली....!! // गिरीश पंकज

व्यंग्य  इको-फ्रेंडली होली....!! गिरीश पंकज लोगबाग़   इको- फ्रेंडली होली खेल रहे थे । सरकार का निर्देश था भाई,  क्या करते। लेकिन जमकर हुई इको...

होली विशेष रंगीन हुड़दंग : होली और घबराहट नेताजी की // गिरीश पंकज

होली आते ही सबसे अधिक घबराहट होती है, हमारे नेता चुगलीप्रसाद को । होली के दो दिन पहले ही वे अज्ञातवास पर चले जाते हैं। ऐसा इसलिए करते हैं क्...

होली विशेष रंगीन हुड़दंग : होली और बुरा ना मानो महोत्सव // अमित शर्मा (CA)

                      होली, भारत का प्रमुख त्यौहार है, क्योंकि इस दिन पूरे भारत में बैंक होली-डे  रहता है अर्थात अवकाश रहता है जिसकी वजह से ...

संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन - प्रविष्टि क्र. 47 : एन. सी. सी और मैं // मीना गोदरे "अवनि "

प्रविष्टि क्र. 47 एन. सी. सी और मैं मीना गोदरे "अवनि " ----------------------------- आज शिक्षा की गुणवत्ता केवल किताबों तक ही सी...

पुरस्कारों में इज़ाफ़ा - संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन 2018 : अंतिम तिथि निकट है, अपनी प्रविष्टि शीघ्र भेजें

(पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाने वाली किताबें) अब कुल रुपए 30 हजार से अधिक के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे. संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन के पुरस...

हंसी ठिठोली वाले रिश्तों के लिए होली है पवित्र पर्व // डा. सूर्यकांत मिश्रा

2 मार्च होली पर्व पर विशेष हंसी ठिठोली वाले रिश्तों के लिए होली है पवित्र पर्व ० रिश्तों की अहमियत भी न भूले समाज होली का जुनून किसके सिर चढ...

होली के रंग में रंगी काव्य गोष्ठी

भोपाल। निर्भया साहित्य संस्था की पांचवी काव्य गोष्ठी व्यायाम शाला बरखेड़ा पठानी में आयोजित की गई। गोष्ठी में कविता, गजल लिखने के शौकीन नवोदित...

संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन - प्रविष्टि क्र. 46 : रेल यात्रा संस्मरण // मेरी पहली मुम्‍बई रेल यात्रा // डॉ० हरिश्‍चन्‍द्र शाक्‍य, डी0लिट्‌0

प्रविष्टि क्र 46 : रेल यात्रा संस्मरण मेरी पहली मुम्‍बई रेल यात्रा मेरे परम मित्र श्री देवेन्द्र कुमार वर्मा को मुख का कैंसर हो गया था। श्री...

जीवन चलने का नाम // अनामिका शाक्य

हम सभी अपने जीवन में इस उत्तर को कई बार ढूँढते हैं कि जीवन क्या है और हर बार अपने मन को अपने आप ही उसी पुराने उत्तर से समझा लेते हैं कि जीव...

लघुकथा // उपहार // अजीत कुमार

उपहार आज पूरे दो साल बाद मैं शहर से घर वापस आया हूँ। सब बहुत खुश है और सबसे ज्यादा खुश है मेरा छोटा भाई ''छोटू '' भैया आ गए ...

अजीत कुमार की कहानी - सफ़र

अप्रैल का महीना था, मेरे सब दोस्त गोवा जाने की प्लैनिंग कर रहे थे। मैंने गोवा के बारे में बहुत सुना था पर कभी गया नहीं था, इसीलिये दोस्तों क...

खजुराहो नृत्योत्सव : विजया शर्मा द्वारा मनोज श्रीवास्तव की कविता पर नृत्य प्रस्तुति

मनोज श्रीवास्तव की कविता पर सुप्रसिद्ध नृत्यांगना सुश्री विजया शर्मा द्वारा मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति खजुराहो नृत्योत्सव 2018 पर देखें -

पूजा मदान की कविताएँ

पीड़ा तुम कोई एक नहीं तुम्हारे जैसी लाखों-करोड़ों हैं जिन्होंने अपने सपनों को उपलों की धुआँधार राख में बीच चौराहों पर जलते-भूनते देखा है || दे...

होली पर हास्य-व्यंग्य से भरपूर, रंग बिरंगी कविताएँ आमंत्रित // तीन होली बालगीत // शशांक मिश्र भारती

होली पर विशेष काव्य सम्मेलन के तहत इस सप्ताहांत, होलियाना, रंग-बिरंगी, हास्य-व्यंग्य से सराबोर कविताएँ प्रकाशित की जाएंगी. अपनी होली विशेष र...

बढ़ते वृद्धाश्रम खोटे संस्कार // श्रीमती शारदा नरेन्द्र मेहता

बढ़ते वृद्धाश्रम खोटे संस्कार श्रीमती शारदा नरेन्द्र मेहता (एम.ए. संस्कृत ) वृद्ध हमारे समाज की मजबूत रीढ़ है। हमारे संस्कार एवं धार्मिक और सा...

हास्य-व्यंग्य : पकौड़ों की शान (?) में // डा, रामप्रकाश आर्य

एक प्रबुद्ध पाठक, डा.रामप्रकाश आर्य ने एक लघु व्यंग्य-आलेख - सुरेन्द्र वर्मा के व्यंग्य निबंध ," आह पकौड़ा  वाह पकौडा " पढ़ने के उपर...

श्रीदेवी : विशेष संस्मरण : आप तो हमारे घरों में मुहावरे बनकर जीती रहीं हैं // विनीत कुमार

आप तो हमारे घरों में मुहावरे बनकर जीती रहीं हैं : बॉलीबुड नायिकाओं को शायद इस बात का अंदाजा हो या नहीं, पता नहीं लेकिन वो एक सामान्य मिडिल क...

संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन - प्रविष्टि क्र. 45 : मनाली से लेह : एक अविस्मरणीय यात्रा // डा०अमित कुमार सिंह’

प्रविष्टि क्र. 45 मनाली से लेह : एक अविस्मरणीय यात्रा डा०अमित कुमार सिंह’ जाड़े की एक अलसाई सुबह। थोड़ी अलमस्त,थोड़ी सुकून की अंगड़ाई। चाय की ग...