साहित्य समाचार // प्राची - फरवरी 2018

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डॉ. भावना शुक्ल की पुस्तकों का लोकार्पण

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दिल्लीः नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में दिनांक 12.01.18 को भावना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित डॉ.भावना शुक्ल की पुस्तकें ‘साहित्य साधक और साहित्य दृष्टि’ और ‘सोच के दायरे’ का लोकार्पण दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो.डॉ.पूरनचंद टंडन के कर कमलों द्वारा हुआ। इस अवसर पर उपस्थित थे डॉ अशोक मैत्रेय ,डॉ. राहुल, डॉ.सजीव सलिल (जबलपुर), वरिष्ठ नाटककार डॉ. प्रताप सहगल, श्री प्रेमी राम मिश्र एटा, श्री महेश दर्पण ,डॉ. आशा जोशी, श्री राजेश ‘राज’, श्री सुधांशु जी, डॉ. अलोक रंजन पाण्डेय, श्री उमाकांत खुबालकर, कहानीकार बलराम, श्री सर्वेश चंदौसी, श्री सुभाष अखिल, रूप सिंह चंदेल, श्री राजकमल जी, श्री के.एल. वर्मा, श्री सुधीर शर्मा जी, कमला सिंह ‘जीनत’, संतोष बंसल, चंद्रकांता सिवाल, नीतू सिंह राय, डॉ. दुर्गा शशि, डॉ. संगीत त्यागी, डॉ. प्रेमी राम मिश्र, डॉ. रेखा मीणा, सुश्री नवनीता, सुश्री सुमन राणा, डॉ. सारिका चौधरी, सुश्री जाह्नवी शर्मा और भावना जी के प्यारे बच्चे प्रियांशु, चारु, स्वाध्याय जोजो तथा प्रकाशक नीरज मित्तल जिनके सहयोग से संभव हो पाया यह लोकार्पण। सभी आत्मीय जिनके आने से आयोजन गरिमामय हो गया तथा प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष जिन्होंने प्रेरणा दी सभी का आभार। आज के इस आयोजन का कुशल संचालन श्री भारत भूषण आर्य जी ने किया सभी का हृदय से आभार।

प्रस्तुतिः सुमन राणा


कवि सम्मेलन का आयोजन

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नई दिल्लीः ब्रेल लिपि के जन्मदाता लुईस ब्रेल के 205 वीं स्मृति दिवस पर और प्ठ। संस्था के 16 वें वार्षिक समारोह के अवसर पर एक कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक अखिलेश त्रिपाठी थे. उपस्थित कवि थे श्री दयाल जी, श्री पंकज जी, श्रीमती सुषमा भंडारी, डॉ. भावना शुक्ल इस कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि श्री चन्दर जी ने किया और काव्य रस से समा बाँध दिया. इसके पहले प्रथम चरण का सं्चालन रविन्द्र जी ने कुशलता के साथ किया। इस अवसर पर सभी कवियों को सम्मानित भी किया गया. आदरणीय एस.एस.सिसोदिया जी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

प्रस्तुतिः भावना शुक्ल


साहित्य समीक्षा सम्मान का आयोजन

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दिल्लीः दिनांक 13.01.18 को विश्व पुस्तक मेला प्रगति मैदान में लेखक मंच पर ‘हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी’ द्वारा साहित्य समीक्षा सम्मान का आयोजन किया गया जिसमें ‘शब्द गाथा-2’ के रूप में डॉ नीतू सिंह राय का काव्य संग्रह ‘हौसलों की उड़ान’ को एक नयी उड़ान मिली. समीक्षा संग्रह ‘शब्द गाथा-2’, (नीतू सिंह राय) एवं सीमा सिंह जी की पुस्तक ‘स्वामी विवेकानंदः कर्मयोग और उसका रहस्य’ आमंत्रित व चयनित श्रेष्ठ समीक्षाओं का संकलन है. इसमें डॉ. भावना शुक्ल की समीक्षा भी चयनित की गई और समीक्षा सम्मान दिया गया.

कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि रहे श्री सच्चिदानन्द जोशी जी एवं सुभाष चंद्र जी. आदरणीय नामवर सर नहीं आ पाये. ‘शब्द-गाथा’ नाम उनका ही दिया हुआ है. उन्होंने अपनी शुभकामनायें भेजीं. सुधाकर पाठक जी को सफल आयोजन के लिये बहुत बहुत बधाई.

इस कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. रमेश तिवारी ने किया. साहित्य समीक्षा सम्मान के लिये ‘हौसलों की उड़ान’ को चयनित करने के लिये आभार.

डॉ. नीतू सिंह राय

‘एक शाम -कविता की’ कार्यक्रम का आयोजन

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नई दिल्लीः इंडियन सोसायटी ऑफ ऑथर्स (प्छै।) के बैनर तले नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला, प्रगति मैदान के खूबसूरत हॉल ‘हैंगर ओवर लेक’ के सेमिनार हॉल में 8 जनवरी 2018 को कवयित्री ममता किरण के संयोजन एवं कुशल संचालन में ‘एक शाम -कविता की’ कार्यक्रम का शानदार आयोजन सम्पन्न हुआ।

भाव कविता की इस समृद्ध शाम में जिन भाषाई कवियों- कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को वाह-वाह करने पर विवश कर दिया, उनमे श्री शैलेंद्र शैल, कार्यक्रम के अध्यक्ष, लक्ष्मी शंकर बाजपेयी, अनीस अहमद खान, डॉ. तरन्नुम रियाज, सागरी छाबड़ा, अलका सिन्हा, डॉ. हरीश अरोड़ा, ब्रजेन्द्र त्रिपाठी, रूबी मोहन्ती, भावना शुक्ला, शोभना श्याम, सुषमा भंडारी, आरती स्मित, सुषमा गुप्ता जी और चंद्रशेखर आसरीप्रमुख थे।

इस अवसर पर गंगेश गुंजन जिन्हें साहित्य अकादमी का मैथिली में पुरस्कार मिला, वरिष्ठ गजलकार विज्ञान व्रत, मनोज अबोध सहित कई विशिष्ट व्यक्तित्व सभागार में उपस्थित रहे।

प्रस्तुतिः डॉ. भावना शुक्ल


सहोदरी हिंदी का दो दिवसीय अधिवेशन

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नई दिल्लीः भाषा सहोदरी हिंदी का दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिंदी अधिवेशन हंसराज कॉलेज, दिल्ली के सभागार में 15 जनवरी को आयोजित किया गया. यह अधिवेशन लघुकथा पर आधारित था, जिसमें लघुकथा से जुड़े कथाकारों ने अपनी लघुकथा का वाचन किया. इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में श्री बलराम अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि संजीव सलिल जबलपुर, सुभाष नीरव, डॉ. अंजलि चिंतामणि (मारीशस) थे. अध्यक्ष श्री सतीश पुष्करणा ने लघुकथाकारों के कथा की समीक्षा की. तत्पश्चात सहोदरी सोपान के कवियों द्वारा काव्य रस की गंगा भी प्रभावित हुई. इसका कुशल संचालन श्रीमती कांता राय तथा शोभना श्याम ने किया.

16 जनवरी को भाषा सहोदरी के आयोजन का विषय रहा ‘भाषा नीति व हिंदी को रोजगार से जोड़ने की चुनौतियां’ इसमें मुख्य अतिथि रहे, श्री शरद यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार, मुख्य वक्ता एवं विशिष्ठ अतिथि रहे श्री सुनील शास्त्री पूर्व मंत्री, श्री डी. पी. त्रिपाठी (सांसद) श्री शिव सागर तिवारी (अधिवक्ता), सर्वोच्च न्यायालय, श्रीवर्धन त्रिवेदी (वरिष्ठ पत्रकार), ए.बी.पी.न्यूज. साथ ही भव्य आयोजन में सहोदरी सोपान -4 एवं सहोदरी कथा और सहोदरी पत्रिका का लोकार्पण हुआ. कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए हुए सहोदरी सोपान- चार व सहोदरी कथा के रचनाकार और सहोदरी पत्रिका के लेखकों को संयोजक जयकांत मिश्रा द्वारा सम्मानित किया गया। इस भव्य आयोजन में देश विदेश से आये साहित्यकार,लेखक, कवि आयोजन में सम्मिलित हुए।

प्रस्तुतिः डॉ.भावना शुक्ल


पहला ‘क्षितिज लघुकथा समग्र सम्मान 2018,’उज्जैन के लघुकथाकार श्री संतोष सुपेकर को प्रदान

इंदौरः नव वर्ष के स्वागत में मकर सक्रांति के अवसर पर रविवार दिनांक 14 जनवरी 2018 की शाम को क्षितिज संस्था द्वारा एक रचना पाठ संगोष्ठी का आयोजन डॉ वसुधा गाडगिल के निवास पर इंदौर में किया गया। इस आयोजन की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवम् रंगकर्मी श्री नंदकिशोर बर्वे ने की।

कार्यक्रम में ‘क्षितिज’ संस्था द्वारा वर्ष 2018 से शुरू किए गए ‘लघुकथा समग्र सम्मान’ को इस वर्ष के लिए लघुकथाकार श्री संतोष सुपेकर (उज्जैन) को लघुकथा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिये प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में सर्वश्री पुरुषोत्तम दुबे, ब्रजेश कानूनगो, डॉ. पद्मा सिंह, सतीश राठी, अशोक शर्मा भारती, रश्मी वागले, वसुधा गाडगिल, विनीता शर्मा, डॉ. अखिलेश शर्मा, जितेन्द्र गुप्ता, बी. आर. रामटेके, आशा वडनेरे, वैजयंती दाते, डॉ. रमेशचंद्र, राममूरत राही, आभा निवसरकर, आदि ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। पढ़ी गई रचनाओं पर अश्विनी कुमार दुबे ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लघुकथा अधिक से अधिक बात को थोड़े में कहने की विधा है जिसके साथ इस गोष्ठी में न्याय हुआ है। आपने सभी लघुकथाओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनमें निहित सार्थक संदेश और सकारात्मकता की सराहना की। सुश्री कविता वर्मा ने भी रचना पाठ की समीक्षा करते हुए लघुकथा पर चर्चा को जरूरी बताते हुए इंदौर के लघुकथाकारों द्वारा देश में नाम और सम्मान पाने के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की। आपने लघुकथाओं की समालोचना करते हुए उनके बिंब और प्रतीकों में अंतर्निहित अर्थ की विवेचना की।

क्षितिज लघुकथा समग्र सम्मान 2018 से सम्मानित श्री संतोष सुपेकर ने अपने वक्तव्य में कहा कि लघुकथा की टोकरी भर मिट्टी की सोंधी सोंधी महक विश्व स्तर पर विकसित हो रही है। इस नन्ही सी उर्वरा से उपजे विचार ने कहानी, व्यंग्य, उपन्यास जैसे वटवृक्षों को जन्म दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी कुछ लघुकथाओं और कविताओं का पाठ भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी एवम् साहित्यकार नंदकिशोर बर्वे ने कहा कि लघुकथा में इतनी ताकत होती है कि वह बड़ी से बड़ी बात को अपने छोटे स्वरूप में बड़े ही तीखे तरीके से संप्रेषित कर देती है।

श्री सतीश राठी ने बताया कि ‘क्षितिज’ संस्था द्वारा लघुकथा पत्रिका क्षितिज का वर्ष 1983 से सतत प्रकाशन किया जा रहा है और इस वर्ष से प्रतिवर्ष दो बड़े लघुकथा सम्मानों की शुरुआत की जा रही है और इसके अलावा दो दिवसीय बड़े लघुकथा आयोजन की योजना भी बनाई जा रही है। श्री अखिलेश शर्मा ने वर्ष 2018 के लिए नई कार्यकारिणी की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम का संचालन सुश्री वसुधा गाडगिल ने किया और आभार प्रदर्शन श्री विष्णु गाडगिल ने किया।

प्रस्तुतिः सतीश राठी, इंदौर

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