रचनाकार में खोजें -
 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें.

होली विशेष : रंगा-रंग काव्य आयोजन

SHARE:

मंजुल भटनागर १. "होली का आना "   होली का आना गाँव में ढोल , खेत में मंजीरें, , खड़ ताल बजना शगुन की भाँग घुटना गलियां रंगेंग...

मंजुल भटनागर

१. "होली का आना "
 
होली का आना
गाँव में ढोल ,
खेत में मंजीरें, ,
खड़ ताल बजना
शगुन की भाँग घुटना
गलियां रंगेंगी आज ,
मुहल्लों में अमन हो जाना
पायल खनकाती फिरे ,
ख़ुशी से लाडो बहना

होली का आना
तो मिलन का एक बहाना है
फाग संग ग्वालों का हुड़दंग मचाना
कृष्ण रंग की प्रीत जगी ,
उधौ देख दंग है
झाँक रही चूनरियों में ,
ढाई आखर प्रसंग है
गोपियों संग रास खेल ,
प्रेममय हो जाना

होली का आना
प्रेम प्रीत का मन्त्र फैलाना
कोयल संग आम्र वृक्ष पर बैठ ,
मीठे राग सुनाना
होली का मौसम आये तो ,
नफरत छोड़ विश्व बंधु त्व में रंग जाना .



फागुन आयो

बसंत को कहो विदा
अब फागुन आयो है
रंग बिरंगे फूल पलाश
गहन सूर्य का दर्प
बढ़ायो है
हाँ सखि फागुन  आयो है

टेसू फूले हैं
अमृत सा रंग घोले हैं
कुदरत ने प्रेम रंग को
बृज पर बरसायो है
हाँ सखि फागुन आयो है

अबीर घुलेगा बादल सा
ढोल मृदंग बजेंगे
पकवान बनेगे
लठ मार फ़िज़ा में घूम घूम कर
हुड़दंग मचायो है
हाँ सखि फागुन आयो है

होली का उत्सव है
कृष्ण की पीर है
रंग और नीर है
अधर्म पर प्रहार है
बैर विषाद मिट गए सब
चहुँ ओर हर्ष बिखरायो है
हाँ सखि फागुन आयो है

हरि की है रीत प्रीत
ख़ुशी के रंगों की पिचकारी है
राधा से मोहन का अभिसार
अनंत प्रेम रंग बरसायो है
हाँ सखि फागुन आयो है।
 
मंजुल भटनागर मुंबई
0000000000000000000

कमलेश सवि ध्रुवे

तुम प्यार में ऐसे रंजीत हो
तुम्हें रंग सके कोई रंग नहीं।
गालों में कौन सा गुलाल मलूं
मन सराबोर बचा कोई अंग नहीं।।

कंपित होंठ तेरी बोझिल पलकें
मादक भरे तेरे अंग अंग महके।
झुमके पायल झांझ मंजीरा
दिल तासे बन क्यों न धड़के।।

तुम जिस गली से गुजरो
कैसे भला होली न हो।
कामिनी के चरण कमलों में
दीवानों की टोली न हो।।

छायी है शर्म से गालों में लाली
फंस गया बालों की काली घटा में।
लिख दिया होठों पर प्रेम संदेश
डूबकर नीली आंखों की छटा में।।

बौराया है बासंती सा यौवन
कुक रही पल-पल कोयल सी।
मदहोश हुआ महुआ भी
झुकती चली डाली फूलों की।।

जवानी की भारी बोझ लिये
मदहोश चली अलसाई सी।
बिछती ही गयी राहों पर
लाखों नजरें ललचाई सी।।

बरस रहा है रंग फिजा में
कोई अबीर न पिचकारी है।
गर्म सांसों से निकलती
मादक कैसी सिसकारी है।।

हाय रंगीली चुनरी भी
हवा संग होली खेल रही है
उड़-उड़ जाये लट माथे पर
रूप-यौवन का मेल सही है।।

जब कलाई मरोड़ी थी मैंने
चूड़ियां खनककर टूट गयीं
गुस्से से मुस्काई थी बस
जैसे मुझसे रूठ गई।।

क्या दिल में छुपाए जा रही हो
हिरनी सी कुलांचे भरकर।
नहीं छूटेगा पहला प्रेम रंग
देख लेना दुसरा रंगकर।।

तुम हो जब जीवन में साथी
हर रोज होली मनाते हैं
बदरंग से न डर मर कर
जीवन बगिया सिरजाते हैं।।

सुख में दुख में रंग बरसे
न जीवन कभी गमगीन रहे
अभावों में भारी भाव भरे
गैरों का भी जीवन रंगीन रहे।।

(कमलेश सवि ध्रुवे,राजनांदगांव)
000000000000000000

नवनीता कुमारी

सुन लो! आज सब होली के गल,
मिटा के नफरत दिलो से, भुलेगे ना अब खुशियों के पल |
होली में अबके बरस फिर से जमके रंग-गुलाल उड़ायेंगे,
होके होली के रंग में मदमस्त हर रंजोगम को भुलायेंगे,
और अब आने वाली है होली ,जमके रंगो की बारिश में फिर से भींग जाए,
सपनों के संतरंगी जाल से फिर से मुक्त हो जाए!
होली है भक्त प्रहलाद की भक्ति का प्रमाण,
जिसने होलिका के गोद में बैठकर अग्निदेव को दिया अपनी भक्ति का प्रमाण!
और खुश होकर देवगण ने भी भक्त प्रहलाद का किया गुणगान,
देखकर ये सुखद घटना देशवाशियों में खुशी की लहर छा गई,
इस तरह होली मनाने की प्रथा सदियों से चलती आ गई!
उड़े रंग-गुलाल अब आसमानों में,
कि अब  पिचकारियाँ भी सजने लगी है दुकानों में,
कि अब आ जाओ होली खेलने दोस्तों के संग,वक्त ना गंवाओ अब शरमाने में |
कि चारों तरफ खुशियाँ ही छलकी है वक्त के पैमाने में,
यही है दास्तां होली के गल,
हर दुःख टल जाए, मिले सबको खुशियों के पल!!

0000000000000000000

सुशील शर्मा


होली


होली के हुड़दंग का,बड़ा अजब है हाल।
हर चेहरा खुश रंग है,जीवन बना गुलाल।

गालों पर साजन मलें,प्यारे प्यारे रंग।
गोरी इठलाती चले,चढ़ी प्रेम की भंग।

टेसू फूले डाल पर,ले होली के गीत।
सरसों पीले बिछ गए, अब तो मिलो मनमीत।

होली में तुम न मिले, छूटा मन का धीर।
साजन तुम कब आओगे,मलने मुझे अबीर।

बरसाने की गोपियाँ,ये गोकुल के लाल।
होली में ऐसे मिले, फागुन हुआ गुलाल।

कृष्ण पिया बच कर भगे, पीछे राधा नारि।
दोनों हाथों रंग है,कैसे बचें मुरारि।

होली की यादें मिली, अमराई की छांव।
जब से साजन तुम गए सूने सूने गांव।

चुनरी धानी पहनकर,निकली गोरी आज।
न जाने किस पर गिरे ,इन नयनन की गाज।

गोरी पर चढ़ता गया,प्रेम पिया का रंग।
जीवन खिलता पुष्प है,मन में भरी उमंग।

रंगों के इस पर्व में,करो मधुर व्यवहार।
जीवन को सुरभित करे,होली का त्यौहार।

फगुनाहट चढ़ने लगी ,मन में उठे तरंग।
बासंती मौसम हुआ,प्रिय उल्लास उमंग।

सरहद पर साजन लड़े,रखें देश का मान।
होली में इन सभी का, देश करे सम्मान।

फागुन पिचकारी भरे, मौसम खिला बसंत।
पिया संग होली खेलती, मन उल्लास अनंत।


नवगीत
होली


नवल किशोरी खेलत होरी।
प्रीत कुसुम संग बंधी है डोरी।
कान्हा ने जब बांह मरोरी।
सखियां करती जोराजोरी।
रंग दो पिया चुनरिया कोरी।

टूट गए हैं आज सारे बंध।
रस में भीगे है सब छंद।
थिरक उठे गोरी के अंग।
रसिक भये रति संग अनंग।
जीवन बना नया अनुबंध।

नाच उठा सारा आकाश।
उदित रंग से सना पलाश।
सांस सांस में तेरी आस।
मन में है बासंती विश्वास।
चलो मिले अमराई पास।

राधे रूठी श्याम मनावें।
मन में प्रीत के रंग लगावें।
श्याम सखा को अंग लगावें।
वृंदावन में रास रचावें।
देख युगल छवि मन हरसावें।

मुंह पर मलें अबीर गुलाल।
कान्हा की देखो ये चाल।
खुद बच कर भागे नंदलाल।
फेंक सभी पर प्रेम गुलाल।
कान्हा बिन है मन बेहाल।

देखो होली के हुड़दंग।
मन बाजे जैसे मृदंग।
गोरी बनी बड़ी दबंग।
बच्चे बूढ़े सब एक रंग।
लहराते सब पीकर भंग।
0000000000000000000

अनुश्री दुबे

कि होली आई रे

मस्ती में खेलैं अबीर गुलाल कि होली आई रे।
कि बस्ती में मचे बवाल कि होली आई रे।
अब फागुन के दिन ये संग नई खुशियां लाये;
कि ना रहा कोई सवाल  कि होली आई रे।
सब दीवाने हैं होली के कि होली आई रे।
सब रंग फेंके पिचकारी से कि होली आई रे।
भांग पी पीकर अब सब झूम झूम के झूमे;
बच्चे मन मोहें पिचकारी से कि होली आई रे।
मिट गई है सब तन्हाई कि होली आई रे।
बढ़ गई है अब महगांई कि होली आई रे।
कि धुल गई है अब सबके मन से बुराई;
घर की हुई खूब सफाई कि होली आई रे।
रंगों ने कर दिया कमाल कि होली आई रे।
कि खेल खेल हुए बेहाल कि होली आई रे।
बच्चे तो बच्चे रह गये बूढ़े भी हुए जवान;
बूढ़े कर रहे हैं धमाल कि होली आई रे।
---


  जानती हूं मैं भी और तुझको पता है

तूने जो कही बात वो अच्छी लगी है।
तूं ही है वो जो सच्ची लगी है।
दुनिया क्या कहती वो तो दुनिया ही जाने;
रे औरों की दोस्ती कच्ची लगी है।
जानती हूं मैं भी और तुझको पता है ।
तू ही मेरी दोस्त है इतना पता है।
सोचा था हमने जिंदगी भर ये दोस्ती निभाएंगे;
दोस्ती न निभ पाई किस की खता है।
तेरी दोस्ती में ही तो वो जन्नत है।
तू ही तो मेरी हर एक मन्नत है।
जन्नत ही जन्नत है ये दुनिया कहती है;
कैसे समझाऊं मैं कि दोस्ती ही जन्नत है।
रे मिलने का वादा हम दोनों करते हैं।
दुख में कंधों पर सिर दोनों रखते हैं।
ये दुनिया क्या कहती क्या कहें हम;
एक दूजे की याद में दोनों रोते हैं।

              
0000000000000000000

बृजेन्द्र श्रीवास्तव "उत्कर्ष"

काव्य मंच पर होली


काव्य मंच पर चढ़ी जो होली, कवि सारे हुरियाय गये,

एक मात्र जो कवयित्री थी, उसे देख बौराय गये,

एक कवि जो टुन्न था थोडा, ज्यादा ही बौराया था,

जाने कहाँ से  मुंह अपना, काला करवा के आया था,

रस श्रृंगार का कवि, कवयित्री की जुल्फों में झूल गया,

देख गोरी के गाल-गोरे, वह अपनी कविता भूल गया,

हास्य रस का कवि, गोरी को खूब हसानो चाह रहो,

हँसी  तो फंसी  के चक्कर में, उसे फसानो चाह रहो,

व्यंग्य रस के कवि की नजरे, शुरू से ही कुछ तिरछी थी,

गोरी के कारे - कजरारे, नैनों में ही उलझी थी,

करुण रस के कवि ने भी, घडियाली अश्रु बहाए,

टूटे दिल के टुकड़े, गोरी को खूब दिखाए,

वीर रस का कवि भी उस दिन, ज्यादा ही गरमाया था,

गोरी के सम्मुख वह भी, गला फाड़ चिल्लाया था,

रौद्र रूप को देख के उसके, सब श्रोता घबडाय गये,

छोड़ बीच में सम्मेलन, आधे तो घर को धाय गए,

बहुत देर के बाद में फिर, कवयित्री  की बारी आई,

हाथ जोड़के बोली वो, प्रिय संयोजक और कवि "भाई",

"भाई" का सुन संबोधन, कवियों की उतरी ठंडाई,

संयोजक के मन -सागर में भी, सुनामी सी आई,

अपना पत्ता  कटा देख, संयोजक भी गुस्साय गया,

सारे लिफाफे लेकर वो तो, अपने घर को धाय गया,

बिना लिफाफा मिले कवि के, तन-मन में ज्वाला धधकी,
घर की खटिया टूटी तब ही, नींद खुल गई उनकी||

-------------------------


206, टाइप-2,
आई.आई.टी.,कानपुर-208016,
0000000000000000


मुस्कान चाँदनी


  एक दूजे के लिए

तेरी तन्हाई मेरी रूसवाई
दोनो मिलकर लिखेगी
एक नयी कहानी
किस कदर मजबूर हुए हम
दुनिया से बेखबर हुए तुम
जाये कहाँ जख्मों को लेकर
छिपता नहीं छिपाने से
नासूर की तरह चुभकर
याद दिला ही देता है वह पल
खून से लिपटे हुए मेरे अरमान
दर्द में डुबी हुई तेरी आवाज
तुम कुछ कह न सके
मैं यह सह न सकी
सरे आम हुए हम बदनाम
जाना था तुम्हें जिधर
मंजिल थी मेरी उधर
रास्ते थे पर अलग-अलग
पहुँच कर हम एक जगह
सहारा ढूंढ़े एक दूजे में
बाँटकर अपना अपना दर्द
लगता है ऐसा मुझे
हम बने है एक दूजे के लिए
आखिर दर्द का रिश्ता,
है हमारे बीच
तेरी तन्हाई मेरी रूसवाई
मिलकर जरूर हो जायेगी खत्म
हमारे जीवन से।

प्यासा जीवन

बुझ न सकी प्यास मछली की
पानी के बीच रहकर भी
कैसी थी ये प्यास
क्या लगी थी दिल में
वर्षों से ये आग
घुट घुट कर जीने की
मिली थी उसको श्राप
टूटा था क्या कहर
जो कर न सके
लोग उसकी कदर
घिरी रही तन्हाईयो में
फिर भी क्यों न आयी
किसी को रास
क्या चाहा उसने दुनिया से
आखिर क्यों मिला
ऐसी अपमान जिंदगी में
मिलने लगी असफलता
हर कदम पर
लगी तो सिर्फ मायूसी,
उसके हाथों में
खुशी चली गयी
उसके जीवन से
रह कर समंदर में वर्षों से
तरसती रही कतरे कतरे को
प्यासी ही रह गयी
आखिरी घड़ी में भी
हो गया इस कदर
जीवन का अंत
बुझ न सकी कभी
प्यास मछली की ।

बिहारशरीफ, नालंदा
000000000000000000

विन्ध्य प्रकाश मिश्र "विप्र "


गिरने का देखो जमाना है आया।
शेयर गिर रहा है हेयर गिर रहा है ।
समझता था ऊपर चढे वो है गिरते
मगर जो है नीचे वही  गिर रहे हैं ।
                  क्या बात है सच का साथी रहा जो
                  वही घिर रहा है सही घिर रहा है ।
                 गिराने की ख्वाहिश रही दिल में जिसके
                 मुझे तो गिराने में खुद गिर रहे हैं ।
गिरने का देखो जमाना है आया।
शेयर गिर रहा है हेयर गिर रहा है ।
               कहीं पर चढ़ा भाव आलू के देखो
              कहीं प्याज उछली नभ छू रही है ।
              मगर यह भी देखा भाव भारी है जिसका
              उसकी नियति दर कदम गिर रहा है ।
गिरने का देखो जमाना है आया।
शेयर गिर रहा है हेयर गिर रहा है ।
             साधु का गुण है समभाव रहते
             मन था सदा खुश और थिर रहा है ।
             बढती जब लालच का मुख बढ गया है ।
             गिरने की सीमा तक वह गिर गया है ।
गिरने का देखो जमाना है आया।
शेयर गिर रहा है हेयर गिर रहा है ।
              गिरने की कोई न सीमा रही है ।
             सबसे हि ज्यादा नियति गिर रहा है     ।
             कहते भी कैसे किसी को बुरा यूँ
             जब पल पल लोगों कि मति गिर रहा है ।
कीमत तो गिरती है  फिर उठ सकी हैं
पर मति का गिरा न कभी कभी उठ सका है ।
नजर से गिरा फिर न उठता है जन में
बड़ी गांठ गहरी जो पड़ती है मन में ।
           
            
            
0000000000000000000

सीमा असीम


लिखा तुम्हारा नाम
फिराया शब्दों पर हाथ चूम लिया
देर तक निहारती रही प्रेम से
सूखे होठों पर तिर आई प्यारी मुस्कान
टूटती हुई अकड़ी देह की छाती पर
धड़कन तेज तेज धड़कती रही
बेकाबू सी
गालों पर उतर आई भोर की लालिमा
अरे देखो छूते ही कैसे मुस्कुरा उठी कविता
शरमा कर कर ली बंद ख्वाबों भरी पलकें
जैसे तैरती हैं तालाब में मछलियाँ
बाग़ में खिल आये हो फूल
तितलियों ने खोल दिए हो रेशमी रंगीन पंख
बहती रहती नदी अपनी रफ़्तार से
चलो गमले के पौधों को पानी डालते हैं
संग संग
आओ बात करते हैं बैठ कर 
मुस्कुराते हैं साथ साथ 
कल रात देखा एक सपना
अनमने उदास
आओ संवार दूँ
चूम लूँ प्यार से
कैसे समीकरण हैं जो उलझा रहे हैं
सहमा देते हैं कदम 
हर आँख में सवाली घुसुर पुसुर
मन में घबराहट  
कोमल नाजुक कविता
टूट कर लहूलुहान न हो जाए
देश या समाज का क्या जायेगा
बस यही सोच कर मेरी कविता की आँख नम हैं
सच कह रही हूँ अभी बहुत उदास है
पथराई सी आँख पर इंतजार है
पर दिल में ढेर सारा प्यार है !!

000000000000000

अमित मिश्र 'मौन'


नग़मे इश्क़ के कोई गाये तो तेरी याद आये
जिक्र मोहब्बत का जो आये तो तेरी याद आये

यूँ तो हर पेड़ पे डालें हज़ारों है निकली
टूट के कोई पत्ता जो गिर जाये तो तेरी याद आये

कितने फूलों से गुलशन है ये बगिया मेरी
भंवरा इनपे जो कोई मंडराये तो तेरी याद आये

चन्दन सी महक रहे इस बहती पुरवाई में
झोंका हवा का मुझसे टकराये तो तेरी याद आये

शीतल सी धारा बहे अपनी ही मस्ती में यहाँ
मोड़ पे बल खाये जो ये नदिया तो तेरी याद आये

शांत जो ये है सागर कितनी गहराई लिये
शोर करती लहरें जो गोते लगाये तो तेरी याद आये

सुबह का सूरज जो निकला है रौशनी लिये
ये किरणें हर ओर बिखर जाये तो तेरी याद आये

'मौन' बैठा है ये चाँद दामन में सितारे लिये
टूटता कोई तारा जो दिख जाये तो तेरी याद आये

000000000000000000

मिहिर


ईमेल -  mrityunjaymihir@gmail.com

मत यार मेरे बारिशों में
इस तरह फिर याद आना।
ये दिशाएं, कब हवाओं का रूख बदल देंगी, न जाना।
भीगकर, इनकी कशिश से -
कब ज़िगर का चैन छिन जाए पुराना। 
इसलिए मत यार मेरे बारिशों में याद आना।
 
 
याद आएंगे बहुत ऐ यार ! तेरे वो निशां
ग़र कहीं बाक़ी रही जो इक महक उस प्यार की
उस साँस की जिसने कभी तुझसे जुदा होना न जाना।
फिर जुदाई में मिलेगा कब महकने का बहाना
इसलिए मत यार मेरे बारिशों में याद आना।
 
जब हवाओं की लहर झकझोर देगी बाज़ुओं को
या उसी बीते समय की याद बनती शाख को
मोतियों के मोल तब पानी झरेगा यार कितना !
लोग समझेंगे फसाने पर किसी मगरिब का नाम आया
पर मेरा ये टूटना, बेवक्त उसके काम आया।
फिर कहीं इन बारिशों में -
बिजलियों को मिल न जाए इक बहाना
 
 
हर नया स्वर टपकने का वेदना का स्वर न हो ले
एक हल्की सी तपन ही,  उम्र भर का ज्वर न हो ले।
 
बारिशों में भीगती इन शोख कलियों की तरह
अब विसाले-यार की ख्वाहिश नहीं बाकी मगर
कल तेरी आमद का देखो मिले गर कोई बहाना
तो महज इक स्वप्न बनकर आँख में चुपके से आना।
 
वो नज़र भी थी कि जो गुलज़ार होती थी कभी
वो अदाऐं थी कि जो सुकुमार होती थी कभी
हर बात पर हँसना , ज़रा सी बात पर ही रूठ जाना
फिर बिना कुछ बात के ही बोल देना, मान जाना
ग़र कभी फिर आ सको तो इन्हें अपने साथ लाना
ख्वाहिशों पर यार मेरी इस तरह फिर मुस्कराना
याद आ जाए तस्सवुर-तारीखों का वो जमाना



00000000000000000

अशोक सिंह

मन मन्दिर में जिसकी मूरत
उसको दुनिया कहती माँ है
माँ ममता की सच्ची मूरत
जग में दुख को सहती माँ है ।।

पुत्र नही तो दुख का मंजर
पुत्र प्राप्ति पर भी दुख ऊपर
सुख दुःख के संघर्ष है फिर भी
प्यार से आंचल फेरे माँ है ।।

पुत्र दुखी होता है जब भी
माँ दुख का संज्ञान करे
मेरा पुत्र है रुठा सायद
बात का माँ सन्धान करे ।।

वो तो ममता की है मूरत
सारा दुख हर लेती है
कमी हमें हो जो जीवन में
हमको लाकर देती है ।।

जन्म लेकर अन्तिम तक वो
पुत्र का ही संज्ञान करें
मेरा पुत्र है मेरी ममता
ममता का गुणगान करें ।।

पुत्र नहीं समझे ममता को
समय के साथ बदलता है
भूल वो जाता है ममता को
"अलक" प्यार किसी से करता है।।

अशोक सिंह आज़मगढ़

0000000000000000

राज कुमार यादव

मेरा एक तरफा सफर

मुझे प्यार है उस लड़की से ,और मेरा प्यार बेवजह है..
मैं प्यार का वजह नहीं ढूंढ़ता हूं..
मगर मेरा प्यार एक तरफा हैं..
मुझे खुद पे विश्वास ही नहीं हैं
और मैं नहीं कह पाता हूं उससे अपनी दिल की बात

सोचता हूं कहूं वो इंकार न कर दें. .
कहीं उसे मेरी शख्सियत पसंद ना आये..
और मेरे प्यार को बेवकूफी करार दें दे..
मैं डर जाता हूं सोच कर ये सब ,
मगर मुझे उससे इश्क है ,इसमें कोई शक नहीं....

एकबार हिम्मत जुटाया भी
लेकिन मात खा गई मेरी हिम्मत
दिल की बातें जुबां पे अटक कर रह गई..
बस उसे दूर से देखकर ही खुश हो जाता हूं..
आज भी उसे देखा
तो ऐसा लगा जैसे वक्त Slow motion में गतिमान हैं
वो जब मेरे पास से गुजरी तो
मेरी धड़कन रूक गई
सांसें मेरी थम गई
वो ही वो रम गई मेरी उस वक्त की दुनिया में...

अब तो वो दिखाई भी कम देती हैं
शायद साल में एक या दो बार..
लेकिन मैं उसे कल भी प्यार करता था
मैं उसे अब भी प्यार करता हूं....
न जाने कब तक चलता रहेगा
ऐ मेरा एक तरफा सफर.

000000000000000

सतीश यदु

सोच रही हूँ !
क्या लिखूं ? किस पर लिखूं ?
लेखनी के आविष्कार पर लिखूं,
देश,दुनिया,सरकार पर लिखूं!
शिक्षा, साहित्य या संस्कार पर लिखूं,
या अचार,विचार या भ्रष्टाचार पर लिखूं!!
सोच रही हूँ !
क्या लिखूं ? किस पर लिखूं ?
आम जान के दरकार पर लिखूं,
बेगार, किसान, कामगार पर लिखूं!
शिक्षाधिकार या  शिक्षा-व्यापार  पर लिखूं,
लिंग-संचेतना,या ब्याभिचार पर लिखूं!!
सोच रही हूँ !
क्या लिखूं ? किस पर लिखूं ?
सेना के ललकार पर लिखूं,
या पाक मंसूबों के वार पर लिखूं!
जल, जमीन या जंगलवार पर लिखूं ,
या फिर रोटी-कपड़ा, घर-द्वार पर लिखूं !!
सोच रही हूँ !
क्या लिखूं ? किस पर लिखूं ?

कवर्धा (छ.ग.)

COMMENTS

BLOGGER

विज्ञापन

----
.... विज्ञापन ....

-----****-----

|नई रचनाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$count=6$page=1$va=0$au=0

|कथा-कहानी_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts$s=200

|हास्य-व्यंग्य_$type=blogging$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

-- विज्ञापन --

---

|लोककथाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

|लघुकथाएँ_$type=list$au=0$count=5$com=0$page=1$src=random-posts

|काव्य जगत_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

-- विज्ञापन --

---

|बच्चों के लिए रचनाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

|विविधा_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$va=0$count=6$page=1$src=random-posts

 आलेख कविता कहानी व्यंग्य 14 सितम्बर 14 september 15 अगस्त 2 अक्टूबर अक्तूबर अंजनी श्रीवास्तव अंजली काजल अंजली देशपांडे अंबिकादत्त व्यास अखिलेश कुमार भारती अखिलेश सोनी अग्रसेन अजय अरूण अजय वर्मा अजित वडनेरकर अजीत प्रियदर्शी अजीत भारती अनंत वडघणे अनन्त आलोक अनमोल विचार अनामिका अनामी शरण बबल अनिमेष कुमार गुप्ता अनिल कुमार पारा अनिल जनविजय अनुज कुमार आचार्य अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ अनुज खरे अनुपम मिश्र अनूप शुक्ल अपर्णा शर्मा अभिमन्यु अभिषेक ओझा अभिषेक कुमार अम्बर अभिषेक मिश्र अमरपाल सिंह आयुष्कर अमरलाल हिंगोराणी अमित शर्मा अमित शुक्ल अमिय बिन्दु अमृता प्रीतम अरविन्द कुमार खेड़े अरूण देव अरूण माहेश्वरी अर्चना चतुर्वेदी अर्चना वर्मा अर्जुन सिंह नेगी अविनाश त्रिपाठी अशोक गौतम अशोक जैन पोरवाल अशोक शुक्ल अश्विनी कुमार आलोक आई बी अरोड़ा आकांक्षा यादव आचार्य बलवन्त आचार्य शिवपूजन सहाय आजादी आदित्य प्रचंडिया आनंद टहलरामाणी आनन्द किरण आर. के. नारायण आरकॉम आरती आरिफा एविस आलेख आलोक कुमार आलोक कुमार सातपुते आशीष कुमार त्रिवेदी आशीष श्रीवास्तव आशुतोष आशुतोष शुक्ल इंदु संचेतना इन्दिरा वासवाणी इन्द्रमणि उपाध्याय इन्द्रेश कुमार इलाहाबाद ई-बुक ईबुक ईश्वरचन्द्र उपन्यास उपासना उपासना बेहार उमाशंकर सिंह परमार उमेश चन्द्र सिरसवारी उमेशचन्द्र सिरसवारी उषा छाबड़ा उषा रानी ऋतुराज सिंह कौल ऋषभचरण जैन एम. एम. चन्द्रा एस. एम. चन्द्रा कथासरित्सागर कर्ण कला जगत कलावंती सिंह कल्पना कुलश्रेष्ठ कवि कविता कहानी कहानी संग्रह काजल कुमार कान्हा कामिनी कामायनी कार्टून काशीनाथ सिंह किताबी कोना किरन सिंह किशोरी लाल गोस्वामी कुंवर प्रेमिल कुबेर कुमार करन मस्ताना कुसुमलता सिंह कृश्न चन्दर कृष्ण कृष्ण कुमार यादव कृष्ण खटवाणी कृष्ण जन्माष्टमी के. पी. सक्सेना केदारनाथ सिंह कैलाश मंडलोई कैलाश वानखेड़े कैशलेस कैस जौनपुरी क़ैस जौनपुरी कौशल किशोर श्रीवास्तव खिमन मूलाणी गंगा प्रसाद श्रीवास्तव गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर ग़ज़लें गजानंद प्रसाद देवांगन गजेन्द्र नामदेव गणि राजेन्द्र विजय गणेश चतुर्थी गणेश सिंह गांधी जयंती गिरधारी राम गीत गीता दुबे गीता सिंह गुंजन शर्मा गुडविन मसीह गुनो सामताणी गुरदयाल सिंह गोरख प्रभाकर काकडे गोवर्धन यादव गोविन्द वल्लभ पंत गोविन्द सेन चंद्रकला त्रिपाठी चंद्रलेखा चतुष्पदी चन्द्रकिशोर जायसवाल चन्द्रकुमार जैन चाँद पत्रिका चिकित्सा शिविर चुटकुला ज़कीया ज़ुबैरी जगदीप सिंह दाँगी जयचन्द प्रजापति कक्कूजी जयश्री जाजू जयश्री राय जया जादवानी जवाहरलाल कौल जसबीर चावला जावेद अनीस जीवंत प्रसारण जीवनी जीशान हैदर जैदी जुगलबंदी जुनैद अंसारी जैक लंडन ज्ञान चतुर्वेदी ज्योति अग्रवाल टेकचंद ठाकुर प्रसाद सिंह तकनीक तक्षक तनूजा चौधरी तरुण भटनागर तरूण कु सोनी तन्वीर ताराशंकर बंद्योपाध्याय तीर्थ चांदवाणी तुलसीराम तेजेन्द्र शर्मा तेवर तेवरी त्रिलोचन दामोदर दत्त दीक्षित दिनेश बैस दिलबाग सिंह विर्क दिलीप भाटिया दिविक रमेश दीपक आचार्य दुर्गाष्टमी देवी नागरानी देवेन्द्र कुमार मिश्रा देवेन्द्र पाठक महरूम दोहे धर्मेन्द्र निर्मल धर्मेन्द्र राजमंगल नइमत गुलची नजीर नज़ीर अकबराबादी नन्दलाल भारती नरेंद्र शुक्ल नरेन्द्र कुमार आर्य नरेन्द्र कोहली नरेन्‍द्रकुमार मेहता नलिनी मिश्र नवदुर्गा नवरात्रि नागार्जुन नाटक नामवर सिंह निबंध नियम निर्मल गुप्ता नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ नीरज खरे नीलम महेंद्र नीला प्रसाद पंकज प्रखर पंकज मित्र पंकज शुक्ला पंकज सुबीर परसाई परसाईं परिहास पल्लव पल्लवी त्रिवेदी पवन तिवारी पाक कला पाठकीय पालगुम्मि पद्मराजू पुनर्वसु जोशी पूजा उपाध्याय पोपटी हीरानंदाणी पौराणिक प्रज्ञा प्रताप सहगल प्रतिभा प्रतिभा सक्सेना प्रदीप कुमार प्रदीप कुमार दाश दीपक प्रदीप कुमार साह प्रदोष मिश्र प्रभात दुबे प्रभु चौधरी प्रमिला भारती प्रमोद कुमार तिवारी प्रमोद भार्गव प्रमोद यादव प्रवीण कुमार झा प्रांजल धर प्राची प्रियंवद प्रियदर्शन प्रेम कहानी प्रेम दिवस प्रेम मंगल फिक्र तौंसवी फ्लेनरी ऑक्नर बंग महिला बंसी खूबचंदाणी बकर पुराण बजरंग बिहारी तिवारी बरसाने लाल चतुर्वेदी बलबीर दत्त बलराज सिंह सिद्धू बलूची बसंत त्रिपाठी बातचीत बाल कथा बाल कलम बाल दिवस बालकथा बालकृष्ण भट्ट बालगीत बृज मोहन बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष बेढब बनारसी बैचलर्स किचन बॉब डिलेन भरत त्रिवेदी भागवत रावत भारत कालरा भारत भूषण अग्रवाल भारत यायावर भावना राय भावना शुक्ल भीष्म साहनी भूतनाथ भूपेन्द्र कुमार दवे मंजरी शुक्ला मंजीत ठाकुर मंजूर एहतेशाम मंतव्य मथुरा प्रसाद नवीन मदन सोनी मधु त्रिवेदी मधु संधु मधुर नज्मी मधुरा प्रसाद नवीन मधुरिमा प्रसाद मधुरेश मनीष कुमार सिंह मनोज कुमार मनोज कुमार झा मनोज कुमार पांडेय मनोज कुमार श्रीवास्तव मनोज दास ममता सिंह मयंक चतुर्वेदी महापर्व छठ महाभारत महावीर प्रसाद द्विवेदी महाशिवरात्रि महेंद्र भटनागर महेन्द्र देवांगन माटी महेश कटारे महेश कुमार गोंड हीवेट महेश सिंह महेश हीवेट मानसून मार्कण्डेय मिलन चौरसिया मिलन मिलान कुन्देरा मिशेल फूको मिश्रीमल जैन तरंगित मीनू पामर मुकेश वर्मा मुक्तिबोध मुर्दहिया मृदुला गर्ग मेराज फैज़ाबादी मैक्सिम गोर्की मैथिली शरण गुप्त मोतीलाल जोतवाणी मोहन कल्पना मोहन वर्मा यशवंत कोठारी यशोधरा विरोदय यात्रा संस्मरण योग योग दिवस योगासन योगेन्द्र प्रताप मौर्य योगेश अग्रवाल रक्षा बंधन रच रचना समय रजनीश कांत रत्ना राय रमेश उपाध्याय रमेश राज रमेशराज रवि रतलामी रवींद्र नाथ ठाकुर रवीन्द्र अग्निहोत्री रवीन्द्र नाथ त्यागी रवीन्द्र संगीत रवीन्द्र सहाय वर्मा रसोई रांगेय राघव राकेश अचल राकेश दुबे राकेश बिहारी राकेश भ्रमर राकेश मिश्र राजकुमार कुम्भज राजन कुमार राजशेखर चौबे राजीव रंजन उपाध्याय राजेन्द्र कुमार राजेन्द्र विजय राजेश कुमार राजेश गोसाईं राजेश जोशी राधा कृष्ण राधाकृष्ण राधेश्याम द्विवेदी राम कृष्ण खुराना राम शिव मूर्ति यादव रामचंद्र शुक्ल रामचन्द्र शुक्ल रामचरन गुप्त रामवृक्ष सिंह रावण राहुल कुमार राहुल सिंह रिंकी मिश्रा रिचर्ड फाइनमेन रिलायंस इन्फोकाम रीटा शहाणी रेंसमवेयर रेणु कुमारी रेवती रमण शर्मा रोहित रुसिया लक्ष्मी यादव लक्ष्मीकांत मुकुल लक्ष्मीकांत वैष्णव लखमी खिलाणी लघु कथा लघुकथा लतीफ घोंघी ललित ग ललित गर्ग ललित निबंध ललित साहू जख्मी ललिता भाटिया लाल पुष्प लावण्या दीपक शाह लीलाधर मंडलोई लू सुन लूट लोक लोककथा लोकतंत्र का दर्द लोकमित्र लोकेन्द्र सिंह विकास कुमार विजय केसरी विजय शिंदे विज्ञान कथा विद्यानंद कुमार विनय भारत विनीत कुमार विनीता शुक्ला विनोद कुमार दवे विनोद तिवारी विनोद मल्ल विभा खरे विमल चन्द्राकर विमल सिंह विरल पटेल विविध विविधा विवेक प्रियदर्शी विवेक रंजन श्रीवास्तव विवेक सक्सेना विवेकानंद विवेकानन्द विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक विश्वनाथ प्रसाद तिवारी विष्णु नागर विष्णु प्रभाकर वीणा भाटिया वीरेन्द्र सरल वेणीशंकर पटेल ब्रज वेलेंटाइन वेलेंटाइन डे वैभव सिंह व्यंग्य व्यंग्य के बहाने व्यंग्य जुगलबंदी व्यथित हृदय शंकर पाटील शगुन अग्रवाल शबनम शर्मा शब्द संधान शम्भूनाथ शरद कोकास शशांक मिश्र भारती शशिकांत सिंह शहीद भगतसिंह शामिख़ फ़राज़ शारदा नरेन्द्र मेहता शालिनी तिवारी शालिनी मुखरैया शिक्षक दिवस शिवकुमार कश्यप शिवप्रसाद कमल शिवरात्रि शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी शीला नरेन्द्र त्रिवेदी शुभम श्री शुभ्रता मिश्रा शेखर मलिक शेषनाथ प्रसाद शैलेन्द्र सरस्वती शैलेश त्रिपाठी शौचालय श्याम गुप्त श्याम सखा श्याम श्याम सुशील श्रीनाथ सिंह श्रीमती तारा सिंह श्रीमद्भगवद्गीता श्रृंगी श्वेता अरोड़ा संजय दुबे संजय सक्सेना संजीव संजीव ठाकुर संद मदर टेरेसा संदीप तोमर संपादकीय संस्मरण संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन सतीश कुमार त्रिपाठी सपना महेश सपना मांगलिक समीक्षा सरिता पन्थी सविता मिश्रा साइबर अपराध साइबर क्राइम साक्षात्कार सागर यादव जख्मी सार्थक देवांगन सालिम मियाँ साहित्य समाचार साहित्यिक गतिविधियाँ साहित्यिक बगिया सिंहासन बत्तीसी सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध सीताराम गुप्ता सीताराम साहू सीमा असीम सक्सेना सीमा शाहजी सुगन आहूजा सुचिंता कुमारी सुधा गुप्ता अमृता सुधा गोयल नवीन सुधेंदु पटेल सुनीता काम्बोज सुनील जाधव सुभाष चंदर सुभाष चन्द्र कुशवाहा सुभाष नीरव सुभाष लखोटिया सुमन सुमन गौड़ सुरभि बेहेरा सुरेन्द्र चौधरी सुरेन्द्र वर्मा सुरेश चन्द्र सुरेश चन्द्र दास सुविचार सुशांत सुप्रिय सुशील कुमार शर्मा सुशील यादव सुशील शर्मा सुषमा गुप्ता सुषमा श्रीवास्तव सूरज प्रकाश सूर्य बाला सूर्यकांत मिश्रा सूर्यकुमार पांडेय सेल्फी सौमित्र सौरभ मालवीय स्नेहमयी चौधरी स्वच्छ भारत स्वतंत्रता दिवस स्वराज सेनानी हबीब तनवीर हरि भटनागर हरि हिमथाणी हरिकांत जेठवाणी हरिवंश राय बच्चन हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन हरिशंकर परसाई हरीश कुमार हरीश गोयल हरीश नवल हरीश भादानी हरीश सम्यक हरे प्रकाश उपाध्याय हाइकु हाइगा हास-परिहास हास्य हास्य-व्यंग्य हिंदी दिवस विशेष हुस्न तबस्सुम 'निहाँ' biography dohe hindi divas hindi sahitya indian art kavita review satire shatak tevari undefined
नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3789,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,326,ईबुक,182,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,257,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,105,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2744,कहानी,2067,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,484,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,129,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,30,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,87,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,22,पाठकीय,61,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,309,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,326,बाल कलम,23,बाल दिवस,3,बालकथा,48,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,8,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,16,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,224,लघुकथा,806,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,306,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,57,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1880,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,637,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,676,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,14,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,52,साहित्यिक गतिविधियाँ,181,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,51,हास्य-व्यंग्य,52,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: होली विशेष : रंगा-रंग काव्य आयोजन
होली विशेष : रंगा-रंग काव्य आयोजन
https://lh3.googleusercontent.com/-mnRlyBPu7tk/Vu4_tKfs2gI/AAAAAAAAseA/EZ3Ra3y3Cvc/image_thumb%25255B1%25255D.png?imgmax=300
https://lh3.googleusercontent.com/-mnRlyBPu7tk/Vu4_tKfs2gI/AAAAAAAAseA/EZ3Ra3y3Cvc/s72-c/image_thumb%25255B1%25255D.png?imgmax=300
रचनाकार
http://www.rachanakar.org/2018/03/blog-post_4.html
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2018/03/blog-post_4.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय खोजें सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है चरण 1: साझा करें. चरण 2: ताला खोलने के लिए साझा किए लिंक पर क्लिक करें सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ