लघुकथा // प्रायश्चित // राजेश माहेश्वरी

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एक कस्बे में एक गरीब महिला जिसे आँखों से कम दिखता था, भिक्षा माँगकर किसी तरह अपना जीवन यापन कर रही थी। एक दिन वह बीमार हो गई, किसी दयावान व्यक्ति ने उसे इलाज के लिये 500रू का नोट देकर कहा कि माई इससे दवा खरीद कर खा लेना। वह भी उसे आशीर्वाद देती हई अपने घर की ओर बढ़ गई। अंधेरा घिरने लगा था, रास्ते में एक सुनसान स्थान पर दो लड़के शराब पीकर ऊधम मचा रहे थे। वहाँ पहुँचने पर उन लड़को ने भिक्षापात्र में 500रू का नोट देखकर शरारतवश वह पैसा अपने जेब में डाल लिया, महिला को आभास तो हो गया था पर वह कुछ बोली नहीं और चुपचाप अपने घर की ओर चली गई।

सुबह दोनों शरारती लड़कों का नशा उतर जाने पर वे अपनी इस हरकत के लिये शर्मिंदा महसूस कर रहे थे। वे शाम को उस भिखारिन को रूपये वापस करने के लिये इंतजार कर रहे थे। जब वह नियत समय पर नहीं आयी तो वे पता पूछकर उसके घर पहुँचे जहाँ उन्हें पता चला कि रात्रि में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गयी और दवा न खरीद पाने के कारण वृद्धा की मृत्यु हो गई थी। यह सुनकर वे स्तब्ध रह गये कि उनकी एक शरारत ने किसी की जान ले ली थी। इससे उनके मन में स्वयं के प्रति घृणा और अपराधबोध का आभास होने लगा।

उन्होंने अब कभी भी शराब न पीने की कसम खाई और शरारतपूर्ण गतिविधियों को भी बंद कर दिया। उन लड़कों में आये इस अकस्मात और आश्चर्यजनक परिवर्तन से उनके माता पिता भी आश्चर्यचकित थे। जब उन्हें वास्तविकता का पता हुआ तो उन्होंने हृदय से मृतात्मा के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुये अपने बच्चों को कहा कि तुम जीवन में अच्छे पथ पर चलो और वक्त आने पर दीन दुखियों की सेवा करने से कभी विमुख न होओ, यहीं तुम्हारे लिये सच्चा प्रायश्चित होगा।


परिचय

राजेश माहेश्वरी का जन्म मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में 31 जुलाई 1954 को हुआ था। उनके द्वारा लिखित क्षितिज, जीवन कैसा हो व मंथन कविता संग्रह, रात के ग्यारह बजे एवं रात ग्यारह बजे के बाद ( उपन्यास ), परिवर्तन, वे बहत्तर घंटे, हम कैसें आगे बढ़े एवं प्रेरणा पथ कहानी संग्रह तथा पथ उद्योग से संबंधित विषयों पर किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।

वे परफेक्ट उद्योग समूह, साऊथ एवेन्यु मॉल एवं मल्टीप्लेक्स, सेठ मन्नूलाल जगन्नाथ दास चेरिटिबल हास्पिटल ट्रस्ट में डायरेक्टर हैं। आप जबलपुर चेम्बर ऑफ कामर्स एवं इंडस्ट्रीस् के पूर्व चेयरमेन एवं एलायंस क्लब इंटरनेशनल के अंतर्राष्ट्रीय संयोजक के पद पर भी रहे हैं। लेखक को पाथेय सृजन सम्मान एवं जबलपुर चेंबर ऑफ कामर्स द्वारा साहित्य सृजन हेतु लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

आपने अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी, फ्रांस, इंग्लैंड, सिंगापुर, बेल्जियम, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, हांगकांग आदि सहित विभिन्न देशों की यात्राएँ की हैं। वर्तमान में आपका पता 106 नयागांव हाऊसिंग सोसायटी, रामपुर, जबलपुर (म.प्र) है।

प्रकाशित पुस्तकें -

क्षितिज - कविता संग्रह - प्रकाशक - जबलपुर चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज।

जीवन कैसा हो, मन्थन - कविता संग्रह - प्रकाशक - राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली।

परिवर्तन, वे बहत्तर घण्टे - कहानी संग्रह - प्रकाशक - राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली।

रात के 11 बजे - उपन्यास - प्रकाशक - राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली।

पथ - लघु उपन्यास - प्रकाशक - राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली।

हम कैसे आगे बढ़े - कहानी संग्रह - प्रकाशक - पी∙एम∙ पब्लिकेशन, नई दिल्ली।

प्रेरणा पथ - कहानी संग्रह - प्रकाशक - पी∙एम∙ पब्लिकेशन, नई दिल्ली।

रात 11 बजे के बाद - उपन्यास - प्रकाशक - पी∙एम∙ पब्लिकेशन, नई दिल्ली।

जीवन को सफल नही सार्थक बनाए - प्रकाशक - कहानी संग्रह - प्रकाशक - ग्रंथ अकादमी , नई दिल्ली ।

92 गर्लफ्रेन्ड्स - उपन्यास - इंद्रा पब्लिकेशन, भोपाल।

संपर्क -

RAJESH MAHESHWARI

106, NAYAGAON CO-OPERATIVE

HOUSING SOCIETY, RAMPUR,

JABALPUR, 482008 [ M.P.]

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