May 2018

कहानी // खालीपन // आभा सिंह

ख़ालीपन आभा सिंह कई महीने हो गये इस बार आपको गांव गये हुये! अब आये हो आप? सब ठीक तो है न? मेरी दुकानदार महिला ने मुझे उसकी दुकान में आते हुए ...

एक अल्हड़ दीवाना कवि: राजकुमार कुम्भज // डॉ. अर्पण जैन 'अविचल'

एक अल्हड़ दीवाना कवि: राजकुमार कुम्भज डॉ. अर्पण जैन ' अविचल ' सहज, सौम्य और सरल जिनका मिजाज है, सबकुछ होते हुए भी फकीराना ठाठ, आजा़द...

बालेन्दु द्विवेदी का उपन्यास : मदारीपुर जंक्शन - व्यंग्यात्मक उपन्यासों की कड़ी में एक और सशक्त किस्सागोई : ओम निश्चल

मदारीपुर जंक्शन : बालेन्‍दु द्विवेदी व्यंग्यात्मक उपन्यासों की कड़ी में एक और सशक्त किस्सागोई : ओम निश्चल कभी ‘राग दरबारी’   आया था तो लगा क...

लक्ष्मीकांत मुकुल की कविताओं में भूमंडलीकरण की आंधी में गाँव की चिन्ता - सुरेश कांटक

लक्ष्मीकांत मुकुल की कविताओं में भूमंडलीकरण की आंधी में गाँव की चिन्ता - सुरेश कांटक, कथाकार मेरे सामने युवा कवि लक्ष्मीकांत मुकुल का काव्य ...

लक्ष्मीकांत मुकुल की कविताओं में मौन प्रतिरोध है – कुमार नयन

समीक्षा लक्ष्मीकांत मुकुल की कविताओं में मौन प्रतिरोध है – कुमार नयन आधुनिकता की अंधी दौड़ में अपनी मिट्टी, भाषा, बोली, त्वरा, अस्मिता, ग्राम...

महत्वाकांक्षा // लघुकथा // छगन लाल गर्ग "विज्ञ"

- महत्वाकांक्षा । - लघुकथा छगन लाल गर्ग "विज्ञ" इस कथा का कथानक धुंधला है, यह केवल भीतर से गुजरा और निकल गया,पर महत्वाकांक्षा को ...

कहानी // आई. सी. यू. // रवि सुमन

# आई. सी. यू. (कहानी) रवि सुमन मेरा तीसरा दिन है इस सात मंजिले बड़े अस्पताल में। इस अस्पताल में आई. सी. यू. के बाहर एक बड़ा हॉल है जिसमें ट्र...

लघु कथा - गुस्सा - देवेन्द्र सोनी

लघु कथा - गुस्सा     - देवेन्द्र सोनी            अड़सठ वर्षीय रमानाथ को आज खुद पर बेहद गुस्सा आ रहा था । सुबह से ही वे बेचैनी का अनुभव कर रहे...

राजीव कुमार की लघुकथाएँ

इकलौता जेठ की दोपहरी में पसीने से तरबतर चूल्हे पर चाय बनाते हुए मनेश्वर मंडल बहुत उदास नजर आ रहे हैं। कोई खुशमिजाज ग्राहक जब हंसा जाता है तो...

जद्दोजहद // कहानी // धर्मेन्द्र कुमार

जद्दोजहद कहानी धर्मेन्द्र कुमार त्रिपाठी टीन एज यानि तरूणावस्था बहुत से तूफान लेकर आती है। इसी दौर में वह था। पिताजी रेलवे में बाबू और मा...

व्यंग्य // स्टार्ट अप और पुश अप // यशवंत कोठारी

स्टार्ट अप और पुश अप यशवंत कोठारी अब अकादमी पुरस्कार उसे मिलेगा जो पुश अप का वीडिओ लगाएगा। जो ज्यादा पुश अप करेगा उसे पद्म सम्मान भी दिया जा...

व्यंग्य // दुःख दर्द की दास्ताँ // डॉ. सुरेन्द्र वर्मा

दुःख दर्द की दास्ताँ डा. सुरेन्द्र वर्मा सुख को भला कौन पूछता है। वह तो चाट के पत्ते की तरह है, खाया और फेंका। लेकिन दुःख-दर्द भला कोई इस तर...

काव्य (गीतिका) संग्रह // एक दिन किरन तो आएगी // डॉ. सुधीर कुमार शर्मा

काव्य संग्रह एक दिन किरन तो आएगी डॉ. सुधीर कुमार शर्मा (डॉ. सुधीर कुमार शर्मा) एक दिन किरन तो आएगी (गीतिका-संग्रह) डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ...