व्यंग्य // " बयानबाजी और दाढ़ी" // जय प्रकाश पाण्डेय

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                आजकल दाढ़ी वाले जो बयानबाजी करते हैं  क्लीनशेव वाले उसकी हंसी उड़ाते हैं। इन दिनों दाढ़ी वाले बाबा और दाढ़ी वाले नेताओं के बड़े जलवे हैं। कुछ दाढ़ी वाले जेल में ऐश कर रहे हैं पर बयानबाजी नहीं कर पा रहे हैं और कुछ दाढ़ी वाले बाबा मंत्री पद पाकर खूब बयान दे रहे हैं और सर्किट हाउस में कब्जा कर लिए हैं। बात दाढ़ी पर चली है तो कौन न हर कोई दाढ़ी रख पाता है दाढ़ी रखना भी एक कला है जो हर किसी के बस की बात नहीं।


             गंगू को देखो, खुद दाढ़ी रखता नहीं पर दाढ़ी पर खूब बतखाव कर लेता है और दाढ़ी सेट करने में उसकी मास्टरी है। कोई भी दाढ़ी सेट कराने आता है तो गंगू पहले अंदर वाले कमरे में दाढ़ी वालों की तस्वीरें दिखाता है ये देखो माल्या कट, ये मोदी कट, ये है फ्रेंच कट, ये रही अमित कट, जे है पहलवान कट, लेनिन कट, मौलवी कट, नेता कट, चन्द्र शेखर कट और ये लैला मजनू कट....... । सबसे ज्यादा रेट "एम कट" के चल रहे हैं।
         गंगू की बयानबाजी गजब की रहती है कहता है कि दाढ़ी रखने से आदमी महान बनता है राजनीति में मार्क्स, लेनिन, चन्द्र शेखर, मोदी, शाह, हेगड़े से लेकर रामविलास तक। साहित्य में देखो तो शेक्सपियर, तोल्स्तोय से रवीन्द्र नाथ टैगोर तक, भाभा, ओशो सभी तो दाढ़ी रखकर महान बने हैं। त्रिपुरा वाले हीरा को बोला था कि लेनिन कट दाढ़ी रख लो तो अंट संट बयानबाजी नहीं करोगे माना नहीं, महाभारत के समय फेसबुक में खाता खोले बैठा था, सलाह दी थी कि लेनिन कट रख लो या पहलवानी कट जिससे मजबूत दिखने लगोगे दिल्ली में डांट नहीं पड़ेगी। जो लोग सफेद फक दाढ़ी रखते हैं वो बयानबाजी में तेज होते हैं झटके मारके बाजी मार लेते हैं।
      जिनकी दाढ़ी नहीं उगती वे समाज में शंका की निगाहों से देखे जाते हैं उनको टिकट भी नहीं मिलती और वो बयानबाजी भी नहीं कर पाते।


           तर्क और बयानबाजी में आचार्य रजनीश तेज थे जब कालेज में पढ़ते थे उस समय उनके प्रोफेसर ने उनसे पूछा - "तुमने यह दाढ़ी क्यों बढ़ा रखी है"?
रजनीश ने कहा - प्रश्न यह नहीं है कि मैंने दाढ़ी क्यों बढ़ा रखी है, प्रश्न यह है कि आपने दाढ़ी कटवा क्यों ली है आप क्लीनसेव क्यों हैं? मैं तो उत्तर हूँ आप प्रश्न हैं।


            मंत्री आजकल अंट संट बयानबाजी करने लगते हैं सबको कई पी ए मिले हैं पर पी ए की बात मानते नहीं, दाढ़ी वाले मंत्री अब अपने साथ दाढ़ी गार्ड रखते हैं, दाढ़ी गार्ड मंत्री की दाढ़ी पर नजर रखते हैं क्योंकि यदि बयानबाजी करते समय विपक्ष को दाढ़ी में तिनका दिख गया तो विरोधी चिल्लाने लगते हैं कि 'चोर की दाढ़ी में तिनका'....... ।


           कई लोग इसलिए दाढ़ी बढ़ाते हैं कि सिर्फ वे दाढ़ी के कारण पहिचाने जाते हैं। मामा ने दाढ़ी नहीं बढ़ाई क्योंकि वे दाढ़ी वाले की कुर्सी हथियाना चाहते हैं। कई दाढ़ी वाले नेता बयानबाजी करते समय दाढ़ी के बाल नोचने लगते हैं और कई जुएं पकड़ने लगते हैं। जिनकी धर्मपत्नी दाढ़ी से नफरत करती हैं वे दाढ़ी वाले से दूर दूर रहना पसंद करतीं हैं दाढ़ी गड़ती भी है और फंसती भी है।


             एक पत्रकार ने एक मंत्री से दाढ़ी रखने का कारण पूछा तो दाढ़ी वाले ने रेडीमेड उत्तर दिया - "दाढ़ी तो पुरुषों की खेती है जब चाहे बढ़ा लो जब चाहे कटवा लो"


पत्रकार ने अगला सवाल पूछा - आखिर आपको दाढ़ी से इतना लगाव क्यों है ? तो मंत्री जी ने कहा - दाढ़ी डराने के काम भी आती है और खुजाने में मजा देती है......
-----सर दाढ़ी पर और कोई बयान आपका ?
----- जिस दिन हम हार जाएंगे बनारस के पंडे से दाढ़ी कटवा के हिमालय भाग जाएंगे।


----और कोई बयानबाजी ?


---- अब जाओ बयान को तोड़ मरोड़ कर जनता को दिखाओ
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जय प्रकाश पाण्डेय
जबलपुर

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