370010869858007
नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -
 नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.

****

Loading...

'बेटी तुम बहादुर ही बनना', कविता संग्रह, रजनीश कांत


\image

किताब के बारे में-

कठुआ और उन्नाव बलात्कार को लेकर देश उबल रहा था। इसी दौरान बॉलीवुड एक्टर सनी लियोनी की अपनी बेटी के साथ तस्वीर और उस तस्वीर के साथ लिखी चंद लाइनें सुर्खियों बटोर रही थी। सनी लियोनी ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स पर एक तस्वीर पोस्ट की थी जिसमें उन्होंने अपनी बिटिया निशा को अपनी जैकेट के अदंर बंद कर बड़ी ही इमोशनल बातें लिखीं। सनी लियोनी ने लिखा "मैं तहेदिल से तुमसे वादा करती हूं कि इस दुनिया की सभी बुरी चीजों और लोगों से तुम्हारी रक्षा करूंगी। अगर इसके लिए मुझे जान भी देनी पड़े तो परवाह नहीं। दुनिया के हर बच्चे को इन बुरी ताकतों से सुरक्षित महसूस कराना चाहिए। आओ अपने बच्चों को कसकर थाम लें! उसकी हर कीमत पर रक्षा करें।" आपको बता दूं कि सनी लियोनी और उनके पति डेनियल वेबर ने निशा को गोद लिया है।

दरअसल, देश में मासूमों के साथ बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, फिर वीभत्स तरीके से हत्या कर यहां-वहां फेंक देना, फिर आरोपियों को बचाने की कोशिश, मामले की जांच के नाम पर लीपा-पोती, आरोपियों के समर्थन में खड़ी भीड़...ये आज की ऐसी हकीकत बन गई है जिसने हर संवेदनशील इंसान को अंदर से झकझोर कर रख दिया है। इंसान की ऐसी हैवानियत की हैवान और जानवर को भी शर्म आ जाए। मासूमों के साथ हैवानियत की बातें यहीं खत्म नहीं होती।

बदजुबान नेता- मर्द-मंत्री-प्रशासनिक अधिकारी तो इन सबके लिए बेटियों, महिलाओं को ही जिम्मेदारी ठहरा देते हैं और साबित कर देते हैं कि मर्द भले ही बलात्कारी हो, हम मर्दों का ही साथ देंगे। उनके अजीब-अजीब बयान सुनकर आपको कोफ्त होगी। ऐसे लोग इंसान कहलाने के भी लायक नहीं हो सकते हैं। महिलाओं को सुरक्षा देने का आश्वासन सरकारें तो देती है लेकिन कहीं अमल होता नहीं दिखता। दरअसल, जब घर से ही बेटियों को दोयम दर्जा का मान लिया जाएगा, तो भला जब उस पर संकट आएगी, तो कौन साथ देगा? इसलिए, बेटियों को खुद ही बहादुर बनना होगा।

मेरा दूसरा कविता संग्रह 'बेटी तुम बहादुर ही बनना' हर मां, हर बेटी, हर बहन, हर महिला को समर्पित है। मेरा पहला कविता संग्रह है "जब सपने बन जाते हैं मार्गदर्शक", जिस पाठकों का अप्रतिम प्यार मिल रहा है। मुझे उम्मीद है कि मेरा दूसरा कविता संग्रह भी पाठकों में उसी तरह का प्यार जगाने में कामयाब होगा। पैसों से पैसा बनाने की कला समझने के लिए भी हिन्दी मैंने दो किताबें लिखी है-आपका पैसा, आप संभालें और बेटा हमारा दौलतमंद बनेगा। Amazon.com से मेरी सभी किताबें आप डाउनलोड कर सकते हैं।

किताब का लिंक- 

"बेटी तुम बहादुर ही बनना " (ISBN: ASIN: B07CKQR5QF)

https://www.amazon.in/dp/B07CKQR5QF

-किताब की कुछ पंक्तियां-

"बेटी हूं, बेटी ही रहने देना,

मुझे सुरक्षा दे सको तो ही पैदा करना

बेटे जैसे हक की मेरी नहीं तमन्ना

मां-बाप हो, तो बस एक अहसान करना

मुझे बहादुर बनने से कभी मना मत करना..."

-अनगिनत अभागिन हिन्दुस्तानी निर्भयाओं की आरजू

---


लेखक के बारे में- 

लेखक के बारे में: नंबर 1 बिजनेस हिन्दी न्यूज़ चैनल CNBC आवाज़ के अलावा Zee Business, कमोडिटीज खबरों की वेबसाइट www.commoditiescontrol.com, tv9 महाराष्ट्र न्यूज़, महुआ न्यूज़, etv न्यूज़ के अलावा कई दूसरे मीडिया हाउस में काम करने का अनुभव। फिलहाल हिन्दी में फाइनेंशियल Youtube Channel "beyourmoneymanager" के अलावा हिन्दी फाइनेंशियल ब्लॉग beyourmoneymanager.blogspot.com, हिन्दी टूरिज्म ब्लॉग incredibleindia.blogspot.in और हिन्दी में बिटकॉइन पर ब्लॉग bitcoinbharat.blogspot.in का संचालन और संपादन। इसके अलावा स्वतंत्र पत्रकारिता, कहानी और कविता का भी लेखन जारी। पहला कविता संग्रह "जब सपने बन जाते हैं मार्गदर्शक"कुछ समय पहले प्रकाशित हो चुका है।

कविता 8579980633322414108

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

emo-but-icon

मुख्यपृष्ठ item

रचनाकार में छपें. लाखों पाठकों तक पहुँचें, तुरंत!

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं.

   प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 14,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. किसी भी फ़ॉन्ट में रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com
कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.
उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.

इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.

नाका में प्रकाशनार्थ रचनाएँ भेजने संबंधी अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

आवश्यक सूचना : कृपया ध्यान दें -

कविता / ग़ज़ल स्तम्भ के लिए, कृपया न्यूनतम 10 रचनाएँ एक साथ भेजें, छिट-पुट एकल कविताएँ कृपया न भेजें, बल्कि उन्हें एकत्र कर व संकलित कर भेजें. एकल व छिट-पुट कविताओं को अलग से प्रकाशित किया जाना संभव नहीं हो पाता है. अतः उन्हें समय समय पर संकलित कर प्रकाशित किया जाएगा. आपके सहयोग के लिए धन्यवाद.

*******


कुछ और दिलचस्प रचनाएँ

फ़ेसबुक में पसंद करें

---प्रायोजक---

---***---

ब्लॉग आर्काइव