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भुवन बिष्ट की ताज़ा कविताएँ

भुवन बिष्ट

1=-** वंदना  **
जय जय ज्ञान प्रदायनि माता,
वंदन करूं मैं नित नित माता,
      जग को राह सदा दिखलाती,
      मां वीणावादनी तुम कहलाती,
ज्ञान की ज्योति तुम हो जलाती,
अज्ञान मन का तुम हो मिटाती,
        सच्ची राह पर सदा जो चलता,
        माता तुमको सदा ही वह भाता,
जय जय ज्ञान प्रदायनि माता,
वंदन करूं मैं नित नित माता,....
         जब जब बजती वीणा की झंकार,
         चहुं दिशा में ज्ञान का होता संचार,
सदा ही वाणी में तुम बसती,
शारदे मां भी तुम कहलाती,
          सदमार्ग साहस सदा ही देना,
          राह आलोकित करना माता,
जय जय ज्ञान प्रदायनि माता,
वंदन करूं मैं नित नित माता,......
                    

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2-===  मानवता के दीप  ====
हम तो सदा ही मानवता के दीप जलाते हैं,
उदास चेहरों पर सदा मुस्कराहट लाते हैं,

हार मानकर  बैठते जो कठिन राहों को देख,
हौसला बढ़ाकर उनको भी चलना सिखाते हैं,

कर देते पग डगमग कभी उलझनें देखकर,
मन में साहस लेकर हम फिर भी मुस्कराते हैं,

मिल जाये साथ सभी का बन जायेगा कारंवा,
मिलकर आओ अब एकता की माला बनाते हैं,

लक्ष्य को पाने में सदा आती हैं कठिनाईयां,
साहस से जो डटे रहते सदा मंजिल वही पाते हैं,

राह रोकने को आती दीवारें सदा बड़ी-बड़ी,
सच्चाई पाने को अब हम दीवारों से टकराते हैं,

फैलायें आओ मानवता को मिलकर चारों ओर,
दुनिया को अपनी एकता आओ हम दिखाते हैं,
                  


3=देश प्यारा
देश अपना प्यारा,
                मिलकर हम इसे सजायेंगे।
आओ झूमें गायें,
                गुण हम इसके सब गायेंगे।।
आजादी की अलख जगी,
                वीरों ने प्राण गवाये थे।
रक्षा भारत भूमि की,
                 जो लौट के घर न आये थे।।
बँधे एकता सूत्र में हम,
                  झलक यह दिखलायेंगे।
देश अपना प्यारा, 
                    मिलकर हम इसे सजायेंगे। ........
शीश हिमालय मुकुट बना,
                     सागर भी पाँव पखारे है।
जो भारत से है टकराया,
                      हम जीते वह हारे हैं।
भारत माँ की आन बान,
                       हमको प्राणों से प्यारे हैं।
हर भारतवासी देखो अब,
                        इसको आज संवारे है।।
भारत माँ की चरण धूलि से,
                        आओ तिलक लगायेंगे।
देश अपना प्यारा, मिलकर
                         हम इसे सजायेंगे। ........
सारे जग में देश अपना, 
                          भारत सबसे प्यारा है।
हर जन जन इसको  आज,
                          अपने हाथ सवाँरा है।।
तोड़ न पायेगा कोई भी,
                           एकता की जंजीरों को।
नमन करें हम सदा सदा ही,
                            देश के अपने वीरों को।।
मिलकर आओ बगिया के हम,
                             बनें पुष्प महकायेंगे।
देश अपना प्यारा, 
                   मिलकर हम इसे सजायेंगे। .....
                                   
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4=
           (हिन्दी हमारी शान)

हिन्दी न केवल बोली भाषा, 
                      ये हमारी शान है,
मातृभाषा  है  हमारी,  
                      ये बड़ी महान है,...
चमकते तारे आसमां के ,
                      हैं भारत के वासी हम,
कोई चंद्र है कोई रवि, 
                     कोई यहां भी है न कम,
आसमां बनकर सदा,
                      हिन्दी मेरी पहचान है,
हिन्दी न केवल बोली भाषा ,
                       ये हमारी शान है,
मातृभाषा  है  हमारी,
                        ये बड़ी महान है,...
पूरब है कोई पश्चिम,
                         कोई उत्तर है दक्षिण,
अलग अलग है बोलियां,
                         पर एक सबका है ये मन,
अंग भारत के हैं सभी, 
                       पर हिन्दी दिल की है धड़कन,
एकता में बांधे हमको,
                        इस पर हमें अभिमान है,
हिन्दी न केवल बोली भाषा,
                           ये हमारी शान है,
मातृभाषा  है  हमारी,
                           ये बड़ी महान है,...
बनी राष्ट्र भाषा राजभाषा, 
                            मातृभाषा भी बनी,
आओ इसको हम संवारें, 
                           हिन्दी के हम हैं धनी,
गर्व हिन्दी पर है हमको, 
                            एकता में जोड़े सबको,
आंकते कम हैं इसे जो, 
                             वे बड़े नादान हैं,
हिन्दी न केवल बोली भाषा,
                             ये हमारी शान है,
मातृभाषा  है  हमारी, 
                          ये बड़ी महान है,.....

                                


5=     (-देश सेवा)
=========================
वतन की सेवा में सदा जीवन कुर्बान है,
भारत माता सदा ही देश एक महान है,

आओ इसके सपनों को संजोये सदा हम,
एकता पर अपनी हमें रहता अभिमान है,

बनकर रहते हम एक ही माला के मोती,
यही तो दुनिया में अब अपनी पहचान है,

तोड़ न पायेगा कोई इसकी एकता को,
रक्षा भारत- भू की करना अपनी शान है,

अनेकता में एकता की झलक हम दिखाते,
यहां हर भारत वासी को मिलता सम्मान है,

मिलकर साहस हम दिखाते देश सेवा में,
वीरों का होता यहां नित नित गुणगान है,
                .    ...भुवन बिष्ट
               

====================================
              (जीवन परिचय)

नाम -                   भुवन बिष्ट
पिताजी-            श्री पूरन सिंह बिष्ट
माताजी-            श्रीमती राधा देवी        
जन्म/जन्म स्थान -     01 जुलाई /रानीखेत,उत्तराखंड
पता-                  मौना(रानीखेत)
                          पो-चौकुनी जिला-अल्मोड़ा
                           उत्तराखंड -263646
ई.मेल..bhuwanbisht1131@gmail.com

शैक्षिक योग्यता-       परास्नातक , बी.एड.
अन्य ..1.मास्टर इन कम्प्यूटर साप्टवेयर टैक्नोलौजी
          2.डिप्लोमा इन हार्डवेयर टेक्नोलौजी एंड नेटवर्किंग
          3.त्रैमासिक हर्बस प्रमाण पत्र
अन्य.-  निरंतर प्रतिष्ठित पत्र /पत्रिकाओं में कविता, लेख कहानी लेखन, हिन्दी एंव कुमांऊनी में निरंतर लेखन
सम्मान...1.अर्णव कलस एसोसिएशन द्वारा काव्य भूषण सम्मान
2.भाषा प्रसार समिति पहरू, कसारदेवी अल्मोड़ा उत्तराखण्ड द्वारा बाल कविता लेखन 2016 में पुरूस्कृत सम्मानित,
3.भारत विकास परिषद व हरफनमौला साहित्यिक संस्था द्वारा सम्मान,
4.विश्व रचनाकार मंच नई दिल्ली द्वारा हिन्दी सेवी सम्मान 2017 से सम्मानित
5.साहित्य संगम संस्थान द्वारा चौपाई विशारद सम्मान
6.कुमांऊनी भाषा प्रचार एंव प्रसार समिति (पहरू) अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड द्वारा हास्य व्यंग कुमांऊनी कविता लेखन-२०१७ में सम्मानित
7.काव्य रंगोली हिन्दी साहित्यिक पत्रिका द्वारा साहित्य भूषण सम्मान-२०१७ से सम्मानित
8.जनचेतना साहित्यिक सास्कृतिक समिति बिसलपुर पीलीभीत द्वारा श्रेष्ठ छंदकार सम्मान,
9. अर्णव कलश ऐसोसिएशन कलम की सुंगध द्वारा दोहा शतकवीर कलम की सुंगध सम्मान २०१८ से सम्मान
10-हरफनमौला साहित्यिक संस्था द्वारा फागोत्सव प्रतियोगिता सम्मान 2018
11-जनचेतना साहित्यिक सांस्कृतिक समिति बीसलपुर द्वारा वागेश्वरी पुंज अलंकरण सम्मान
12-अर्णव कलश ऐसोशिएशन कलम की सुगंध द्वारा
श्रेष्ठ दोहा सृजन कलम की सुगंध सम्मान २०१८
13- आंचलिक भाषा संस्था हरियाणा द्वारा फणीश्वर नाथ रेणु आंचलिक भाषा साहित्य सम्मान २०१८
14- जनचेतना साहित्यिक सांस्कृतिक समिति द्वारा अभिनव काव्य कनक सम्मान 2018
15-काव्य रंगोली साहित्यिक पत्रिका द्वारा काव्य रंगोली मातृत्व ममता सम्मान 2018
16-कलम की सुगंध द्वारा हिन्दी काव्य श्री सम्मान 2018
17-आंचलिक भाषा सेतु सम्मान 2018
18-आंचलिक भाषा साहित्य प्रतिभा सम्मान 2018
अन्य..आकाशवाणी अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड )व रेडियो स्टेशन कुमांऊ वाणी मुक्तेशवर नैनीताल से रचनाओं का प्रसारण,
प्रकाशित पुस्तक- जीवन एक संघर्ष हिन्दी काव्य संग्रह, कुमांऊनी बाल कविता संग्रह
प्रकाशन प्रतिक्षारत - हिन्दी बाल कविता संग्रह ,हिन्दी कविता संग्रह, कुमांऊनी वंदना एंव कविता संग्रह, महान देवभूमि (हिन्दी) लेख संग्रह

कविता 6596921972407299709

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