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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 72 // बचपन का भोलापन // दीपक दीक्षित

प्रविष्टि क्रमांक - 72


दीपक दीक्षित

बचपन का भोलापन

अपने कम्प्यूटर के लिए मैं एक नया रंगीन प्रिंटर लाया था। घर में सबको बुला कर शेखी बघारते हुए बताया," ये बहुत अच्छी तकनीक से बना है और किसी भी चीज को हू-बहू प्रिंट कर देता है।"

फिर मैंने सबको आदेश दिया,"चलो अब सब एक एक चीज़ लाएंगे जिसको वो प्रिंट करना चाहते हैं।"

मेरी सात साल की बेटी अपनी गुल्लक से इस उम्मीद में एक नोट उठा लाई कि और नोट प्रिंट हो सकें।

उसका भोलापन तो मुझे समझ में आता है पर आज भी अपने आसपास कई ऐसे लोगों को देखता हूँ जो अपने स्वास्थ्य की परवाह न करते हुए अपने पास पड़े नोटों को झटपट दुगना-तिगना करने की फ़िराक में लगे रहते हैं तो समझ में नहीं आता कि वो लोग भोले हैं या मूर्ख?

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दीपक दीक्षित

निवास : सिकंदराबाद (तेलंगाना)

सम्प्रति : स्वतंत्र लेखन

संपर्क​ : coldeepakdixit@gmail.com

रुड़की विश्विद्यालय (अब आई आई टी रुड़की) से इंजीयरिंग की और २२ साल तक भारतीय सेना की ई.ऍम.ई. कोर में कार्य करने के बाद ले. कर्नल के रैंक से रिटायरमेंट लिया . चार निजी क्षेत्र की कंपनियों में भी कुछ समय के लिए काम किया।

पढने के शौक ने धीरे धीरे लिखने की आदत लगा दी । कुछ रचनायें ‘पराग’, ‘साप्ताहिक हिन्दुस्तान’, ‘अमर उजाला’, ‘नवनीत’ आदि पत्रिकाओं में छपी हैं।

भाल्व पब्लिशिंग, भोपाल द्वारा 2016 में "योग मत करो,योगी बनो' नामक पुस्तक तथा पांच साँझा-संकलन प्रकाशित हुए हैं ।

कादम्बिनी शिक्षा एवं समाज कल्याण सेवा समिति , भोपाल तथा नई लक्ष्य सोशल एवं एन्वायरोमेन्टल सोसाइटी द्वारा वर्ष २०१६ में 'साहित्य सेवा सम्मान' से सम्मानित किया गया।अमृतधारा संस्था ,जलगॉंव द्वारा 'अमृतादित्य साहित्य गौरव' सम्मान प्रदान किया गया (२०१८).

वर्ष 2009 से ‘मेरे घर आना जिंदगी​’ ​(http://meregharanajindagi.blogspot.in/ ​) ब्लॉग के माध्यम से लेख, कहानी,कविता का प्रकाशन। कई रचनाएँ प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओं तथा वेबसाइट (प्रतिलिपि.कॉम, रचनाकार.ऑर्ग आदि) में प्रकाशित हुई हैं।

साहित्य के अनेको संस्थान में सक्रिय सहभागिता है । राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कई गोष्ठियों में भाग लिया है। अंग्रेजी में भी कुछ पुस्तक और लेख प्रकाशित हुए हैं।

साँझा-संकलन

संपादक का नाम

पुस्तक का नाम

विधा

प्रकाशक

डा. डी. विद्याधर

हिंदी की दुनियां ,दुनियां में हिंदी

निबंध

मिलिंद प्रकाशन ,हैदराबाद

जयकांत मिश्रा

सहोदरी कहानी-२

कहानी

भाषा सहोदरी -हिंदी, दिल्ली

जयकांत मिश्रा

सहोदरी लघुकथा -२

लघुकथा

भाषा सहोदरी -हिंदी, दिल्ली

जयकांत मिश्रा

सहोदरी सोपान-५

कविता

भाषा सहोदरी -हिंदी, दिल्ली

डा प्रियंका सोनी 'प्रीत'

काव्य रत्नावाली

कविता

साहित्य कलश प्रकाशन , पटियाला

लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 6528721616397265957

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  1. आदरणीय महोदय, आपकी रचना सराहनीय है विनम्र निवेदन है कि लघुकथा क्रमांक 180 जिसका शीर्षक राशि रत्न है, http://www.rachanakar.org/2019/01/2019-180.html पर भी अपने बहुमूल्य सुझाव प्रेषित करने की कृपा कीजिए। कहते हैं कि कोई भी रचनाकार नहीं बल्कि रचना बड़ी होती है, अतएव सर्वश्रेष्ठ साहित्य दुनिया को पढ़ने को मिले, इसलिए आपके विचार/सुझाव/टिप्पणी जरूरी हैं। विश्वास है आपका मार्गदर्शन प्रस्तुत रचना को अवश्य भी प्राप्त होगा। अग्रिम धन्यवाद

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