370010869858007

---प्रायोजक---

---***---

नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -
 नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.

****

Loading...

हनुमान मुक्त का व्यंग्य - ट्रांसफ़र पॉलिसी

मंत्री जी के पास ट्रांसफर करवाने और ट्रांसफर रुकवाने की बहुत सारी दरख्वास्त आई थी। किसी की मां बीमार थी, किसी का बाप। कोई दिल का मरीज था, कोई दिमाग का। किसी को बच्चों की परवरिश के कारण बच्चों के पास रहना था ।किसी को खुद की देखभाल के लिए बच्चों के पास रहना था। किसी को पत्नी के पोस्टिंग प्लेस पर रहना जरूरी था तो किसी को पति की पोस्टिंग प्लेस पर ट्रांसफर करवाना था ।किसी की आंख का ऑपरेशन हुआ था तो किसी के कान का।

सबकी अपनी अपनी वाजिब समस्याएं थी कोई भी गैर वाजिब काम नहीं करवाना चाहता था। सरकार का काम संकट मोचन का था सब अपने अपने संकटों से बचने के लिए सरकार से गुहार कर रहे थे।

मंत्री जी ने अपने पी ए से कहा ,"इन सब एप्लीकेशंस को रद्दी की टोकरी में डाल दो।" यह सब देखना हमारा काम नहीं है यह पता लगाओ ,इनमें से कौन कौन से ऐसे लोग हैं जिन्होंने हमें वोट दिया है।

" हम सिर्फ अपने लोगों की बातों को सुनेंगे। पराया पराया ही होता है और अपना अपना ही। जिन्होंने हमारा साथ दिया है उनका ही हम साथ देंगे आलतू फालतू बातों को पढ़ सुनकर समय जाया नहीं करो।"

पीए ने मंत्री जी के आदेशों की पालना की। फालतू दरख्वास्तो को एक कोने में डाल दिया ।मंत्री जी के आदेशानुसार जो काम के आवेदक थे उनके साथ लगे सिफारशी पत्रों को उन्होंने पढ़ना शुरू किया। एक पत्र के साथ लगे सिफारशी पत्र में लिखा था" इनके बाप दादा हमारी पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता रहे हैं। पार्टी द्वारा किए गए विभिन्न आंदोलनों में उन्होंने भाग लिया था रेल रोकी थी धरने प्रदर्शन किए थे और तत्कालीन सरकार ने उन्हें जेल में भी भिजवाया था"

पीए अन्य पत्रों को भी पढ़ता जा रहा था इनमें से कुछ आवेदक सरकार की जाति के थे तो कुछ ने सरकार बनाने के लिए अपना तन ,मन ,धन समर्पण किया था और अब भी आवश्यकता अनुसार समर्पित करने को तैयार थे ।पीए ने सारगर्भित शब्दों में एक संक्षिप्त नोट बनाकर मंत्री जी के सामने रख दिया। मंत्री जी ने संक्षिप्त से नोट पर संक्षिप्त सी नजर डाली और पीए को कहा हम जो कहते हैं उसे नोट करो और इस ट्रांसफर पॉलिसी का अच्छा खासा प्रचार करो।

सरकार को बदस्तूर चलाने के लिए ट्रांसफर किया जाना और नहीं किया जाना अत्यंत आवश्यक है ट्रांसफर किए जाने के और नहीं किए जाने के अलग-अलग कारण है जिन कारणों को आवेदकों ने अपनी दरखास्त में बताया है वे इस पॉलिसी के अंतर्गत नहीं आते हैं । ट्रांसफर पॉलिसी में निम्न कारण समाहित है।

1जब भी सरकार चाहे ट्रांसफर किया जाना है ट्रांसफर किया जा सकेगा।

2 जब भी ट्रांसफर कराने वाली चाय या ना चाहे ट्रांसफर किया जा सकेगा या नहीं किया जा सकेगा।

3 जब भी कार्मिक बीमार हो या उसकी माताजी पिताजी या बच्चा बीमार हो या कोई भी बीमार ना हो तो भी ट्रांसफर किया जा सकेगा या नहीं किया जा सकेगा।

4 किसी को एक स्थान पर अधिक समय हो गया हो या नहीं हुआ हो तो भी ट्रांसफर किया जा सकेगा या नहीं किया जा सकेगा।

5 ट्रांसफर किसी कारण या अकारण के किया जा सकेगा या नहीं किया जा सकेगा।

6 सरकार बिना किसी लिंग भेद , जाती प्रजाति, के ट्रांसफर कर सकेगी या नहीं कर सकेगी।

7 ट्रांसफर होने या नहीं होने के लिए आप की उपलब्धि काबालियत या प्रतिभा का होना या नहीं होना आवश्यक नहीं है।

पीए ने मंत्री जी की बनाई ट्रांसफर पॉलिसी की प्रेस मे विज्ञप्ति जारी कर दी है अब इसी पॉलिसी के तहत ट्रांसफर किए जाएंगे सरकार कोई भी बने पॉलिसी हमेशा यही रहेगी।

हनुमान मुक्त

व्यंग्य 7905048872162325172

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

emo-but-icon

मुख्यपृष्ठ item

रचनाकार में छपें. लाखों पाठकों तक पहुँचें, तुरंत!

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं.

   प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 14,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. किसी भी फ़ॉन्ट में रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com
कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.
उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.

इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.

नाका में प्रकाशनार्थ रचनाएँ भेजने संबंधी अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

आवश्यक सूचना : कृपया ध्यान दें -

कविता / ग़ज़ल स्तम्भ के लिए, कृपया न्यूनतम 10 रचनाएँ एक साथ भेजें, छिट-पुट एकल कविताएँ कृपया न भेजें, बल्कि उन्हें एकत्र कर व संकलित कर भेजें. एकल व छिट-पुट कविताओं को अलग से प्रकाशित किया जाना संभव नहीं हो पाता है. अतः उन्हें समय समय पर संकलित कर प्रकाशित किया जाएगा. आपके सहयोग के लिए धन्यवाद.

*******


कुछ और दिलचस्प रचनाएँ

---प्रायोजक---

---***---

फ़ेसबुक में पसंद करें

---प्रायोजक---

---***---

ब्लॉग आर्काइव