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सपने - कविताएँ - संजय कर्णवाल

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मेहनत से सच हो जाते हैं सपने
मेहनत से ही रंग लाते हैं सपने
काम में अपना ध्यान रखें,
वक़्त की हर बात समझे।
जो है जग में बुराई,
उनसे हम दूर रहे।
जो ठाना है मन में
उसी पर ध्यान करो।
सम्भल जाओ तुम
खुद पर ही एहसान करो।
नही कुछ भी मुश्किल
जो अपना नेक इरादा हो।
जीत जाओगे तुम
जो खुद से ही तुम्हारा वादा हो।।

2..

हम मन से सोचे
जो भी सोचे।
हम हर पल समझे
वक़्त से सीखे।
हमको जो भी आज मिला है
उसको सहेज कर रखे हम।
दुनिया को जब देखे हम
भाव सभी के समझे हम।
पलपल जो जीवन बीत रहा है
उसकी हमें पहचान है कम।
पल जो सारे गुजऱ जायेंगे
फिर न लौट कर आएंगे कर्म।

3
जो बन जाय अच्छा माहौल
इंसां अच्छी ओर मुड़ जाता है
न मिले कोई सहारा तो
जीवन भर बस पछताता है
सुधार करे जो कोई खुद में
तो निश्चित ही असर आता है
वर्ना तो ये अपना मन
क्यूं इतना घबराता  है
मन की ये सारी बातें
इतना झकजोर कर जाती हैं
अपनी ही उलझने न जाने
क्यूं इतना हमें उलझाती है

4
वक़्त को सुधारकर हम सुधर जाएंगे
कामयाबी की बहारें इधर आएगी
दुनिया की खुशियां मिलेगी हमें
मंजिल अपनी जरूर नजर आएगी।
लोग चलते रहे, कुछ सोचते रहे
क्या मिला है हमें
सोचते सोचते ये जिंदगी की घड़िया
यूँही गुजर जाएँगी।
जो करते रहे जहाँ में काम नये
मिला है मुकाम उन्हें
नेक राह में चलते रहो साथियों
मेहनत अपनी असर लायेगी।
5
बरसो से जो तमन्ना थी मन में
वक़्त आ गया लेकर खुशियां नई।
जो मिला है, जो दिया है उम्मीदों से
ज्यादा ये इनायतें है सभी रब की।
हम उसका शुक्रिया करते रहे
इन राहों में आगे बढ़ते रहे
खुले  रास्ते ,अपने अरमां खिले
सब्र  हो तो सब ही मिलते  रहे।
खुशनुमा जो जिंदगी में शाम हुई
जो आज हमने ये मंजिल छुई ।
6

हर पल आगे बढ़ता जाता हूँ,
मैं वक़्त कहलाता हूँ।
जो थाम ले  मुझको
उसको नेक बनाता हूँ।।
जो छोड़ता साथ मेरा
आगे निकल जाता हूं
सबके काम बनाता हूँ
अवसर बनके आता हूँ
रह जाता मुसाफिर हाथ ही मलता
जोर उसका फिर कहीं न चलता
अब क्या रोकेंगे  मुझको
कुछ भी समझ न आयेगा तुझको।


7
नई नई बातें जो दिल में आती है।
नया कोई  मुकाम मन में बनाती है।
हम सोचते रहते हैं, जो बातें होती है।
वो बातें ही मन में नये सपने सँजोती है।
हम खो जाते हैं मीठी मीठी बातों में।
खोये खोये रहते हैं हम दिन रातों में।
हर तमन्ना जो मन में जगती है।
बड़ी प्यारी सी ये सबको लगती है।

8

कामयाबी तुम्हारी वक़्त में छिपी
समझो इसकी हर जरूरत
तुमको जो मिली ।
सारी शक्ति जो मिली
तुझमें जो समाई
वक़्त आने पर ये तो खिली।।
सोच समझ के जो चलते जहाँ में
नाम उनका होता है ज़मीं आसमां में
जो रहते हैं खोये कहीं, क्या जाने वो
खुद को न पहचान सके ,क्या पहचाने वो
वक़्त पर ध्यान करो
जो चाहोगे वो पाओगे
वक़्त के तुम साथ  चलो
आगे ही आगे बढ़ते जाओगे।
9

अवसर बनकर आया जीवन कुछ कर जाने को
नई स्फूर्ति से भर गया मन कुछ कर जाने को ।
सबसे ही है प्रीत हमारी ,प्रीत हमारी
सदा रहे जग में ऐसी ही रीत हमारी
बंधा रहे ये बन्धन कुछ कर जाने को
जलती  रहे उम्मीद की ज्योति
यूँ ही दमके, चमके सच्चे मोती
समझ जाय जीवन दर्शन कुछ कर जाने को।
10
जो भी कर गये नेक काम जग में
जग ने उनको  सिर  आँखों पर बैठाया
एक नहीं अनेकों काम वो  कर गये
खुद भी चले अच्छाई पर सबको चलवाया
सारी बाधाओं से जो पार गये
जो डर गये वो हार गये
खुद पर ही तुम विश्वास करो
वर्ना तो फिर हार सौ बार गये।

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कविता 7477825586436822795

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