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कहानी : कल्लो

- ऋषि शर्मा कल्लो शीर्षक पढ़कर पाठक शायद एक बार को चौंकें। मगर यह निश्चित है कि कहानी का केन्द्रीय पात्र कल्लो ही है। तीनो...

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आपकी यह हौसला अफजाई बहुत काम आएगी

ग़ज़ल - योगेश समदर्शी आपकी यह हौसला अफजाई बहुत काम आएगी सच कहता हूं यदि आपने यूं ही दिया साथ तो वर्षों से रुकी कलम में फिर से जान आएगी मैं...

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ऑफ़िस नियम

- कान्ति प्रकाश त्यागी एक आफ़िस में कर्मचारी प्रायः नदारद रहते थे , नदारद रहने के कोई ना कॊई बहाने देते थे । जिसको देखो या तो रे...

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पुस्तक समीक्षा - तुर्रम (बाल उपन्यास) तथा दिवास्वप्न (शिक्षण कला)

- सुधा अवस्थी तुर्रम (बाल उपन्यास) : लेखक - कमलेश भट्‌ट ‘ कमल ' प्रकाशक : आत्मा राम एण्ड संस नई दिल्ली प्रथम संस्करण:2006 , ...

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व्यंग्य : किसका घर

- नरेन्द्र कोहली रामलुभाया ने एक स्वप्न देखा कि वह भारत का प्रधानमंत्री या कोई साधारण मंत्री बन गया है. बात स्वप्न की है, इसील...

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कहानी : मृगमरीचिका

-आशुतोष ज़बरदस्त बारिश और घर की बालकनी पर बैठा मैं. बारिश की बूंदों को गिनते-गिनते नहा पड़ी पार्क के पास एक कुतिया. वह अपने दांतों में नन्हे...

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हास्य कविता : सोने की चिड़िया

-डा० कान्ति प्रकाश त्यागी एक भाई हंसते हुए आये , सुना है अपना देश , एक बार फ़िर सोने की चिड़िया बन गया है. हमने हैरत से पूछ ह...

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कहानी - फ्राइडे

- अजीत अंजुम आज बॉस का मूड फिर उखड़ा-उखड़ा दिख रहा था. चेहरे पर बारह बज रहे थे. कोई पहली बार देख ले तो यही लगेगा कि अभी-अभी निगमबोध घाट से ...

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रामेश्वर काम्बोज की चंद ताज़ा कविताएँ

1-कविता क्या है? भोर में पाखी का कलरव गान फिर नील गगन में पंख खोलकर तैरना लेना ऊँची उड़ान । किसलय की नोक पर फिसलती ओस की बूँद पहाड़ की तलह...

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कहानी : गुरूदेव

-अविनाश गुरुदेव ने पहले ही दिन कहा था, 'बेटा बतकही के चक्कर में जिस दिन पड़े_ख़बर का मर्म भूल जाओगे.' उन्हें लगता था कि लड़का नया-न...

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