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वीरेन्‍द्र सिंह यादव का आलेख : शिक्षा में भारतीय मुसलमानों की दशा एवं दिशा

  शिक्षा में भारतीय मुसलमानों की दशा एवं दिशा डॉ0 वीरेन्‍द्र सिंह यादव   किसी भी सम्‍प्रदाय के विकास में शिक्षा की अहम भूमिका होती ह...

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अशोक गौतम का व्यंग्य : लो भैया, एक और पंगा

इस लोक में लोक की दो नहीं, तीन नस्‍लें रही हैं। एक नस्‍ल जीओ और जीने दो में विश्‍वास करती है तो दूसरी नस्‍ल खुद जीओ पर दूसरों को बिल्‍कुल...

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अशोक गौतम का व्यंग्य : डोंट वरी, बी हैप्‍पी होरी!

हालांकि होरी के पास अब कतई जगह न बची थी किसानी का काम करने के लिए। कुछ जगह बेचारे को थोड़ी थोड़ी करके बच्‍चों के विवाह के समय बेचनी पड़ी ...

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अशोक गौतम का व्यंग्य : आइए, आदर्श पड़ोसी बनें

जबसे नए पड़ोस में आया था , पड़ोसी से बेहद परेशान था। उसने नाक में ऐसा धुआं दे रखा था कि आपको क्‍या बताऊं! बताते हुए शर्म आ रही है। पड़ोसी...

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राष्ट्रीय आलोचना संगोष्ठी हेतु आमंत्रण

प्रमोद वर्मा स्मृति संस्थान, छत्तीसगढ़ संपर्कः सी-2/15, न्यू शांति नगर, रायपुर, छत्तीसगढ़, 492001, मान्यवर, मुक्तिबोध, परसाई एवं श्...

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अशोक गौतम का व्यंग्य – यों फंसे गुलफाम

अपने चुनाव क्षेत्र को मिट्‌टी मे विलीन करने के बाद वे आखिर विलीन हुए। उनका दस नंबरी तो बहुत पहले चाहता था कि वे राजनीति से उठें तो उसके भविष...

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यशवन्त कोठारी की हास्य-व्यंग्य कविताएँ : एक किसान रो बेटो कवि हो ग्यो

  चमचा § कभी राहू तो कभी केतु है चमचा, बिखर जाये तो उखड़ी सभा है चमचा, कभी नेता तो कभी अभिनेता है चमचा, फटे में अड़ाये टां...

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यशवन्त कोठारी की कविता : पिताजी के जाने पर

    चले गये पिताजी भी, माताजी की राह पर, सौंप कर अपनी विरासत, मुकदमें, लेनदारियां, देनदारियां, वकील, फाइलें और घर बार, नहीं ...

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कविता शर्मा का आलेख : संगीत के क्षेत्र में व्‍यवसायिक सम्भावनाएँ

संगीत कला को ललित कलाओं में सर्वश्रेष्‍ठ होने का गौरव प्राप्‍त है। मन को एकाग्र कर मोक्ष द्वार तक ले जाने वाला संगीत के अतिरिक्‍त संगम व सरल...

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कविता शर्मा का आलेख : सफल व्‍यवसायी संगीतज्ञ बनने के लिए मूल मंत्र

भूलोक पर जन्‍मे समस्‍त जीव धारियों में मनुष्‍य एक सामाजिक प्राणी होने के कारण उसे उदर शान्‍ति के अतिरिक्‍त आवास, वस्‍त्रादि व आस पास के प...

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कविता शर्मा का आलेख : वर्तमान संदर्भ में संगीत चिकित्सा में व्यवसाय की संभावनाएँ

  कला एवं विज्ञान के समन्‍वय से संगीत चिकित्‍सा का प्रचलन प्रारम्‍भ होता है। संगीत एक कला है और चिकित्‍सा एक विज्ञान है। यह एक वैकल...

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बसंत आर्य की रपट : मुम्बई हास्योत्सव 2009

(तस्वीर में है माइक पर आशकरण अटल ,बाय़ें से असीम चेतन, मुकेश गौतम , बसंत आर्य, देवमणि पांडेय, गोविन्द राठी , कपिल जैन और रजनीकांत) आज जब...

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अशोक गौतम का व्‍यंग्‍य : जय हे! वेलेंटाइन डे!!

फाल्‍गुन की गुनगुनी धूप में हिनहिनाता हुआ फागुनी धूप का आनंद ले झक सफेद सिर, दाढ़ी- मूछों सहित छाती के बालों को काली मेहँदी से लिबेड़ रहा थ...

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अशोक गौतम का व्यंग्य : स्‍लम सबॉर्डिनेट मिलियनेयर

जिस तरह से हलवाई तीज त्‍योहारों के लिए मिठाइयों में खुद को मल कर साल भर के लिए हल्‍का करते हैं, अबके आप सबों की तरह मैं भी शिवरात्रि को नख...

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यशवन्‍त कोठारी का व्यंग्य - आटे पर बैंक लोन !

बैंक वाली बाला का फोन था। रिसीव किया ,तो मधुर आवाज गूंजी - ‘सर ! आपके लिए खुशखबरी !! हमारी बैंक ने आटे और गेहूं खरीदने के लिए भी लोन देना...

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वीरेन्द्र सिंह यादव का आलेख : सहस्त्राब्दी का पर्यावरण आकलन

सहस्‍त्राब्‍दी का पर्यावरण आकलन ( संयुक्‍तराष्‍ट्र की पर्यावरण सम्‍बन्‍धी विशेष रिपोर्ट) -डॉ. वीरेन्‍द्र सिंह यादव (युवा साहित्‍यकार क...

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