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श्याम गुप्त की ‘हनुमान जी –प्रार्थना’

  (देव घनाक्षरी-३३वर्ण, अन्त में दो नगण) बाल ब्रह्मचारी पवन पुत्र जब हांक भरें , कांपें दुष्ट और कुविचारी थर थर थर । सारे लोक मॆं...

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हरेन्द्र सिंह रावत की रचनाएँ

सोचो इस धरती का क्या होगा ? इंसान इंसान का दुश्मन बन गया, ज्वालामुखी फटने वाला है,  प्रदूषण का दानव आ रहा लगता कितना काला है ? सज्जन स...

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सुरेन्द्र सुकुमार की लघुकथा – धर्म का सदुपयोग

ट्रेन में सफर कर रही एक मुस्लिम महिला का दो वर्ष का बच्चा बहुत परेशान कर रहा था. मां का दूध पीने की जिद कर रहा था. मां बार-बार शीशी का दू...

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सुरेन्‍द्र अग्‍निहोत्री की 3 कविताएँ

पानी किस पाताल में छुप गया पानी मेघ नहीं सुना रहे कहानी टूट गये तालाब चुक गई कुएं की रवानी टर्र-टर्र की आवाज बन गई अतीत की कहानी...

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रामदीन के अर्द्धसत्य दोहे - इस होली में भइया सुनी है अजब कहानी, टाप सुरक्षा में आतंकी मांग रहा बिरियानी।

अर्द्धसत्‍य इस होली में भइया सुनी है अजब कहानी , टाप सुरक्षा में आतंकी मांग रहा बिरियानी। बिरियानी के बाद वह मांगे कुल्‍फी और मला...

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सुभाष जैन सरल का हास्य व्यंग्य कविता पाठ

सुभाष जैन सरल का गद्गद् करता हास्य व्यंग्य कविता पाठ देखें / सुनें नीचे वीडियो पर

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ओम प्रकाश भार्गव का जीवंत हास्य व्यंग्य पाठ

ओम प्रकाश भार्गव का मजेदार हास्य व्यंग्य पाठ जीवंत देखें नीचे वीडियो पर

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प्रदीप नवीन का हास्य व्यंग्य कविता पाठ

प्रदीप नवीन अपनी खास हास्य व्यंग्य शैली के लिए जाने जाते हैं. उनकी प्रस्तुति भी लाजवाब होती है. उनकी रचनाओं का देख-सुन कर आनंद लें – नीचे दि...

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सीमा साहा का निबंध : यदि जीवन दुबारा जीने को मिले

यदि जीवन दुबारा जीने को मिले : सीमा साहा, वर्ग : नवम्, जवाहर नवोदय विद्यालय, (पश्चिम बंगाल) जीवन विषम परिस्थि ति यों का दूसरा ...

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मधु सक्सेना का हास्य व्यंग्य पाठ

मप्र प्रादेशिक लेखक संघ द्वारा आयोजित हास्य व्यंग्य गोष्ठी के अवसर पर मधु सक्सेना द्वारा हास्य व्यंग्य का पाठ किया गया. रेकॉर्डेड वीडियो से ...

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राघवेन्द्र शर्मा का हास्य व्यंग्य कविता पाठ

रघवेन्द्र शर्मा अपने कविता पाठ में पूरी ऊर्जा से निर्मल हास्य – व्यंग्य बिखेरते हैं. एक जलवा देखिए नीचे दिए वीडियो में-

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शरद नागर का हास्य व्यंग्य कविता पाठ

शरद नागर का जबर्दस्त हास्य व्यंग्य कविता पाठ का आनंद लें नीचे दिए वीडियो पर

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एल एन भावसार – ‘हुसैन’ हमारे हैं, हमारे रहेंगे – चाहे जहाँ रहें

दुनिया या हुसैन हा हुसैन कर रही है. इन सबके बीच जीवन के शतायु को छू रहे हुसैन अपनी कूँची से कला की दुनिया में नित्य नया संसार रच रहे हैं. हु...

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हरि जोशी का हास्य - व्यंग्य पाठ (जीवंत प्रसारण - वीडियोकास्ट)

जाने माने, सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार हरि जोशी द्वारा उनके स्वयं के द्वारा किए गए व्यंग्य पाठ  का आनंद लें यूट्यूब वीडियो पर

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दीप तलैया पंछी का हास्य - व्यंग्य कविता पाठ

नुकीले नश्तर युक्त तीखे हास्य व्यंग्य की कविताएँ दीप तलैया की खासियत है. स्मित हास्य से देखें/सुनें उनका हास्य व्यंग्य कविता पाठ -

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विजया तैलंग का हास्य – व्यंग्य पाठ (जीवंत प्रसारण – वीडियोकास्ट)

विजया तैलंग की चुटीली, मजेदार हास्य – व्यंग्य पाठ का आनंद उनके स्वयं के स्वरों से लें. देखें यूट्यूब वीडियो पर -

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राजीव नामदेव का हास्य – व्यंग्य कविता पाठ (जीवंत प्रसारण - वीडियोकास्ट)

राजीव नामदेव के करारे, चुटीले हास्य व्यंग्य का आनंद लें यू-ट्यूब वीडियो पर

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मनोहर बाथम का जीवंत कविता पाठ

मनोहर बाथम के बारे में लीलाधर मंडलोई कहते हैं कि वे ऐसे एकमात्र कवि हैं जिनकी कविताओं में सरहद नहीं है, सीमाएँ नहीं हैं. निस्सीम कविताएँ हैं...

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लीलाधर मंडलोई का जीवंत कविता पाठ

विगत दिवस दुष्यंत कुमार संग्रहालय, भोपाल में लीलाधर मंडलोई ने अपने किताब के लोकार्पण के अवसर पर जीवन के अपने मार्मिक अनुभवों को भी साझा किया...

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एस.के.पाण्डेय की बाल कविता – लेना-देना

बच्चों के लिए: लेना-देना (1) दिन में जो प्रकाश-पुंज शशि रवि से लेता है । रात में वह ही वापस धरती को दे देता है ।। जल वाष्प...

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क़ैश जौनपुरी का देशभक्ति गीत․ भारत का बेटा हूं मैं…

भारत का बेटा हूं मैं दिल में ये अरमान है․․․․․․․․․․․․ देश के लिए जियें देश के लिए मरें अपना ये ऐलान है․․․․․․․․․ भारत का बेटा ...

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दीनदयाल शर्मा की रचना – तक़ाजा वक्त का

चेहरे पर ये झुर्रियां कब आ गई, देखते ही देखते बचपन खा गई. वक्त बेवक्त हम निहारते हैं आईना, सूरत पर कैसी ये मुर्दनी छा ग...

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महावीर सरन जैन का आलेख : भगवान महावीर

  भगवान महावीर प्रोफेसर महावीर सरन जैन भगवान महावीर जैन धर्म के प्रवर्तक नहीं हैं। वे प्रवर्तमान काल के चौबीसवें तीर्थंकर हैं। आपने...

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विजय कुमार वर्मा की कविता

कुछ तो प्रतिदान जरूरी है, जिन्दा रिश्तों की मजबूरी है. दिल मेरा नवनीत-नरम है, बस बातें तेरी छुरी है. नकली वन में नकली मृग है ...

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शेफाली वर्मा की कविता

बचपन पढ़ते-पढ़ते याद आ गयी बचपन की यादें फिर से छा गयी. मेरा रोना और उफ़ करना , माँ- पापा का चुप - चुप कहना . भाई-बहन संग धींग...

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राजेश कुमार मिश्र की बाल कविता

कौआ काका बच्चों देखो कौआ आया चोंच में अपनी रोटी लाया। खाली रहना इसका काम जगत में अमर है इसका नाम। बड़ा आलसी जीव निराला काली-...

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यशवन्त कोठारी का व्यंग्य : लोकतंत्र की लँगोट

किसी देश के किसी प्रांत की किसी राजधानी में एक विधान सभा थी। विधान सभा वैधानिक कार्यों के लिए थी मगर प्रजातंत्र का आनंद था। सभी तरह क...

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अमिता कौंडल की दो कविताएँ : श्रीमान श्रीमती, मेरे पहाड़

  श्रीमान श्रीमती श्रीमती जी सखियों संग बतिया रहीं थीं पति की सख्ती के किस्से सुना रही थीं.   कहतीं हमारे वो तो बड़े सख़्त मिज़ाज ...

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प्रमोद भार्गव की कहानी : सती का ‘सत’

कनकलता पैंतालीस-छियालीस साल की एक सुशिक्षित संभ्रात महिला। अच्‍छी मां, सुघड गृहिणी। घर के कामकाज में पारंगत। जैसी नियमित दिनचर्या उसी के...

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प्रमोद भार्गव की कहानी - नकटू

  नकटू अब दस साल का हो गया था। अपने नाम के ही अनुरूप वह बेशरम था, बल्‍कि यों कहा जाए कि उसका नाम उसके जन्‍म के कारण ही नकटू पड़ गया था ...

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राजनारायण बोहरे की कहानी - न्‍याय : उर्फ तसल्‍लीबख्‍श फैसला

    फरियादिया का बयान               - मेरा नाम विमला है हुजूर । स्‍वर्गीय मास्‍टर जी गोविंद सिंह मेरे पति थे । मेरी उम्र पच्‍चीस साल...

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