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जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा का उपन्यास : पी कहाँ (भाग 7)

(पिछले भाग 6 से जारी… )   ए क के बाद एक बुलावा। क्‍या हो गया है राधा को-कहीं बावली तो नहीं हो गयी। कुंवरसाहब ने हंस कर कहा-‘हां हां ...

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जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा का उपन्यास : पी कहाँ (भाग 6)

( पिछले भाग 5 से जारी…) रात के दो बज गये थे। नींद जैसे छलावा थी। रात्रि का दूसरा पहर आया तो रोम रोम में बस गई और फिर रात्रि का तीसरा ...

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जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा का उपन्यास : पी कहाँ (भाग 5)

(पिछले भाग 4 से जारी…) का रोबारी आदमी ठहरे-गुप्‍ता जी जिस उद्‌देश्‍य से आए थे उसे प्राप्‍त करके लौट गये। अभी मित्रों को यह जानकारी नहीं...

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जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा का उपन्यास : पी कहाँ (भाग 4)

( पिछले अंक से जारी …)   नीं द रुठ गई थी। और एक के बाद एक बीती यादें। चन्‍द्रावती। कुंवरसाहब की छोटी बहन। सुन्‍दर और नटखट, सात वर...

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जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा का उपन्यास : पी कहाँ (भाग 3)

( पिछले अंक से जारी…) पु रानी स्‍मृतिओं ने जैसे नींद चुरा ली थी। बीती बात निरन्‍तर याद आ रहीं थीं। अगले दिन! तब जबकि वह राजकुंवरी के साथ...

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जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा का उपन्यास : पी कहाँ (भाग - 2)

(पिछले अंक से जारी…) हवेली का नाम था-रतनपुर पैलेस। जमींदारी उन्‍मूलन से पहले इस हवेली के स्‍वामियों की जागीर इसी नाम से पुकारी जाती थी-अ...

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