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जयजयराम आनंद का आलेख - हूस्टन के भारतीय प्रवासियों में भारतीयता की झलक

हूस्टन के भारतीय प्रवासियों में भारतीयता की झलक हूस्टन टेक्सास राज्य का सबसे बड़ा शहर है. अमेरिका के सबसे बड़े शहरों में न्यू़यॉर्क, शिकागो...

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शंकर लाल कुमावत की नववर्ष कविता -प्रण करें नव नूतन वर्ष के आँगन का हर साज नया हो

प्रण करें नव नूतन वर्ष के आँगन का हर साज नया हो ना रहे अब धूप दु:खों की खुशियों का आगाज नया हो प्रण करे नव नूतन वर्ष के आँगन का हर साज ...

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अनुराग तिवारी की नव-वर्ष कविता - नये साल की नयी सुबह

नये साल की नयी सुबह नये साल की नयी सुबह उत्‍साह नया ले आयी है, मन में भरी उमंगें हैं, दिल ने ली अँगड़ाई है।   बीता वर्ष दे गया हमको यादें...

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शशांक मिश्र भारती की नव-वर्ष कविता

नववर्ष की सार्थकता नया वर्ष ले नूतन हर्ष प्रतिवर्ष आता जगाता नयी उमंगें हर्षोंल्‍लास की तरंगें , बीते क्षणों की स्‍मृति करवाने को-...

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प्रभुदयाल श्रीवास्तव की नव-वर्ष शुभकामना कविता

मदिर मस्ज़िद गुरुद्वारों में क्यों अरदास न करते कुमकुम पुष्प अगरबत्ती से क्यों न स्वागत करते नये वर्ष की नव चौखट पर क्यों न दीपक धरते? ...

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दामोदर लाल जांगिड़ की नूतन वर्षाभिनंदन ग़ज़ल

  ग़ज़ल दें परस्‍पर इस तरह नव वर्ष की शुभकामनाएँ । कल्‍पतरुरों कतारें मन मरुस्‍थल में लगाएं॥   नग्‍न नर्तन हो रहा भय भूख भ्रष्‍टाचार का,...

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श्रीनारायण चतुर्वेदी का व्यंग्य : पत्नी और धर्मपत्नी

उस दिन एक नये मिल मिलने आये। 'नये' इसलिए कहता हूं कि मेरी वय इतनी हो गयी है कि पुराने मित्र दिनोंदिन कम! होते जा रहे हैं। जो थोड़े-बह...

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शेर सिंह की कविता - जाड़ा

जाड़ा · शेर सिंह जाड़े ने बोला धावा गर्मी की कर दी बोलती बंद लो सर्दी आ गई ।   ओस से लदी कांपती डालियां झड़ते जर्द पत्‍ते जाड़े की पहचा...

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रघुनंदन प्रसाद दीक्षित 'प्रखर' का आलेख - उतार चढ़ाव की साहित्‍यिक यात्रा : वर्ष 2011

डॉ. रघुनंदन प्रसाद दीक्षित 'प्रखर' उतार चढ़ाव की साहित्‍यिक यात्रा : वर्ष 2011 वर्ष 2011 इसलिए विलक्षण कहा जा सकता है क्‍योंकि इस...

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एस. के. पाण्डेय के हास्य-व्यंग्य दोहे

।। दोहे।। भैया ते नर अब नहीं  जो मिलते जब काम। काम में खोजे न मिलैं ऐसे मनुज तमाम।।  बचन देत जो फिरत हैं और नहीं भय लाज। यसकेपी दर-दर मिल...

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सूर्यकांत नागर की कहानी - सपने

न न्दा ने तीसरी बार पानी पीया। वैसे रात में उठकर पानी पीने की उसकी आदत नहीं है। थककर चूर हो जाने के बाद उसे होश ही नहीं रहता कि सुबह कब हुई।...

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अरविन्‍द कुमार का आलेख : युवा कथाकारों की कहानियों का पोस्‍टमार्टम

आलेख युवा कथाकारों की कहानियों का पोस्‍टमार्टम अरविन्‍द कुमार एक साल से विभिन्‍न हिंदी पत्रिकाओं में प्रकाशित कहानियों को पढ़ा। वरिष्‍ठ कथाक...

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रघुनन्‍दन प्रसाद दीक्षित प्रखर की कविता व पुस्तक समीक्षा

(कुंडलियां) नथ नथ की अकथ कहानियां ,रच डाले इतिहास। कभी रही चित चोरनी, कभी हास परिहास॥ कभी हास परिहास बहुमुखी किलोलें करे चिबंक पर।...

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अनुराग तिवारी की कविता - मैं निडर हूँ

मैं निडर हूँ मैं निडर हूँ, अब किसी भी बात से डरता नहीं हूँ।   ज़िन्‍दगानी के सफ़र में, लाख रोड़े हों डगर में, अब न कोई फ़र्क पड़ता, सामने ...

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प्रभुदयाल श्रीवास्तव की कविता - वे ही पल पल तोड़ा करते

-- वे ही पल पल तोड़ा करते सुबह शाम और जब जी चाहा मंदिर मस्जिद जाते लोग ईश्वर को देते हैं धोखा अल्लाह को भरमाते लोग। दिन तो छल छंदों में बीता...

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शशांक मिश्र भारती की दो कविताएँ - नारी

  नारी और प्रगति नारी नर से बढ़कर कर रही है दायित्‍वों, कर्त्तव्‍य का निर्वहन एक ही नहीं तीन-तीन स्‍वरूपों में कभी पुत्री, कभी पत्‍नी त...

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कैस जौनपुरी का धारावाहिक - 14 वीं कड़ी - आओ कहें... दिल की बात : बेटा जिग्नेश...तुम कहाँ हो...?

पिछली कड़ियाँ  - एक , दो , तीन ,  चार , पांच , छः , सात , आठ , नौ , दस , ग्यारह , बारह , तेरह आओ कहें...दिल की बात कैस जौनपुरी बेट...

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ज्योति सिन्हा का आलेख - युगद्रष्टा गुरूदेव रवीन्द्र नाथ एवं उनकी साहित्य यात्रा

रवीन्द्र नाथ टैगोर को आज सम्पूर्ण विश्व उनकी 150वीं जन्मशती पर शत्-शत् नमन करता है एवं अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि युगद्रष्टा गुरूदेव...

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