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कीर्ति सिंह की कबाड़ से जुगाड़ कलाकृतियाँ

  कीर्ति सिंह मोटर-वाहनों के पुराने कलपुर्जों को कबाड़ से खरीद लाते हैं और उन्हें तराश कर कलाकृतियों का रूप देते हैं. बेहद आकर्षक और प्रभावी...

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डॉ. शेख अफरोज फातेमा का आलेख - भारतीय समाज व्यवस्था का अंग - अस्पृश्यता और हिंदी दलित लेखन

भारतीय संस्कृति दुनिया के महान संस्कृतियों में से एक मानी जाती है। ऐसी महान संस्कृति में अस्पृश्यता एक कलंक के रूप में हैं। भारतीय वर्ण व्यव...

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उमेश गुप्ता के व्यंग्य

// उफान //         हमारे देश में हर चीज उफान पर है। मंहगाई तूफान पर है। रूपये की अंतर्राष्ट्रीय कीमत चढान पर है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें खौल...

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लता सुमन्त की कहानी - इस बार हो आती हूँ

खा ना खाने के कुछ देर बाद अम्मा अपने कमरे में जाकर लेट गईं। श्यामा रसोई में व्यस्त थी। खाने के पश्चात कुछ चीजें निकालकर रखने तथा बरतन खाली ...

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ई-बुक: दशलक्षण धर्म - लेखक : महावीर सरन जैन - अध्याय 5 - शौच

5. शौच शौच का अर्थ है- शुचिता, शुद्धता, स्वच्छता, पवित्रता एवं निर्मलता। शौच का अर्थ शरीर के धरातल पर ‘स्वच्छता’, मन के धरातल पर ‘पवित्रता’...

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ई-बुक: दशलक्षण धर्म - लेखक : महावीर सरन जैन - अध्याय 4 - सत्य

4. सत्य आर्जव से सत्याचरण के लिए प्रेरणा मिलती है। आर्जव की नींव पर सत्य का भवन बनाया जा सकता है। निष्कपटता एवं ऋजुता से मिथ्यात्व का अन्त...

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ई-बुक: दशलक्षण धर्म - लेखक : महावीर सरन जैन - अध्याय 3 - आर्जव

3. आर्जव मार्दव से आर्जव का परिपाक होता है। विनम्रता से सरलता आती है तथा सरलता से निष्कपटता की वृत्ति विकसित होती है। सरलता से अपने दोषों...

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ई-बुक: दशलक्षण धर्म - लेखक : महावीर सरन जैन - अध्याय 2 - मार्दव

2. मार्दव ‘क्षमा’ के परिपाक एवं विकास के लिए ‘मार्दव’ का महत्व है। किसी पर क्रोध न करना ही पर्याप्त नहीं है। सामाजिक व्यक्ति के लिए यह भी ...

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श्याम गुप्त का आलेख : अगीत साहित्य के अलख-निरंजन –डा रंगनाथ मिश्र ‘सत्य’

अगीत साहित्य के अलख-निरंजन – डा रंगनाथ मिश्र ‘ सत्य ’                    ( डा श्याम गुप्त ) हि न्दी साहित्य-जगत में अगीत-विधा, संतुलित कह...

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रामवृक्ष सिंह का व्यंग्य : मिस कॉल

व्यंग्य मिस कॉल डॉ. रामवृक्ष सिंह मोबाइल फोन के आगमन के साथ संवाद और संदेश-संप्रेषण से जुड़ी कई नई-नई अवधारणाएं हमारे समाज में आई हैं। इ...

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ई-बुक: दशलक्षण धर्म - लेखक : महावीर सरन जैन - अध्याय 1 - क्षमा

  दशलक्षण धर्म: प्राणी मात्र का कल्याण एवं सामाजिक सौमनस्य तथा सामरस्य प्रोफेसर महावीर सरन जैन अनुक्रम   भूमिका 3 - 11 1. क्षमा ...

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