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रचनाकार.ऑर्ग संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन 2014 के लिए प्रायोजन आमंत्रित

आप सभी सुहृदय पाठकों के सक्रिय सहयोग से रचनाकार.ऑर्ग में पिछले दो मौकों पर व्यंग्य तथा कहानी लेखन पुरस्कार आयोजन अत्यंत सफलतापूर्वक पूर्ण ...

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शशिकांत सिंह ‘शशि’ का व्यंग्य - आदमी

आदमी व्‍यंग्‍य जंगल की एक निंबध प्रतियोगिता में गाय ने आदमी पर निबंध लिखा जो इस प्रकार है। आदमी एक दोपाया जानवर होता है । उसको दो कान , दो...

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यशवंत कोठारी का व्यंग्य - भारत का सरकारी पर्व : फ़ाइल फ़ाड़ोत्सव

व्यंग्य फ़ाइल    फ़ाड़ोत्सव यशवंत  कोठारी सरकार चुप है. मंत्री चुप है। वित्त  मंत्री ने बजट का हलुआ  चख लिया है. जनता ने बजट  की मार ...

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सुभाष लखेड़ा के तीन व्यंग्य

आओ ,  हम बाबा बनें ! अफ़सोस सिर्फ यही है कि यह ख्याल मुझे इतनी देर से क्यों आया ? खैर,  देर आयद दुरुस्त आयद ! आखिर, इससे पहले आता भी तो  ...

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वीरेन्द्र सरल का व्यंग्य - जनम-जनम का साथ है…

व्‍यंग्‍य जनम-जनम का साथ है वीरेन्‍द्र ‘सरल‘ लोग बताते है कि इस धरा-धाम पर उसका अवतरण मोबाइल धारण किये हुये ही हुआ था। इसी कारण उसकी सुबह ...

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महावीर सरन जैन का आलेख - भारत में भारतीय भाषाओं का सम्मान और विकास

भारत में भारतीय भाषाओं का सम्मान और विकास प्रोफेसर महावीर सरन जैन राजतंत्र में, प्रशासन की भाषा वह होती है जिसका प्रयोग राजा, महाराजा और रा...

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दीनदयाल शर्मा का रेडियो नाटक - घर की रौशनी

रेडियो नाटक - घर की रोशनी दीनदयाल शर्मा पात्र :  1. कमला , 2. रमन , 3. अमन, 4. राजपाल, 5. डॉक्टर-एक, 6. डॉक्टर-दो (नवजात शिशु के रोने की ध...

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बच्चन पाठक ‘सलिल’, राजीव आनंद तथा चन्द्रेश कुमार छतलानी की लघुकथाएँ

बच्चन पाठक 'सलिल' सात्विक क्रोध   दोपहर का समय था,मैं भोजन कर लेटा  हुआ था,मेरे घर के सामने एक टैक्सी रुकी,,मैं बाहर आया,-एक व्यक्...

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शशि गोयल की बाल कहानी - नन्हा वीर

नन्‍हा वीर अमर सिंह की रानी ने समाचार सुना तो धक से रह गई। स्‍वयं उसके भाई ने ही उसका सुहाग उजड़वा दिया था। शाहजहॉ के साले सलावत खॉ ने अमर स...

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प्रमोद भार्गव का आलेख - भारतीय न्यायपालिका में सड़न

संदर्भःपूर्व न्‍यायमूर्ति काटजू का बयान न्‍यायपालिका में सिद्धांत से समझौता प्रमोद भार्गव विधायिका और कार्यपालिका में सिद्धांत और नैतिकता स...

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एस. के. पाण्डेय की 3 लघुकथाएँ – मेहनत, तीन बातें तथा पुरानी सोच

मेहनत हेमा ने कहा सर हमने अलजेब्रा की चार-पाँच किताबें खरीद लिया है। फिर भी अलजेब्रा बिल्कुल समझ में नहीं आती। मुझे हँसी आ गई। मैंने कहा ...

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सविता मिश्रा की लघुकथाएँ

1....नींव की ईंट ===================== श्याम बहुत ही होनहार छात्र था, सभी शिक्षक उसकी इतनी तारीफ करते, कि माँ बाप का सीना ख़ुशी से फूल जाता...

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लता सुमन्त का आलेख - अनोखा गुजराती कवि -उमाशंकर जोशी

अनोखा गुजराती कवि -उमाशंकर जोशी डॉ. लता सुमन्त उमाशंकर का आगमन गुजराती साहित्य की ही नहीं,भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती ह...

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श्याम गुप्त का आलेख - जीव जीवन व मानव -भाग ३...

पूर्व का आलेख यहाँ देखें जीव जीवन व मानव -भाग ३... (ब) मानव का सामाजिक विकास युगों तक प्रारंभिक होमो सेपियन घूमंतू शिकारी-संग्राहक -...

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