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नया साल आया - संध्या चतुर्वेदी की कविताएँ

नया साल  आया खुशियां अपार लाया।। बड़ों का आशीष छोटो को प्यार, मिलकर बजाये साज। ऐसे मनाये नववर्ष आज। ना रहे कोई दुःखी सब के घर आये खुशी...

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प्रेरणा के स्रोतः दिल बहादुर किरका // शशांक मिश्र भारती

एक पुराना प्रसंग प्रेरणा के स्रोतः दिल बहादुर किरका शशांक मिश्र भारती कितने आश्चर्य की बात है कि हम लोगों में थोड़े से समय के बाद निराशा आ ज...

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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 106 // पंचांग // चेतना भाटी

प्रविष्टि क्रमांक - 106 चेतना भाटी पंचांग सैर के लिए पार्क में जाते अपने मित्र से बनवारी  ने  पूछा  --- " और सुनाओ मित्र बसेसर , क्य...

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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 105 // चलती फिरती लाशें // सविता मिश्रा 'अक्षजा'

रु. 35,000+ के रचनाकार लघुकथा पुरस्कार हेतु लघुकथाएँ आमंत्रित हैं. अधिक जानकारी के लिए यहाँ [ लिंक ] देखें. आयोजन में अब तक प्रकाशित ल...

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अर्चना कटारे की कविताएँ

*सागर की महानता* ~~~~~~~~~~~~~~ सागर जैसे महान बनो सब, उदधि है गुणों की खान, जलनिधि सबको अपने में समाहित करता, यही है उसकी असली पहचान, ...

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लघुकथा // 'पेट का सवाल' // निवेदिता श्रीवास्तव

'पेट का सवाल' आखिरकार आ ही गयी वो घड़ी जिसके इंतेजार में लाजो बार बार झांक रही थी। पड़ोस में एम्बुलेंस आयी थी सुबह। इस समय लाश उतारी ज...

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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 104 // महंगाई भत्ता // राममूरत 'राही'

प्रविष्टि क्रमांक - 104 -- राममूरत 'राही' महंगाई भत्ता घर से थोड़ी दूर पर एक सब्जी वाला ठेले पर सब्जियां बेच रहा था। कुछ मजदूर उससे...

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संस्मरण // मेला // अजय अमिताभ सुमन:

मेला बात लगभग अस्सी के दशक की है . जितने में आजकल एक कप आइसक्रीम मिलता है , उतने में उन दिनों एक किलो चावल मिल जाया करता था. अंगिरस 6 ठी कक्...

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बहस और तर्क में अंतर होता है। // मनु

बहस और तर्क में अंतर होता है। ये बात बहुत बारीक लकीर के अंतर से समझी जा सकती है। तर्क आप तब करते है जब आपको किसी विषय की जानकारी होती है तथ्...

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लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन 2019 - प्रविष्टि क्रमांक - 103 // भीड़ // शशि दीपक कपूर

प्रविष्टि क्रमांक - 103    शशि दीपक कपूर भीड़ कैसे सब रास्ते पर इकठ्ठे हो गये, उन्हें शायद खुद भी इतना पता न हो । बस, इसने कहा, उसने सुना और...

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विश्व की एकमात्र पाप-नाशिनी है नर्मदा नर्मदा का कंकड़ भी नर्मदेश्वर शिवलिंग बन जाता है। // आत्माराम यादव

समूचे विश्व में जो दिव्य व रहस्यमयी है तो वह नर्मदा। नर्मदा का वर्णन चारों वेदों की व्याख्या में विष्णु के अवतार वेदव्यास जी ने स्कन्द पुराण...

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हास्य-व्यंग्य // प्रोफ़ेसर // मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी

प्रोफ़ेसर मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी अनुवाद : डॉ. आफ़ताब अहमद आज फिर उनके सम्मान में हज़रत ‘रंजूर’ अकबराबादी, एडिटर, प्रिंटर, पब्लिशर व प्रूफ़रीडर, त...

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हास्य-व्यंग्य // पड़िए गर बीमार - मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी

पड़िए गर बीमार I मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी अनुवादक : डॉ. आफ़ताब अहमद तो कोई न हो तीमारदार? जी नहीं! भला कोई तीमारदार न हो तो बीमार पड़ने से फ़ायदा? और...

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