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लघुकथा - डॉ. श्याम गुप्त

लघुकथा – अरे आप तो तमाम ग्रंथों कथा-कहानियों, काव्य-महाकाव्यों आदि के प्रणेता और हिन्दी साहित्य विभूषण, मार्तंड आदि जाने क्या क्या, अब ये फे...

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डॉ. श्याम गुप्त की लघुकथा - इलेक्शन और गांधीजी

वे जनरल इलेक्शन के दिन थे | सारे देश में नारों, सभाओं, गानों, भाषणों, पोस्टरों के युद्ध की धूम थी | यहाँ तक कि बच्चे भी इस सब में खूब धूम धा...

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डॉ. श्याम गुप्त की लघुकथा - अपन तुपन

सुन्दर की माँ छत पर खुली रसोई में सुन्दर का प्रिय व्यंजन ‘आलू का परांठा’ बना रही थी क्योंकि अंदर गरमी थी और घरों में पंखे नहीं थे | सुन्दर प...

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डॉ. श्याम गुप्त की लघुकथा - कार्य विभाजन ...

देखो कितना अच्छा रहा न, आपने आलू छील दिए, मेरा कितना समय बच गया | रीता जी प्रसन्न होते हुए बोलीं | हाँ, वह तो है ही, यदि पुरुष, स्त्री साथ स...

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डॉ. श्याम गुप्त की कविताएँ

कवि ! गुनुगुनाओ आज.....   कवि ! गुनगुनाओ आज , एसा गीत कोई । बहने लगे रवि रश्मि से भी, प्रीति की शीतल हवाएं । प्रेम के संगीत सुर को- ...

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'कारण कार्य व प्रभाव गीत'------ कितने इन्द्रधनुष // डॉ. श्याम गुप्त

           मेरे द्वारा सृजित, गीत की  एक नवीन -रचना-विधा -कृति में ..जिसे मैं ....'कारण कार्य व प्रभाव गीत' कहता हूँ ....इसमें कथ्य ...

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'कारण कार्य व प्रभाव गीत' - कितने जीवन मिल जाते हैं // डॉ. श्याम गुप्त

     मेरे द्वारा सृजित, गीत की  एक नवीन -रचना-विधा -कृति में ..जिसे मैं ....'कारण कार्य व प्रभाव गीत' कहता हूँ ....इसमें कथ्य -विशेष...

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कहानी // बयान // सुशांत सुप्रिय

योर ऑनर, इससे पहले कि आप इस केस में अपना फ़ैसला सुनाएँ, मैं कुछ कहना चाहता हूँ । जिस लड़की मिनी ने आत्महत्या की है , मैं उसका भाई हूँ । पर ज...

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पुस्तक समीक्षा // राष्ट्रवाद से जुड़े विमर्शों को रेखांकित करती एक किताब // समीक्षक- लोकेन्द्र सिंह

पुस्तक समीक्षा राष्ट्रवाद से जुड़े विमर्शों को रेखांकित करती एक किताब समीक्षक - लोकेन्द्र सिंह (समीक्षक विश्व संवाद केंद्र,भोपाल के कार्यकार...

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कहानी : "ढलती साँझ की धुँध" // माधव राठौड़

"तुम चले जाओगे तो सोचेंगे ,हमने क्या खोया क्या पाया" हॉस्पिटल के वेटिंग रूम में लगे टी.वी पर जगजीत की इस गजल को रिटायर्ड जज नासिर...

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कहानी : यादों के साये // अर्चना अग्रवाल

आपकी असुविधा के लिए खेद है. लेखिका के आग्रह पर इस रचना को हटा दिया गया है.

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सत्तू के सम्मान में // डॉ. सुरेन्द्र वर्मा

बात बहुत पुरानी है। उस समय मैं १२-१५ वर्ष का रहा होऊंगा। रोज़ शाम को गर्मियों के दिनों में सत्तू का शरबत बना करता था और तरावट के लिए उसका से...

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ईबुक - उर्दू हास्य नाटक - दबिस्तान-ए-सियासत - राक़िम दिनेश चन्द्र पुरोहित

उर्दू हास्य नाटक - दबिस्तान-ए-सियासत - राक़िम दिनेश चन्द्र पुरोहित नीचे दिए गए विंडो पर पढ़ें. पीडीएफ़ फ़ाइल के विंडो में लोड होने में समय ल...

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जवानी की प्रेमिका को बूढ़े प्रेमी का खत // यशवंत कोठारी

आप कहेंगे इंटरनेट, चेटिंग , वीडिओ कांफ्रेंसिंग के इस दौर में खतो किताबत कौन करता है? मगर जरा ठहरो मेरे जवान दोस्त, माध्यम बदला है, बात व बात...

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हिन्दू कालेज में आषाढ़ का एक दिन का मंचन

नई दिल्ली। देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान हिन्दू कालेज की हिंदी नाट्य संस्था 'अभिरंग' द्वारा रंग महोत्सव के अंतर्गत रंगसमूह 'शून्य...

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विज्ञान कथा : द मेडिकल कॉस्पीरेंसी // प्रज्ञा गौतम

द मेडिकल कॉस्पीरेंसी प्रज्ञा गौतम रा ष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर डॉ0 सुदीप की हाइड्रोजन ईंधन चालित कार 150 किमी/घंटे की गति से दौड़ रही थी। बारां ...

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विज्ञान कथा : ट्रेडमिल // अजय ओझा

ट्रेडमिल अजय ओझा विज्ञान-कथा बा ल्कनी से आ रहे प्रकाश ने आज सेथोन को खुशी के बदले झटका दिया । दिमाग की बत्ती जली, तुरन्त ही बायीं हथेली पर द...

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विज्ञान - कथा : योगिराज // डॉ. राजीव रंजन उपाध्याय

योगिराज। डॉ0 राजीव रंजन उपाध्याय। विज्ञान-कथा। ‘‘आ र्यशास्त्र में भक्ति को, उपासना का प्राण और योग को उपासना का शरीर कहा गया है। जिस प्रकार ...

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