आलेख || कविता ||  कहानी ||  हास्य-व्यंग्य ||  लघुकथा || संस्मरण ||   बाल कथा || उपन्यास || 10,000+ उत्कृष्ट रचनाएँ. 1,000+ लेखक. प्रकाशनार्थ रचनाओं का  rachanakar@gmail.com पर स्वागत है

सीताराम गुप्ता की कविता : टैग


कविता

टैग

-सीताराम गुप्ता


निहायत जरूरी है
एक उम्दा लिबास
बचने के लिए
मौसम की मार से
गरमी-सरदी से, बरसात से
धर्म भी कम जरूरी नहीं
आदमी के लिए
लिबास की तरह ही
पर
लिबास हो या धर्म
जरूरी है देखना
उपयोगिता भी उसकी
उसे ढंग से पहनना
धरण करना
पर
धर्म भी हो गया है
आज के लिबास की तरह
किसे परवाह है
बना हो लिबास
उम्दा कपड़े से
उपयोगी हो मौसम के हिसाब से
या कम से कम
अच्छी हो सिलाई ही
आज
कपड़े और सिलाई की जगह
महत्वपूर्ण हो गया है टैग
टैग करता है निर्धारित
कीमत लिबास की
जरूरी है इंकार कर देना
टैग को लिबास मानने से
और किसी टैग को
मानने से धर्म
इंकार कर देना
बेहद जरूरी है।

-------- साभार - भाषा : मार्च-अप्रैल २००८ से

संपर्क:
सीताराम गुप्ता
ए.डी.-१०६-सी, पीतमपुरा,
दिल्ली-११००३४

टिप्पणियाँ

----------

10,000+ रचनाएँ. संपूर्ण सूची देखें.

अधिक दिखाएं

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

---

तकनीक व हास्य -व्यंग्य का संगम – पढ़ें : छींटे और बौछारें

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद/अनुसरण करें

परिचय

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com

अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

डाक का पता:

रचनाकार

रवि रतलामी

101, आदित्य एवेन्यू, भास्कर कॉलोनी, एयरपोर्ट रोड, भोपाल मप्र 462030 (भारत)

कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.

उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.


इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.