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प्रेमनारायण गुप्ता की लघुकथा : युग बदल गया



लघुकथा :

युग बदल गया

- प्रेमनारायण गुप्ता


कल एक अजीब घटना घटी और पूरी दुनिया बदल गई। हुआ यूँ कि कल भगवान का वो कम्प्यूटर खराब हो गया जिसमें हमारे गुनाहों का हिसाब रखा जाता था। इस खराबी के कारण सभी मानव मस्तिष्कों तक ये सूचना संप्रेषित हो गई कि अब भगवान हमारे गुनाहों का हिसाब नहीं रख पा रहा है।

देखते ही देखते दुनिया भर के लोग एकदम बदल गए और दुनिया में पाप और अपराध की बाढ़ आ गई। सरकारें चिंतित हुईं और निर्णय लिया गया कि सभी पुराने कैदियों की सजा मापफ कर उन्हें रिहा कर दिया जाए और नए अपराधियों को जेल में डाल दिया जाए क्योंकि अपराधियों को देखते हुए जेलखाने कम पड़ रहे थे।

धीरे-धीरे सब शांत हो गया। दुनिया पहले से खुशहाल हो गई है। सतयुग आ गया है युग बदल गया है।

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संपर्क:
प्रेम नारायण गुप्ता
ए डी २६ सी, पीतम पुरा,
दिल्ली - ११००३४

4 टिप्पणियाँ

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