रविवार, 10 अगस्त 2008

रचना गौड़ ‘भारती’ की दो कविताएँ

rachana gaur bharati

मटका (पुरूष) और सुराही (स्त्री)

 

कच्ची मिट्टी का घड़ा हो तुम

मैं हूं तुम्हारी सुराही

भीनी सी खुश्बू तुम में थी

सुगंधित जल मैं भर लायी

जीवन का लहू जमा हुआ सा

चलो मिलकर इसे पिघलाएं

एक कुम्हार (परमात्मा), एक ही मिट्टी,

तुम रहे तने, मुझे झुकाया ये कैसी प्रकृति

टूटोगे तुम भी, बिखरूंगीं मैं भी

काम एक ही है प्यास बुझाना

प्यास जो बुझे तो प्यासे, खुदा से दुआ करना

मटके से मेरी गर्दन कभी न लम्बी करना

वरना ये दुनियां पकड़-पकड़ गिराएगी

पानी पीकर खाली सुराही (भोग्यक्ता)

ज़मीन पर लुढ़काएगी

 

गजल

 

अक्सर इन्सान गिरगिट बन जाते हैं

मतलब के लिए रंग अपना दिखाते हैं

 

मौज़ों को साहिल से जोड़कर फिर

भंवर में फ़सने का इल्ज़ाम लगाते हैं।

 

गमज़दाओं को गमहीन बनाने के लिए

कुरेद कर ज़ख्म उनके हरे कर जाते हैं ।

 

कुर्सी के लिए चूसकर रक्त का कतरा-कतरा

मरणोपरान्त मूर्तियां चौराहों पर लगाते हैं।

 

रखते हैं गिध्द दृष्टि दूसरों की बहू-बेटियों पर

अपनी बेटी को देखने वालों के चश्में लगाते हैं।

 

मुध्दतों से खतों-किताबत करने वाले

गुनाह करके कैसे अंजान बन जाते हैं ।

 

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परिचय

श्रीमती रचना गौड़ 'भारती'

(कवियत्री एंव स्वतंत्र लेखिका)

कार्यकारी संपादक -जिन्दगी Live (त्रैमासिक पत्रिका कोटा)

जन्म : 16 मई 1968 राजस्थान की औद्यागिक व शैक्षणिक नगरी कोटा में ।

शिक्षा : एम. ए. (राज. शास्त्र), एम.जे.ऐ.सी

(मास्टर ऑफ जर्नलिस्म एण्ड मास कम्यूनिकेशन)

कृतित्व : विगत 20 वर्षों से देश की विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में गजल,

कविताएं, मुक्तक, कहानियां, हाइकू एवं लेखों का प्रकाशन ।

कई वर्षों तक आकाशवाणी कोटा में आकस्मिक कम्पीयर एवं उद्धोषक का कार्य टी.वी. सिटी चेनल कोटा में समाचार वाचन का कार्य किया।

विभिन्न सरकारी एंव गैर सरकारी कार्यक्रमों में मंच संचालन का कार्य

प्रकाशित पुस्तक: 'आपकी रसोई' ( निरोगी दुनिया पब्लिकेशन जयपुर के माध्यम से ) प्रकाशाधीन पुस्तक: 'मनस्वी' काव्य संग्रह (साहित्य प्रकाशन उदयपुर के माध्यम से)

अन्तरजाल पर : साहित्यकुन्ज,स्वर्गविभा एंव वांड्मय पर कहानी, लधुकथा,मुक्तक, हाइकू व कवितांए प्रकाशित

रचना गौड़ 'भारती'

(कवयित्री एवं स्वतंत्र लेखिका)

कार्यकारी सम्पादक''जिन्दगी Live”

त्रैमासिक पत्रिका कोटा (राज.)

ए -178 , रिध्दि सिध्दि नगर ,

कुन्हाड़ी , कोटा (राज.)324008

 

email-racchu68@yahoo.com

2 blogger-facebook:

  1. रचना जी
    आपकी कविता मटका ऒर सुराही तथा गज़ल पढ़ी. मन को छू गई.
    K.P.Tyagi

    उत्तर देंहटाएं
  2. रचन बहुत भी सुन्दर भाव एवं सच्चाई.
    साधु वाद एवं बधाई
    K.P.Tyagi

    उत्तर देंहटाएं

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