शनिवार, 11 जुलाई 2009

आई-पेपर पर पढ़ें रचनाकार की दो नई ई-बुक

अपने कम्प्यूटर स्क्रीन पर ऑनलाइन ई-बुक को मजे से किताब के रूप में पढ़ने के लिए आई-पेपर एक बहुत ही उम्दा प्रोग्राम है. एक बार अवश्य आजमाएँ. रचनाकार की दो नई ई-बुक आई-पेपर पर यहाँ पढ़ें -

Kavyanjali Hindi Poem by Nandlalbharti

तथा -

Katra Katra Ansu Laghu Katha Sangrah by Nandlal Bharti

आप चाहें तो आई-पेपर के ऊपर दी गई कड़ी पर क्लिक कर पूरी ई-बुक किताब आप डाउनलोड कर ऑफलाइन पठन-पाठन के लिए सहेज भी सकते हैं. रचनाकार की पूर्व प्रकाशित 20 से ऊपर ई-बुक को आप इस लिंक http://www.scribd.com/api_user_11797_raviratlami पर जाकर ईपेपर पर पढ़ने का आनंद ले सकते हैं.

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------