रचनाकार

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका

सुरेन्द्र अग्निहोत्री की कविता – मत बोलो अभी!

surender agnihotri-222 (Mobile)

मत बोलो अभी!

जब चिड़िया गा सकती है

राग और विराग

बुझे रहे जब चिराग

फिर हम क्‍यों रहे चुप चाप!

ईश्‍वर की माया कह कर

खुशी की खोज भूल जाये

पानीदारों का कुनबा

सिर्फ नाम को रह जाये

समय के पदचिह्न से

रास्‍ता हम भी खोजेंगे

जब चिड़िया गा सकती है

तो हम भी गायेंगे।

---

सुरेन्‍द्र अग्‍निहोत्री

राजसदन, 120/132,

बेलदारीलेन, लालबाग, लखनऊ

विषय:

एक टिप्पणी भेजें

sundar achna bhaisahab..

sajha karne k liye abhar..!!

HIMANSHU MISRA

भाई साहब आपकी ये रचना बहुत प्रिय लगी आपको बधाई

आपका हिमांशु मिश्र

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

रचनाकार में ढूंढें...

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

randompost

कहानियाँ

[कहानी][column1]

हास्य-व्यंग्य

[व्यंग्य][column1]

लघुकथाएँ

[लघुकथा][column1]

कविताएँ

[कविता][column1]

बाल कथाएँ

[बाल कथा][column1]

लोककथाएँ

[लोककथा][column1]

उपन्यास

[उपन्यास][column1]

तकनीकी

[तकनीकी][column1][http://raviratlami.blogspot.com]

वर्ग पहेलियाँ

[आसान][column1][http://vargapaheli.blogspot.com]
[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget