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सुरेन्द्र अग्निहोत्री की कविता – मत बोलो अभी!

surender agnihotri-222 (Mobile)

मत बोलो अभी!

जब चिड़िया गा सकती है

राग और विराग

बुझे रहे जब चिराग

फिर हम क्‍यों रहे चुप चाप!

ईश्‍वर की माया कह कर

खुशी की खोज भूल जाये

पानीदारों का कुनबा

सिर्फ नाम को रह जाये

समय के पदचिह्न से

रास्‍ता हम भी खोजेंगे

जब चिड़िया गा सकती है

तो हम भी गायेंगे।

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सुरेन्‍द्र अग्‍निहोत्री

राजसदन, 120/132,

बेलदारीलेन, लालबाग, लखनऊ

2 टिप्पणियाँ

  1. sundar achna bhaisahab..

    sajha karne k liye abhar..!!

    जवाब देंहटाएं
  2. HIMANSHU MISRA7:30 pm

    भाई साहब आपकी ये रचना बहुत प्रिय लगी आपको बधाई

    आपका हिमांशु मिश्र

    जवाब देंहटाएं

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