शुक्रवार, 12 नवंबर 2010

रामनारायण उपाध्याय का संकलन – साहित्यकार विनोद के क्षणों में

हिन्दी व्यंग्य को जिन विद्वानों ने समृद्ध किया है उनमें से एक हैं – रामनारायण उपाध्याय. प्रस्तुत है प्रतिभा प्रतिष्ठान से प्रकाशित उनके व्यंग्य संग्रह – मुस्कुराती फ़ाइलें से एक रचना – साहित्यकार विनोद के क्षणों में. वस्तुतः यह साहित्यकारों के आपसी व्यंग्य विनोद का आनंददायी संकलन है. संकलन में प्रेमचंद से लेकर माखनलाल चतुर्वेदी तक के प्रसंगों को संजोया गया है. इसे जेपीजी फ़ॉर्मेट में चित्र के रूप में स्कैन कर प्रस्तुत किया गया है. कृपालु पाठकों से आग्रह है कि इसे डिजिटाइज्ड करने में सहयोग करें. इन पृष्ठों को हिंदी के किसी भी फ़ॉन्ट में टाइप कर हमारे पास भेज दें तो चित्रों को निकाल कर टैक्स्ट उनके विषेश नामोल्लेख के साथ प्रकाशित किया जाएगा. ज्ञातव्य हो कि इंटरनेट पर टैक्स्ट रूप में सामग्री सदैव ही ज्यादा उपयोगी बनी रहती है. व पृष्ठ भी जल्द लोड होता है.

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3 blogger-facebook:

  1. कृपया पूरी पुस्तक छापें.. धन्यवाद. बहुत अच्छा लगा..

    उत्तर देंहटाएं
  2. पंडित रामनारायण दादा का नाम अंतर्जाल पर देखकर मन ख़ुशी से भर गया |कई बार सोचा है की उनकी रचनाये अपने ब्लाग पर डालू पर हमेशा संकोच ही रहा |मेरे दादा रामनारायण उपाध्याय की समस्त साहित्यिक सामग्री मई अन्र्जाल पर डालना चाहती हूँ |तकनिकी ज्ञान के आभाव में मै कुछ कर नहीं प् रही हूँ क्या आप मदद कर सकते है ?

    उत्तर देंहटाएं
  3. रवि साहब ,
    साहित्यकार--विनोद के क्षणों में ----छाप कर आपने
    बहुत उपकार किया.बहुत अच्छा लगा.धन्यवाद्.

    उत्तर देंहटाएं

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